पुरुषों को 'घरेलू हिंसा और उत्पीड़न' से बचाएगी यह ऐप!

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एक ऐसी ऐप भी है, जो घरेलू हिंसा या उत्पीड़न के शिकार पुरुषों की मदद के लिए बनाई गई है.
'सिफ़' नाम के इस ऐप को तैयार किया है सेव इंडिया फ़ैमिली फ़ाउंडेशन के कोलकाता चैप्टर 'हृदय नेस्ट' ने.
हृदय नेस्ट के महासचिव अमित गुप्ता कहते हैं, “कोई भी पुरुष जो क़ानूनी या किसी तरह का उत्पीड़न झेल रहा है, इस ऐप की मदद ले सकता है. हमसे संपर्क करने वाले ज़्यादातर लोग कम उम्र के हैं."
संगठन ने परेशानी में फंसे पुरुषों के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है.
'अन्याय के ख़िलाफ़ संघर्ष'

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उनका कहना है कि इस ऐप के ज़रिए 25 राज्यों के 50 शहरों में 50 एनजीओ से क़ानूनी मदद के लिए संपर्क किया जा सकता है.
अमित गुप्ता का दावा है कि हेल्पलाइन जारी होने के 50 दिन के भीतर उन्हें 16,000 से ज़्यादा कॉल मिली हैं.
अमित गुप्ता बताते हैं, “सबसे ज़्यादा कॉल मध्य प्रदेश से आई हैं. इनके अलावा कई और देशों से भी कॉल आई हैं."
हृदय नेस्ट का दावा है कि भारत में हर छह मिनट में एक पुरुष आत्महत्या करता है और भारत में पुरुषों पर होने वाली घरेलू हिंसा को सरकार अब भी स्वीकार नहीं करती.
लेकिन क्या इस तरह के ऐप महिलाओं की स्थिति को और कमज़ोर नहीं करेंगे?
इसके जवाब में अमित गुप्ता कहते हैं, "हम यह नहीं कह रहे कि महिलाओं को सुरक्षा नहीं मिलनी चाहिए. हम कह रहे हैं कि उन्हीं परिस्थितियों में पुरुषों को भी सुरक्षा मिले."
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