गुजरात सीएम विजय रूपाणी इन 7 सवालों पर क्या बोले?
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- Author, अंकुर जैन
- पदनाम, संपादक, बीबीसी गुजराती
गुजरात में 9 दिसंबर, 2017 से शुरू हो रहे विधानसभा चुनाव को राजनीतिक सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं.
प्रधानमंत्री मोदी से लेकर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी गुजरात में तमात जगहों पर अपनी रैलियां कर चुके हैं.
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने बीबीसी से बात करते चुनाव से जुड़े सात मुख्य सवालों पर अपने जवाब दिए.
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सवाल 1. आप गुजरात सीएम हैं लेकिन सत्ता का केंद्र दिल्ली में हैं.
जवाब: गुजरात और केंद्र में बीजेपी की सरकार है, ऐसे में केंद्र सरकार अगर हमारा मार्गदर्शन कर रही है तो इसमें ग़लत क्या है.
सवाल 2. गुजरात में हुए विकास का सोशल मीडिया पर 'विकास पगला गया है' जैसे ट्रेंड से मजाक़ उड़ाए जाने पर आप क्या कहना चाहेंगे?
जवाब: कांग्रेस की पेड सोशल मीडिया आर्मी इस तरह के सोशल ट्रेंड हमारे ख़िलाफ़ चला रही है. लोग सड़कों पर गढ्ढों का मजाक़ उड़ाते हैं लेकिन गढ्ढे इसलिए हैं क्योंकि हमने सड़कें बनाईं. कांग्रेस ने सड़कें ही नहीं बनाईं तो कोई उनका मजाक़ नहीं उड़ाता.
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सवाल 3. राहुल गांधी ने बेरोजगारी से जुड़ें आंकड़े दिए हैं, उन पर आपका क्या कहना है?
जवाब: राहुल गांधी ने ग़लत आंकड़े दिए हैं जो प्रामाणित नहीं हैं. गुजरात बीते 14 सालों से नौकरियों के मामले में पहले पायदान पर है. बीते साल 84 फ़ीसदी नौकरियां पैदा हुई थीं और 72 हज़ार लोगों को नौकरियां दी गईं थीं.
सवाल 4. बीजेपी पाटीदार समुदाय की ओर से विरोध क्यों झेल रही है?
जवाब: पाटीदार समुदाय बीजेपी के ख़िलाफ़ नहीं है. पाटीदारों की सभी चार मांगों को मान लिया गया है. हम 50 फ़ीसदी से ज़्यादा आरक्षण नहीं कर सकते.
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सवाल 5. अगर पाटीदार बीजेपी के साथ हैं तो हार्दिक पटेल की रैली में क्यों इतने लोग दिख रहे हैं?
जवाब: ये पाटीदार नहीं हैं. ये कांग्रेसी रैलियां हैं. मंचों पर भी कांग्रेस के प्रतिनिधि रहते हैं. इसके साथ ही अगर कोई रैलियों में भीड़ लेकर आ रहा है तो इसका मतलब ये नहीं कि वो चुनाव जीत सकता है.
सवाल 6. आप छात्र राजनीति से निकलकर आए हैं. ऐेसे में हार्दिक, जिग्नेश और अल्पेश जैसे युवा राजनेताओं को देखकर कैसा लगता है?
जवाब: मैं बिलकुल भी ख़ुश नहीं हूं. हम नैतिक राजनीति करते हुए बड़े हुए हैं और अभी भी कर रहे हैं. लेकिन जाति के नाम पर लोगों को अलग-थलग करना अच्छी राजनीति नहीं है. ये कांग्रेस की कठपुतलियां हैं. ये लोग जाति के नाम पर हमें बांटकर देश को कमजोर कर रहे हैं. ऐसा नेतृत्व लोगों को धोखा देता है. कांग्रेस इस भ्रम में है कि ये तिकड़ी उसे चुनाव जिता देगी.
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सवाल 7. आप दलितों से कोई संवाद क्यों नहीं करते?
जवाब: क्या जिग्नेश सच में दलितों का प्रतिनिधित्व करते हैं? उना मामले को डेढ़ साल बीत चुका है. कितने दलितों ने आकर इस मुद्दे पर विरोध किया? बीजेपी इस घटना के बाद उना के समधियाला में चुनाव जीत चुकी है.
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