चीन में क्रैश के बाद भारत ने बोइंग 737 विमानों की क्यों बढ़ाई निगरानी?
इमेज स्रोत, AirTeamImages.com
- Author, अन्नाबेल लियांग
- पदनाम, बिज़नेस संवाददाता
- पढ़ने का समय: 3 मिनट
चीन में सोमवार को बोइंग का एक यात्री विमान हवा में अचानक ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया. उसके बाद भारत ने भी बोइंग विमानों को लेकर अपने यहां सतर्कता बढ़ा दी है.
भारत में विमान उड़ानों का नियमन करने वाली संस्था 'डीजीसीए' (डायरेक्टर जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन) ने इस बारे में दिशानिर्देश जारी किए हैं. डीजीसीए ने सभी बोइंग 737 विमानों पर पहले से कहीं ज़्यादा नज़र रखने का आदेश जारी किया है.
डीजीसीए के मुताबिक़, ''उड़ान प्रक्रियाओं पर नज़र रखने, विमानों की उड़ान भरने की योग्यता परखने और उनके संचालन को जांचने'' के लिए टीमें भेजी गई हैं.
डीजीसीए के प्रमुख अरुण कुमार ने कहा है, ''उड़ानों की सेफ़्टी काफ़ी गंभीर मसला है और हम लोग हालात पर बारीक़ नज़र बनाए हैं. फ़िलहाल हमने बोइंग 737 विमानों के अपने बेड़े की निगरानी पहले से ज़्यादा बढ़ा दी है.''
मालूम हो कि भारत में स्पाइस जेट, विस्तारा और एयर इंडिया एक्सप्रेस सभी के बेड़े में बोइंग 737 विमान हैं.
बीबीसी ने अमेरिका, यूरोप और चीन के विमानन क्षेत्र के नियामकों से भी उनके कमेंट्स जानने के लिए संपर्क किया है.
बोइंग ने की जांच में मदद की पेशकश
वहीं इस विमान को बनाने वाली अमेरिकी कंपनी बोइंग ने कहा है कि उनके टेक्निकल एक्सपर्ट्स चीन में हुई दुर्घटना की जांच में मदद करने को तैयार हैं. साथ ही, अमेरिका की नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ़्टी बोर्ड (एनटीएसबी) के साथ भी बातचीत बनाए हुए है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
बोइंग ने सोमवार को इस बारे में सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्विटर पर ट्वीट कर ये पेशकश की थी.
कंपनी ने उससे पहले इस दुर्घटना में मारे गए लोगों और चालक दल के सदस्यों के प्रति अपनी संवेदना ज़ाहिर करते हुए भी मदद की पेशकश थी.
बोइंग के सीईओ डेविड कैल्हॉन ने कहा, ''हादसा होने के बाद से ही हम अपने कस्टमर और नियामक संस्था के नजदीकी संपर्क में हैं. हमने सिविल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन आफ़ चाइना के द्वारा हो ही जांच में अपने तकनीकी जानकारों के पूर्ण सहयोग देने की पेशकश की है.''
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी कंपनी अपने कस्टमर और हादसे की जांच में हर संभव मदद करने को तैयार है.
सिविल एविएशन सेक्टर के आंकड़ों पर नज़र रखने वाली कंपनी सिरियम के अनुसार, दुनिया में फ़िलहाल बोइंग 737-800 के 4,208 विमान सक्रिय हैं. इनमें से एक चौथाई से अधिक विमान तो केवल चीन में ही हैं.
बोइंग 737-800 विमानों का उत्पादन सबसे पहले 1997 से होना शुरू हुआ था. इसका सेफ़्टी रिकॉर्ड काफ़ी शानदार रहा है. हालांकि चीन में सोमवार को जो विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ, वो केवल 7 साल पुराना ही था.
कंपनी के अब दो बोइंग 737 मैक्स विमानों के साथ दो हादसे हो चुके हैं. इनमें कुल 346 लोग मारे गए थे.
इमेज स्रोत, Reuters
सोमवार को चीन में हुआ हादसा
मालूम हो कि सोमवार को चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस का एक बोइंग 737-800 विमान, जो दक्षिणी चीन के कुनमिंग से ग्वांगझू जाते वक़्त आसमान में अचानक से दुर्घटनाग्रस्त हो गया था.
चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए एक हॉटलाइन बनाया है. इसने "मरने वाले यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के लिए अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है."
इस हादसे में विमान में सवार सभी 132 लोगों के मारे जाने की आशंका है. बचाव दल अभी भी अपना काम कर रहे हैं लेकिन अभी तक हादसे की प्रामाणिक वजह पता नहीं चल सकी है.
इस विमान का मलबा ग्वांग्सी की पहाड़ियों में गिरा है. विमान के 'ब्लैक बॉक्स' की तलाश हो रही है और उसके मिलने के बाद ही असल कारणों का पता लगने की उम्मीद है.
इन्वेस्टमेंट बैंक कोवेन में एक एनालिस्ट काई वॉन रुमोर ने कहा: "बोइंग की 737 मैक्स के साथ हुई दिक़्क़तों को देखते हुए ये हो सकता है कि कई यात्री 737 विमान से उड़ान भरना नहीं चाहते, जब तक कि चीन के इस हादसे की असल वजह डिजाइन या मैन्यूफ़ैक्चरिंग दिक़्क़्तों का पता न चल जाए. इसलिए, हादसे की वजह को तय करना अहम होगा."
ताज़ा हादसे के बाद न्यूयॉर्क में सोमवार को बोइंग के शेयर की क़ीमत में 3.5 फ़ीसदी की गिरावट आ गई. मंगलवार को शंघाई में बोइंग के शेयर में 6 फ़ीसदी से अधिक की कमी दर्ज की गई
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
टॉप स्टोरी
ज़रूर पढ़ें
सबसे अधिक लोकप्रिय
सामग्री् उपलब्ध नहीं है