क्या हद पार कर रही हैं ट्विटर और फ़ेसुबक जैसी कंपनियां? : दुनिया जहान
इमेज स्रोत, SOPA Images
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कार्यकाल ख़त्म होने के ठीक पहले सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर ने उन पर बैन लगा दिया. फ़ेसबुक और यूट्यूब ने भी उनके अकाउंट को सस्पेंड कर दिया.
ट्रंप के कई समर्थकों पर भी रोक लगाई गई. ऐसी ही रोक दूसरी जगहों पर भी नज़र आती है.
इसे लेकर ही सवाल उठ रहे हैं कि क्या ये कंपनियां बोलने की आज़ादी पर रोक लगाने के लिए हद पार कर रही हैं? दुनिया जहान में हमने की पड़ताल, सुनिए मोहन लाल शर्मा से
प्रोड्यूसर- वात्सल्य राय
प्रेज़ेंटर- मोहनलाल शर्मा
पॉडकास्ट को सब्सक्राइब करें:
मोज़िला फ़ायरफ़ॉक्स ब्राउज़र और गूगल क्रोम आरएसएस फ़ीड को सपोर्ट नहीं करते. मोज़िला फ़ायरफ़ॉक्स पर पॉडकास्ट सुनने के लिए आप इन प्लग-इन और गूगल क्रोम के लिए आप इस प्लग-इन का इस्तेमाल कर सकते हैं.
दूसरे सभी आरएसएस रीडर पर पॉडकास्ट फ़ीड को सब्सक्राइब किया जा सकता है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकतेहैं.)
टॉप स्टोरी
ज़रूर पढ़ें
सबसे अधिक लोकप्रिय
सामग्री् उपलब्ध नहीं है