मोटापा भी 'धूम्रपान जैसा ख़तरनाक'

मोटा व्यक्ति
इमेज कैप्शन, दुनिया के कई देशों में मोटापा एक बड़ी समस्या बन चुका है.

एक शोध से पता चला है कि किशोरावस्था में अत्यधिक मोटा होना या दुबला होने से औसत आयु उतनी ही कम होती है जितनी एक दिन में 10 सिगरेट पीने से कम होती है.

स्वीडन के शोधकर्ता 18 से 38 वर्ष के 46,000 पुरुषों पर शोध के बाद इस नतीजे पर पहुँचे हैं.

ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार मोटा होना या एक दिन में दस सिगरेट पीना समय पूर्व मृत्यु की संभावना को दो गुना बढ़ा देते हैं.

रिपोर्ट के अनुसार बहुत अधिक वज़न होना या बहुत कम वज़न होना या फिर हर दिन 10 या कम सिगरेट पीना आयु को 30 प्रतिशत तक कम कर देते हैं.

दिलचस्प यह है कि धूम्रपान न करने वाले मोटे लोगों को उतना ही ख़तरा होता है जितना धूम्रपान करने वाले मोटे लोगों को.

ओर जिन लोगों का वज़न कम है, यानी जिसका बॉडी मास इंडेक्स 18.5 से कम है, की आयु कम होने का ख़तरा कम होता है, चाहें वो धूम्रपान करते हों या न करते हों.

लेकिन स्वीडन के कैरोलिन्सका इंस्टिट्यूट ने पाया कि जिनका वज़न औसत से बहुत कम होता है, यानी जिनका बॉडी मास इंडेक्स 17 या उससे कम होता है उनकी आयु कम होने का ख़तरा मोटे व्यक्तियों जितना ही होता है.

अध्ययन में 1949 से 1951 के बीच पैदा हुए ऐसे 45,920 लोगों को शामिल किया गया जिन्हें अनिवार्यता के तहत सेना में काम करना पड़ रहा था.

इस समय के सिर्फ़ तीन प्रतिशत लोग थे जिन्हें सेना में काम करने से मुक्त किया गया था.

अध्ययन के मुताबिक़ सामान्य वज़न वाले लोगों में से 3000 की मौत हुई थी, जो सभी श्रेणियों में मरने वाले लोगों में से सबसे कम संख्या थी.

शोध करने वाले दल का नेतृत्व कर रहे डॉ मार्टिन नियोवियस का कहना है, "सामान्य वज़न वाले नवयुवकों की तुलना में उन लोगों की समय पूर्व मृत्यु की संभावना 30 प्रतिशत से कुछ अधिक थी जिनका वज़न 18 वर्ष की उम्र में औसत से अधिक था लेकिन जो मोटापे के शिकार थे उनकी समय पूर्व मृत्यु के आसार 50 प्रतिशत से अधिक पाई गई."

उनका कहना है कि समय पूर्व मृत्यु की संभावना पर धूम्रपान करने या न करने का असर नहीं पड़ता.

वज़न को लेकर काम करने वाली स्वयंसेवी संस्था वे-कंसर्न के डॉ इयान कैंपबेल ने इस अध्ययन के नतीजों को 'दिलचस्प' बताया है.

उनका कहना है, "जब अधिक वज़न वाला कोई मरीज़, जो धूम्रपान भी करता है, हमसे पूछता है कि सबसे पहले वह किस ओर ध्यान दे तो हम अपने स्वाभाविक विवेक से कहते आए हैं कि उसे धूम्रपान छोड़ने पर पहले ध्यान देना चाहिए. लेकिन यह शोध बताता है कि पहले वज़न पर ध्यान देना चाहिए."

ब्रिटिश हार्ट फ़ाउंडेशन की बेट्टी मैकब्राइड का कहना है, "सरकार को मोटापे को नियंत्रित करने के लिए उसी तरह ध्यान देना चाहिए जिस तरह धूम्रपान करने की आदत कम करने के लिए दिया जाता रहा है."

उनका कहना है कि युवाओं में अधिक वज़न होने और मोटापे की समस्या बढ़ती जा रही है और इसकी वजह से अगली पीढ़ी अपने परिजनों की तुलना में बीमारियों का सामना ज़्यादा कर रहे हैं.