लड़कियों ना होइए बेकरार, यहां ख़ूब मिलेंगे यार

इमेज स्रोत, Facebook

    • Author, सिंधुवासिनी
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, नई दिल्ली

सोचिए कि कोई लड़की पढ़ाई, नौकरी या किसी और काम से दूसरे शहर में गई है. वहां उसे नए माहौल में एडजस्ट होने में दिक़्क़त हो रही है, दोस्त भी नहीं हैं.

ऐसे में अगर उसे अपने जैसी ही कोई दूसरी लड़की मिल जाए और वे दोस्त बन जाएं तो उनकी ज़िंदगी कितनी आसान हो जाएगी! ज़माना इंटरनेट का है.

मोबाइल ऐप और सोशल नेटवर्किंग साइट्स के जरिए दोस्त बनाना आसान हो गया है लेकिन 'हील द वर्ल्ड' (Heel The World) एक ऐसा ऐप है जो लड़कियों को लड़कियों से कनेक्ट करता है.

कई साल दिल्ली में गुजारने के बाद 27 साल की मेघा कुलकर्णी बेंगलुरु शिफ्ट हुईं इसलिए उन्हें खुद को नए माहौल में ढालने में परेशानी हो रही थी.

उन्होंने बताया,''बेंगलुरु में मुझे अकेलापन महसूस होता था. नई जगह पर दोस्त बनाना भी आसान नहीं था लेकिन ऐप के ज़रिए मैं कुसुम गौड़ा नाम की लड़की से मिली और हमारे बीच काफी अच्छी दोस्ती हो गई.''

इमेज स्रोत, facebook

इमेज कैप्शन, मेघा कुलकर्णी

ऐप के फाउंडर एबल जोसेफ पहले एक डेटिंग ऐप (Aisle) चलाते थे. उन्होंने बताया,''हमारी कुछ यूजर लड़कियों ने ही हमें सुझाव दिया कि हमें सिर्फ़ लड़कियों के लिए भी कुछ ऐसा ही करना चाहिए.

मुझे भी आइडिया अच्छा लगा और दो महीने में हमने यह ऐप लॉन्च कर दिया. हमें काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला है. हम चाहते हैं कि यह छोटे शहरों में भी पॉपुलर हो.''

यह ऐप 100 किलोमीटर के दायरे में रहने वाली ऐसी महिलाओं को जोड़ता है जिनकी पसंद नापसंद एक जैसी है. इसे फ़ेसबुक के जरिए भी लॉग-इन किया जा सकता है.

ऐप में 8 कैटिगरी दी गई हैं- न्यू इन टाउन, फ़िटनेस फ़ोक, बुक वॉर्म, ट्रैवल बी, स्टूडेंट, आंत्रप्रन्योर, आर्टिस्ट और मदर. इनमें से आप कोई तीन चुन सकते हैं.

ऐप में एज रेंज (18-50 प्लस) और दूरी (1-100 किलोमीटर) चुनने का भी ऑप्शन है. ऐप इंस्टॉल करके अपनी पसंद की कैटिगरी और प्राथमिकताएं चुननी होंगी और मोबाइल फ़ोन में लोकेशन ऑन रखना होगा.

इसके बाद आपको अपने आस-पास की आप जैसी यूजर्स मिलेंगी. आपको उनकी प्रोफ़ाइल लाइक करनी होगी. प्रोफाइल लाइक करते ही उन्हें एक नोटिफिकेशन मिलेगा और अगर उन्होंने भी आपका प्रोफाइल लाइक किया तो आप चैट कर सकेंगे. यानी बातचीत आपसी सहमति के बाद ही हो सकेगी, जबरन नहीं.

चेन्नई में रहने वाली स्वाति अरुमुगम को ट्रैवलिंग का बहुत शौक है और इस ऐप के जरिए उन्होंने कुछ अच्छे दोस्त बनाए हैं. अब वो जल्दी ही उनके साथ टूर पर निकलने वाली हैं.

स्वाति ने बताया, ''मैं बचपन में डाइलेक्सिक थी. आस-पास के लोग मेरी दिक्कत समझ नहीं पाते थे. इसलिए मेरे अंदर घुलने-मिलने की आदत नहीं बन पाई. दोस्त बनाना मेरी लिए उतना आसान नहीं है, जितना बाकियों के लिए. लेकिन इस ऐप से मुझे काफी मदद मिली.''

इमेज स्रोत, Facebook

इमेज कैप्शन, श्रीवन्ती वेंकटेश

मेघा को लगता है कि इस ऐप को बहुत अच्छी तरह डिजाइन किया गया है, लेकिन लड़कियों को इसे अच्छी तरह इस्तेमाल करना सीखना होगा. वो कहती हैं कि फिलहाल लड़कियां इसे कैजुअल चिट-चैट के लिए इस्तेमाल कर रही हैं जबकि इसका बेहतर प्रयोग किया जा सकता है.

सेंटर फॉर रिहैबिलिटेशन ऐंड डेवलपमेंट में क्लिनिकल साइकॉलजिस्ट श्रीवन्ती वेंकटेश का मानना है कि किसी भी लड़की के लिए उसके दोस्तों का सपोर्ट होना बहुत मायने रखता है.

वह कहती हैं,"महिलाएं मजबूत होती हैं लेकिन उनके पास सपोर्ट सिस्टम का अभाव होता है. इसलिए हील द वर्ल्ड जैसे ऐप काफी मददगार साबित हो सकते हैं.''

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)