अमेरिका समेत दुनिया के इन देशों में पेट्रोल की क़ीमत में भारी बढ़ोतरी
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इमेज कैप्शन, ब्रेंट क्रूड की एक बैरल की क़ीमत 73 डॉलर से बढ़कर 31 मार्च को क़रीब 117 डॉलर तक पहुंच गई है (प्रतीकात्मक तस्वीर)
इसराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग शुरू होने के बाद से कच्चे तेल की क़ीमत आसमान छू रही है.
ब्रेंट क्रूड की एक बैरल की क़ीमत 73 डॉलर से बढ़कर 31 मार्च को क़रीब 117 डॉलर तक पहुंच गई है.
ऊर्जा की थोक क़ीमतों में बढ़ोतरी का असर सबसे पहले पेट्रोल पंप पर दिखता है और यह असर दुनिया भर में देखा जा रहा है.
अमेरिका में पेट्रोल की औसत क़ीमत में संघर्ष शुरू होने के बाद एक डॉलर की बढ़ोतरी हुई है और अब यह क़रीब चार साल में पहली बार 4 डॉलर प्रति गैलन (3.78 लीटर) के पार पहुंच गई है.
ब्रिटेन में पेट्रोल की औसत क़ीमत में 14 फ़ीसदी और डीज़ल में 27 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई है.
कुछ देशों, जैसे श्रीलंका और बांग्लादेश ने ईंधन की राशनिंग शुरू कर दी है, और पिछले हफ़्ते स्लोवेनिया ऐसा करने वाला यूरोपीय संघ का पहला देश बन गया.
ऑस्ट्रेलिया में बढ़ती क़ीमतों से राहत देने के लिए तीन महीने के लिए ईंधन पर लगने वाला टैक्स आधा कर दिया गया है, जबकि दो राज्यों में लोगों को गाड़ी नहीं चलाने पर अस्थायी रूप से मुफ़्त पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा दी जा रही है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने तेहरान में अपने दफ़्तर के पास हुए हमलों की निंदा की
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इमेज कैप्शन, डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम गेब्रियेसस ने कहा कि इन हमलों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता (फ़ाइल फ़ोटो)
विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम गेब्रियेसस ने एक्स पर पोस्ट कर तेहरान में इसराइल-अमेरिका के हमलों की निंदा की है.
उन्होंने एक्स पर लिखा, “पिछली दो रातों के दौरान ईरान की राजधानी तेहरान में विश्व स्वास्थ्य संगठन के दफ़्तर के पास हमले हुए हैं, जिससे खिड़कियों के शीशे टूट गए.”
उन्होंने लिखा कि, "ख़ुशक़िस्मती से डब्ल्यूएचओ के ईरान दफ़्तर के सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं और कोई भी घायल नहीं हुआ है."
"पहले से साफ तौर पर चिन्हित डब्ल्यूएचओ और दूसरी संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के परिसरों को निशाना बनाना और उनकी गतिविधियों को प्रभावित करना, बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और हर हाल में इससे बचा जाना चाहिए."
पाकिस्तान में एक स्कूल पर क़ब्ज़े की कोशिश, सुरक्षा बलों से मुठभेड़ में 10 चरमपंथियों की मौत
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इमेज कैप्शन, एरियल फ़ुटेज में एक ऑटो रिक्शा के पास कुछ लोग दिखाई दे रहे हैं, लेकिन जैसे ही विस्फोट होता है, उनमें से कुछ गिर जाते हैं, कुछ भागने लगते हैं
पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह में एक स्कूल पर क़ब्ज़े की कोशिश के दौरान सुरक्षा बलों ने 10 चरमपंथियों को मारा है.
बीबीसी उर्द के मुताबिक़, सुरक्षा बलों ने खै़बर ज़िले की बारा तहसील के अकाखेल में एक स्कूल में प्रतिबंधित संगठन का झंडा फहराने वाले सशस्त्र चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की है, जिसमें 10 सशस्त्र चरमपंथी मारे गए.
एरियल फुटेज में एक ऑटो रिक्शा के पास कुछ लोग दिखाई दे रहे हैं, लेकिन जैसे ही विस्फोट होता है, उनमें से कुछ गिर जाते हैं, कुछ भागने लगते हैं और कुछ हवा में गोली चलाने की कोशिश भी करते हैं.
यह वीडियो सुरक्षा सूत्रों ने पत्रकारों को उपलब्ध कराया था, हालांकि बीबीसी इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है.
