जब चाहो तब ट्रैफिक लाइट हो जाए हरी

ट्रैफिक लाइट्स

ब्रिटेन के न्यूकासल में एक नई तकनीक पर प्रयोग चल रहा है जिससे कार चालक को न केवल ट्रैफिक लाइट्स के बारे में अधिक जानकारी मिल सकेगी, बल्कि इन्हें कंट्रोल करने की ताक़त भी मिल सकेगी.

यह प्रणाली ड्राइवर को बताती है कि उन्हें कितनी तेज़ी से वाहन चलाने की ज़रूरत है ताकि जब वाहन सिग्नल तक पहुंचे तब हरी बत्ती मिले और वाहन को रुकना न पड़े.

किराया होगा कम

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इस नई तकनीक में ऐसा एक मोबाइल ऐप के ज़रिए किया जाएगा जिसे फ़ोन पर डाउनलोड करना होगा.

ट्रैफिक सिग्नल पर लगे सेंसर वाहन को देख कर उससे संबंधित जानकारी कंट्रोल रूम तक पहुंचाएंगे, जहां विशेषज्ञ वाहन की वास्तविक स्थिति देख सकते हैं.

इससे एम्बुलेंस जैसे वाहनों को ट्रैफिक लाइट्स कंट्रोल करने की भी ताकत मिलेगी ताकि ज़रूरत पड़ने पर वे लाल बत्ती को बदल कर हरी कर सकें.

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रात के वक्त, जब सड़क पर वाहनों की आवाजाही कम हो, उस समय टैक्सियां भी इस सुविधा का इस्तेमाल कर सकेंगी.

इससे ट्रैफिक लाइट पर इंतज़ार करने का समय तो कम होगा ही, साथ ही प्रदूषण कम करने और ईंधन बचाने में मदद मिलेगी. इससे टैक्सी किराए में भी कमी आने की उम्मीद है.

साइकिल वालों को भी सहूलियत

साइकिल चलाने वाले भी इस तकनीक का इस्तेमाल कर सकेंगे.

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इससे पैदल सड़क पार करने वालों को रास्ता पार करने के लिए अधिक समय देने में भी मदद मिलेगी.

बीबीसी न्यूज़ की फियोना ट्रॉट के मुताबिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस तकनीक पर अभी और काम करना बाकी है.

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