घटना का एक अलग वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कथित चरमपंथी स्कूल के अंदर प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) का झंडा लहराते हुए भी देखे जा सकते हैं.
मध्य पूर्व में शांति के लिए पाकिस्तान और चीन ने दिए ये पांच सुझाव
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इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक़ डार और चीन के विदेश मंत्री वांग ई
चीन के विदेश मंत्री वांग ई और पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक़ डार ने आज यानी मंगलवार को चीन के बीजिंग में मुलाक़ात की.
इस दौरान दोनों ने मिडल ईस्ट की स्थिति की समीक्षा की.
दोनों देशों ने व्यवस्था बहाल करने के लिए इन पांच सूत्री उपायों का प्रस्ताव रखा है.
1. संघर्ष फौरन रुकना चाहिए
चीन और पाकिस्तान ने तुरंत लड़ाई रोकने और संघर्ष को फैलने से रोकने के लिए हर संभव कोशिश करने की अपील की. साथ ही जंग से प्रभावित सभी क्षेत्रों में मानवीय सहायता पहुंचने दी जानी चाहिए.
2. जल्द से जल्द शांति वार्ता शुरू हो
जितनी जल्दी हो सके, शांति वार्ता शुरू की जाए. ईरान और खाड़ी देशों की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता, राष्ट्रीय स्वतंत्रता और सुरक्षा की रक्षा की जानी चाहिए. विवादों के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति ही एकमात्र प्रभावी रास्ता है.
3. आम लोगों और गैर-सैन्य ठिकानों की सुरक्षा
सैन्य संघर्ष में नागरिकों की सुरक्षा के सिद्धांत का पालन किया जाना चाहिए. चीन और पाकिस्तान ने सभी पक्षों से अपील की कि वो फौरन नागरिकों और गैर-सैन्य ठिकानों पर हमले बंद करें और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पूरी तरह पालन करें. ऊर्जा, पानी शुद्धिकरण संयंत्र, बिजली घर और शांतिपूर्ण परमाणु ढांचे पर हमले रोके जाएं.
4. समुद्री रास्तों की सुरक्षा
स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ और इसके आसपास का क्षेत्र वैश्विक स्तर पर सामान और ऊर्जा की आपूर्ति के लिए एक अहम समुद्री मार्ग है. चीन और पाकिस्तान ने अपील की है कि यहां फंसे जहाजों और उनके चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, नागरिक और व्यावसायिक जहाज़ों को जल्द और सुरक्षित रास्ता दिया जाए, और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में सामान्य आवाजाही जल्द बहाल की जाए.
5. संयुक्त राष्ट्र की भूमिका
चीन और पाकिस्तान ने सच्चे बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने, मिलकर यूनाइटेड नेशन्स की भूमिका को मज़बूत करने और यूएन चार्टर व अंतरराष्ट्रीय क़ानून के सिद्धांतों के आधार पर स्थायी शांति के लिए एक व्यापक समझौते का समर्थन करने की बात कही.
आईएएस अधिकारी रिंकू राही का इस्तीफ़ा, काम और फ़ील्ड पोस्टिंग न मिलने से थे नाराज़
इमेज कैप्शन, रिंकू सिंह राही (फ़ाइल फोटो)
साल 2022 बैच के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही ने इस्तीफ़ा दे दिया है. उन्होंने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में इस्तीफ़े की वजह बताई है.
उनका कहना है उन्हें काम या फ़ील्ड पोस्टिंग नहीं मिल रही थी और इसी से परेशान होकर उन्होंने इस्तीफ़ा दिया है. वो लंबे समय से राजस्व परिषद में अटैच थे.
अलीगढ़ के रिंकू राही ने साल 2022 में यूपीएससी की परीक्षा में कामयाबी हासिल की थी. रिंकू ने लंबे संघर्ष के बाद यूपीएससी की परीक्षा क्रैक की थी.
यूपीएससी क्रैक करने के बाद उन्होंने बीबीसी को इंटरव्यू दिया था. नीचे आप उनका बीबीसी हिन्दी को दिया पुराना इटरव्यू देख सकते हैं.
वीडियो कैप्शन, यह इंटरव्यू उन्होंने यूपीएससी क्रैक करने के बाद साल 2022 में बीबीसी हिंदी को दिया था.
ट्रंप और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ अपने सहयोगी देशों से लगातार हो रहे हैं नाराज़, बर्न्ड डीबसमन जूनियर, बीबीसी संवाददाता
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इमेज कैप्शन, ट्रंप प्रशासन अपने सहयोगियों की कम भागीदारी से नाराज़ होता दिख रहा है
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और अमेरिका के जॉइन्ट चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ डैन कैनी ने पेंटागन में मीडिया को संबोधित किया.
हालांकि इससे बहुत कम जानकारियां सामने आईं जिससे दुनिया को ईरान में जारी जंग की दिशा समझने में मदद मिल सके.
लेकिन एक बात साफ़ तौर पर सामने आई कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन अपने सहयोगियों की कम भागीदारी से नाराज़ होता दिख रहा है, खासकर स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में शिपिंग सुरक्षा के मुद्दे पर.
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रुथ सोशल पर अपने सहयोगियों से “थोड़ी हिम्मत जुटाने” और स्ट्रेट ऑफ़ होमुर्ज़ को “बस अपने कब्ज़े में लेने” को कहा था.
सीबीएस, जो बीबीसी का अमेरिकी न्यूज़ पार्टनर है, उसको दिए एक संक्षिप्त फ़ोन इंटरव्यू में ट्रंप ने इस बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि सहयोगियों को “अपना काम ख़ुद करना होगा.”
हेगसेथ ने भी इस नाराज़गी को दोहराते हुए कहा कि अमेरिका ने “कामयाबी के लिए हालात तैयार कर दिए हैं” और होर्मुज़ स्ट्रेट “सिर्फ अमेरिका की परेशानी नहीं है.”
पेंटागन ब्रीफिंग या ट्रंप के पहले के पोस्ट में यह बात सीधे तौर पर नहीं कही गई, लेकिन विदेशी अधिकारियों ने बार-बार इस तथ्य की ओर इशारा किया है कि क़रीब एक महीने पहले ईरान पर अमेरिका-इसराइल हमलों की शुरुआत से पहले स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ व्यापार के लिए खुला हुआ था.
अमेरिका के रक्षा मंत्री बोले- ट्रंप वह कर रहे हैं जो किसी और राष्ट्रपति में करने की हिम्मत नहीं थी
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इमेज कैप्शन, अमेरिका के राक्षा मंत्री ने मंगलवार को पत्रकारों को संबोधित किया
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने आज यानी मंगलवार को प्रेस को संबोधित किया.
उन्होंने कहा कि, "बीते वीकेंड उन्होंने इस ऑपरेशन में शामिल सैनिकों से मुलाक़ात की. हालांकि उन्होंने सुरक्षा कारणों की वजह से मिलने वाले जगह का नाम नहीं बताया."
हेगसेथ ने आगे कहा कि, "अमेरिका की सैन्य ताकत बढ़ रही है, जबकि ईरान की ताकत घट रही है."
उन्होंने यह भी कहा कि, "राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वह कर रहे हैं, जो किसी और राष्ट्रपति में करने की हिम्मत नहीं थी."
हेगसेथ के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों की संख्या सबसे कम रही है. उन्होंने कहा कि, "ईरानी सेना का मनोबल गिर रहा है, जिससे सैनिकों के पलायन और सैन्य नेतृत्व में निराशा बढ़ रही है."
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा- आपकी मदद के लिए अब अमेरिका आगे नहीं आएगा
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इमेज कैप्शन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा है कि जिन्हें तेल नहीं मिल रहा वो देश जाकर अपना तेल खुद ले लें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि “ब्रिटेन जैसे देश, जिन्हें स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के आसपास लगी पाबंदियों की वजह से विमान के लिए ईंधन नहीं मिल पा रहा है, उन्हें थोड़ी हिम्मत जुटानी चाहिए, और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ तक जाना चाहिए और उसे ले लेना चाहिए.”
ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि, “देशों को अब खुद के लिए लड़ना सीखना होगा, अमेरिका अब आपकी मदद के लिए नहीं आएगा, जैसे आप हमारे लिए नहीं आए थे.”
उन्होंने यह बात उन देशों के लिए कही जो ईरान के ख़िलाफ़ कार्रवाई में शामिल होने से पीछे हट गए थे.
उन्होंने आगे लिखा, “ईरान को मूल रूप से तबाह कर दिया गया है. मुश्किल काम पूरा हो चुका है,”
राष्ट्रपति ट्रंप ने आख़िर में कहा- "जाकर अपना तेल खुद ले लो."
ट्रुथ सोशल पर किए गए एक और पोस्ट में उन्होंने कहा कि, "फ़्रांस ने इसराइल के लिए सैन्य सामान ले जा रहे विमानों को अपने हवाई क्षेत्र से गुज़रने की अनुमति नहीं दी."
“फ़्रांस ने ईरान के मामले में बिल्कुल मदद नहीं की है. जिसे सफलतापूर्वक ख़त्म कर दिया गया है.”
पोस्ट के आख़िर में अमेरिकी राष्ट्रपति ने लिखा, “अमेरिका इसे याद रखेगा.”
कार्टून: रुपये का मान
इमेज कैप्शन, डॉलर के मुक़ाबले रुपये में गिरावट पर आज का कार्टून.
कोड ऑफ़ कंडक्ट के उल्लंघन के लिए पाकिस्तानी क्रिकेटर फख़र ज़मान पर कार्रवाई
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इमेज कैप्शन, पाकिस्तानी क्रिकेटर फख़र ज़मान (फ़ाइल फोटो)
पाकिस्तानी बैटर फख़र ज़मान को एचबीएल पाकिस्तान सुपर लीग के दो मैचों से निलंबित कर दिया गया है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने आज यानी मंगलवार को इसकी पुष्टि की.
उन्हें खिलाड़ियों और खिलाड़ी सहयोगी स्टाफ के लिए लागू कोड ऑफ़ कंडक्ट के अनुच्छेद 2.14 के उल्लंघन के तहत लेवल-तीन अपराध का दोषी पाया गया. यह घटना रविवार, 29 मार्च को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में लाहौर कलंदर्स और करांची किंग्स के बीच खेले गए मैच के दौरान हुई थी.
यह घटना मैच के आखिर में हुई, जब ऑन-फील्ड अंपायरों ने लाहौर कलंदर्स पर पांच रन की पेनल्टी लगाई और कराची किंग्स की बल्लेबाज़ी के आखिरी ओवर से पहले गेंद बदल दी गई.
ऑन-फील्ड अंपायर शाहिद सैकत, फ़ैसल ख़ान अफ़रीदी, टीवी अंपायर आसिफ़ याकूब और चौथे अंपायर तारिक़ रशीद ने ये आरोप लगाया है.
फख़र ने आरोप से इनकार किया और कोड ऑफ़ कंडक्ट के मुताबिक इस आरोप को चुनौती दी.
लेकिन सुनवाई के बाद ये फ़ैसला लिया गया है.
लाहौर कलंदर्स का अगला मुक़ाबला शुक्रवार, 3 अप्रैल को गद्दाफी स्टेडियम में मुलतान सुल्तान्स के ख़िलाफ होगा, जबकि 9 अप्रैल को कराची के नेशनल बैंक स्टेडियम में इस्लामाबाद यूनाइटेड से भिड़ंत होगी.
फ़लस्तीनियों को फांसी देने वाले इसराइल के नए क़ानून की इस्लामी देशों के संगठन ने निंदा की
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इमेज कैप्शन, ओआईसी ने इसे एक ख़तरनाक और अप्रत्याशित क़दम बताया है (प्रतीकात्मक तस्वीर)
इसराइल की संसद कनेसेट ने एक ऐसा क़ानून पास किया है, जिसके तहत 'आतंकी हमलों में दोषी' ठहराए गए फ़लस्तीनियों को 90 दिनों के अंदर मौत की सज़ा दे दी जाएगी.
इस्लामी देशों के संगठन ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन यानी ओआईसी ने एक्स पर पोस्ट कर इस क़ानून की आलोचना की है.
ओआईसी ने जारी प्रेस रिलीज़ में कहा है कि, “ओआईसी के महासचिवालय ने तथाकथित इसराइली संसद द्वारा इस क़ानून को मंज़ूरी दिए जाने की कड़ी निंदा की है. ओआईसी ने इसे एक ख़तरनाक और अप्रत्याशित क़दम बताया, जो फ़लस्तीनी क़ैदियों की हत्या और राजनीतिक फांसी को वैधता देने जैसा है."
संगठन ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय मानवीय क़ानून, विशेष रूप सेफ़ोर्थ जिनेवा कन्वेंशन और इंटरनेशनल कॉवनेंट ऑन सिविल एंड पॉलिटिकल राइट्स का खुला उल्लंघन है.
घुसपैठ को मुद्दा बनाने के सवाल पर बोले असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा
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इमेज कैप्शन, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा
असम में 9 अप्रैल को विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इस चुनाव में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा घुसपैठ को मुद्दा बना रहे हैं.
जब एक रिपोर्टर ने उनसे पूछा कि पिछले 10 साल से आपकी सरकार है, आप और कब तक घुसपैठ को मुद्दा बनाते रहेंगे?
इसके जवाब में मुख्यमंत्री हिमंत ने कहा कि, “जब तक बांग्लादेश दुनिया में रहेगा, तब तक घुसपैठिए आते ही रहेंगे और हम इससे जूझते रहेंगे.”
“यह कोई इमारत बनाने की बात नहीं है कि हम इसके लिए कोई डेडलाइन दे सकें. इसलिए जब तक भारत और बांग्लादेश साथ-साथ रहेंगे, तब तक हम इससे जूझते ही रहेंगे.”
इसराइल-अमेरिका और ईरान जंग में अब तक कहां कितनी मौतें हुई
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इमेज कैप्शन, 7 मार्च को हुए इसराइल-अमेरिका के हमले के बाद तेहरान से उठता धुआं
28 फ़रवरी से अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच जंग शुरू होने के बाद से पूरे क्षेत्र में मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है.
अब तक साढ़े चार हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें सबसे ज़्यादा लोग ईरान में मारे गए हैं.
कहां कितनी मौतें?
ईरान:अमेरिका स्थित संगठन ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट इन ईरान के मुताबिक, जंग शुरू होने के बाद से ईरान में 3,492 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 1,574 आम नागरिक शामिल हैं. साथ ही कम से कम 236 बच्चों की भी मौत हुई है.
इसराइल:इसराइल की एंबुलेंस सेवा मेगन डेविड एडोम (एमडीए) के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद से मिसाइल हमलों में 19 लोगों की मौत हुई है. इसके अलावा, इसराइली सेना के अनुसार लेबनान में नौ इसराइली सैनिक मारे गए हैं.
लेबनान:लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 28 फ़रवरी के बाद से वहां 1,247 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 124 बच्चे शामिल हैं.
खाड़ी क्षेत्र:अब तक खाड़ी देशों में कम से कम 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें ज़्यादातर सुरक्षा बलों के सदस्य या विदेशी कामगार हैं.इनमें संयुक्त अरब अमिरात में 11 और कुवैत में 7 लोगों की मौत हुई है. जबकि ओमान, सऊदी अरब और बहरीन में दो-दो मौतों की पुष्टी हुई है.
दलाई लामा ने मध्य पूर्व में चल रही जंग पर क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, दलाई लामा ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा संघर्षों को समाप्त करने की अपील की (फ़ाइल फ़ोटो)
तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा ने विश्व में चल रहे संघर्षों को समाप्त करने की अपील की है.
दलाई लामा ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, "हम ईसाई धर्म, बौद्ध धर्म, इस्लाम, हिंदू धर्म, यहूदी धर्म या दुनिया की किसी भी महान आध्यात्मिक परंपरा को देखें, संदेश हमेशा एक जैसा है- प्यार, करुणा, सहनशीलता और आत्म-अनुशासन."
दलाई लामा ने लिखा, "इतिहास ने बार-बार दिखाया है कि हिंसा केवल और हिंसा को जन्म देती है और कभी भी स्थायी शांति की नींव नहीं बन सकती."
"किसी भी संघर्ष का स्थायी समाधान, चाहे वह मध्य पूर्व में हो या रूस और यूक्रेन के बीच, संवाद, समझदारी और आपसी सम्मान पर आधारित होना चाहिए."
उन्होंने आगे लिखा, "मैं प्रार्थना करता हूं और आग्रह करता हूं कि हिंसा और संघर्ष जल्द ही खत्म हों."
नमस्कार!
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इमेज कैप्शन, सोनिया गांधी को इनफ़ेक्शन की वजह से अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को मंगलवार सुबह दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.
पीटीआई के मुताबिक़, डॉक्टरों ने बताया कि वह 'सिस्टमिक इनफ़ेक्शन' से ठीक हो गई हैं.
उन्हें 24 मार्च की रात क़रीब 10.20 बजे बुख़ार की वजह से भर्ती किया गया था.
सोनिया गांधी सात दिन तक अस्पताल में भर्ती रहीं.
अस्पताल के चेयरमैन डॉ अजय स्वरूप के अनुसार, "सिस्टमिक इनफ़ेक्शन के इलाज के लिए सोनिया गांधी भर्ती हुईं, एंटीबायोटिक्स का अच्छा असर दिखा है."
भारत के पूर्व टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस बीजेपी में शामिल हुए
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इमेज कैप्शन, लिएंडर पेस ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हुए
पश्चिम बंगाल चुनाव से ठीक पहले भारत के पूर्व टेनिस खिलाड़ी और ओलंपिक विजेता लिएंडर पेस मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो गए.
लिएंडर पेस ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की.
बीजेपी के आधिकारिक एक्स हैंडल से भी पुष्टि हुई है और तस्वीरें भी जारी की गई हैं.
लिएंडर पेस ने कहा, "मैं पीएम मोदी, अमित शाह और नितिन नबीन का धन्यवाद करना चाहता हूं, क्योंकि बीजेपी परिवार ने मुझे अपनाया और मौका दिया है. किरेन रिजिजू वो इंसान हैं जिन्हें मैं अपना हीरो मानता हूं और उनसे सीखता हूं. हमारे पास युवाओं की सेवा करने का बड़ा मौका है. यह पार्टी सदस्यता स्लिप सिर्फ एक स्लिप नहीं है बल्कि देश की सेवा करने की ज़िम्मेदारी है."
पीटीआई के मुताबिक़, लिएंडर पेस ने हाल ही में कोलकाता में बीजेपी प्रमुख नितिन नबीन से मुलाकात की थी, इसके बाद से ही उनके पार्टी में शामिल होने की अटकलें शुरू हो गईं थीं.
कुवैत के तेल टैंकर पर हुए ईरानी हमले को लेकर दुबई के अधिकारियों ने क्या बताया?
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इमेज कैप्शन, 'अल-सलामी' टैंकर में दो मिलियन बैरल तेल था (सांकेतिक तस्वीर)
दुबई के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि ईरान से जुड़े ड्रोन हमले के बाद तेल टैंकर में लगी आग से कोई तेल रिसाव नहीं हुआ.
पहले बताया गया था कि 'अल-सलामी' टैंकर में दो मिलियन बैरल तेल था, जो चीन जा रहा था और दुबई में खड़ा था. तभी उस पर ड्रोन हमला हुआ और उसमें आग लग गई.
दुबई के मीडिया ऑफिस ने कहा कि बचाव टीमों ने "कुवैती टैंकर से जुड़े हादसे को सफलतापूर्वक काबू कर लिया है. कोई तेल रिसाव या चोट की ख़बर नहीं है.
इससे पहले रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़े मीडिया ने एक घंटे पहले ही कुवैती टैंकर को निशाना बनाए जाने की ख़बर दी थी और टैंकर से जुड़ी तस्वीरें भी जारी की थीं.
इस टैंकर पर हमला उस समय हुआ है, जब कुछ ही घंटे पहले डोनाल्ड ट्रंप चेतावनी दी थी.
ट्रंप ने कहा था, "अगर तेहरान समझौते पर नहीं आता और होर्मुज़ स्ट्रेट बंद रहता है, तो ईरान की बिजली, तेल और ऊर्जा फ़ैसिलिटीज़ को निशाना बनाया जाएगा."
दक्षिण लेबनान में इसराइल के चार सैनिक मारे गए, आईडीएफ़ ने और क्या बताया?
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इमेज कैप्शन, दो सैनिकों को अस्पताल ले जाया गया है, इनमें से एक को 'गंभीर रूप से घायल' बताया गया है (सांकेतिक तस्वीर)
दक्षिण लेबनान में इसराइल के चार सैनिक मारे गए और दो घायल हुए हैं. इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्सेज़ (आईडीएफ़) ने टेलीग्राम पर जारी बयान में यह जानकारी दी है.
आईडीएफ़ के मुताबिक़, दो सैनिकों को अस्पताल ले जाया गया है, इनमें से एक को 'गंभीर रूप से घायल' बताया गया है. जबकि एक रिज़र्व सैनिक 'घायल' है.
इसके अलावा, यूएन ने बताया था कि दक्षिणी हिस्से में यूनाइटेड नेशन्स अंतरिम फ़ोर्स इन लेबनान (यूएनआईएफ़एल) के तीन शांति सैनिक मारे गए.
इस पर आईडीएफ़ ने कहा, "इन घटनाओं की पूरी तरह से जांच की जा रही है ताकि यह साफ़ हो सके कि यह हिज़्बुल्लाह की कार्रवाई थी या आईडीएफ़ की."
आईडीएफ़ ने आगे कहा, "ध्यान देने योग्य है कि ये घटनाएं सक्रिय लड़ाई वाले इलाक़े में हुईं. इसलिए यह मान लेना सही नहीं होगा कि जिन घटनाओं में शांति सैनिकों को नुकसान हुआ, वे आईडीएफ़ की वजह से हुईं."