राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने कहा, 'ईरान के लोग ज़ोर ज़बरदस्ती के आगे नहीं झुकते'
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इमेज कैप्शन, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान के मुताबिक़ अमेरिका चाहता है कि ईरान समर्पण कर दे (फ़ाइल फ़ोटो)
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में ''अमेरिकी सरकार के रवैये'' पर सवाल खड़े किए हैं.
पेज़ेश्कियान ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है, ''वादे निभाना ही सार्थक बातचीत का आधार है. अमेरिकी सरकार के रवैये को लेकर ईरान में गहरा ऐतिहासिक अविश्वास अब भी बना हुआ है.''
“अमेरिकी अधिकारियों से मिलने वाले गैर-रचनात्मक और विरोधाभासी संकेत एक कड़वा संदेश देते हैं कि वे ईरान का समर्पण चाहते हैं. ईरानी लोग ज़ोर-ज़बरदस्ती के आगे नहीं झुकते.”
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक ताज़ा पोस्ट में कहा ''वेनेज़ुएला, जिसके अंजाम के बारे में मीडिया बात करना पसंद नहीं करता, उसी तरह ईरान में शानदार नतीजे होंगे.''
''अगर ईरान के नए नेता समझदार निकले, तो ईरान का भविष्य बहुत ही उज्ज्वल और समृद्ध हो सकता है.''
एक तरफ पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की संभावित बातचीत की तैयारी चल रही है, वहीं दूसरी तरफ दोनों देशों के बीच कड़वाहट भी लगातार जारी है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की है कि ईरान से शांति वार्ता के लिए उनका प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद जा रहा है, हालाँकि ख़बर लिखे जाने तक ईरान ने आधिकारिक तौर पर इस बातचीत में शामिल होने की पुष्टि नहीं की है.
ईरान का झंडा लगे मालवाहक जहाज़ पर अमेरिकी कब्ज़े के बाद यह कड़वाहट तेज़ी से बढ़ रही है. अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद ईरान ने ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य पोतों पर ड्रोन हमले किए हैं.
ईरान की सबसे बड़ी सैन्य कमांड इकाई ख़ातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स ने जवाबी कार्रवाई की पहले ही चेतावनी दी थी और अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई को युद्धविराम का उल्लंघन बताया था.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने तेहरान में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सोमवार को कहा, "अमेरिका ने युद्धविराम की शुरुआत से ही उसका उल्लंघन किया."
इराक़ में अमेरिकी दूतावास ने जारी की चेतावनी, कहा- 'ईरान समर्थित हथियारबंद गुट बना रहे हमले की योजना'
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इमेज कैप्शन, हालिया ईरान युद्ध के दौरान इराक़ में हथियारबंद गुटों की ओर से अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था (यह तस्वीर 12 मार्च की है जब इरबिल में अमेरिकी कॉन्सुलेट के पास धमाका हुआ था)
बग़दाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने कहा है कि ईरान समर्थित इराक़ी मिलिशिया की ओर से अमेरिकी हितों पर हमले की योजना बनाना जारी है.
सुरक्षा संबंधी चेतावनी के बाद बग़दाद स्थित अमेरिकी दूतावास को हाई अलर्ट पर रखा गया है.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, दूतावास के बयान में कहा गया है, "ईरान से जुड़े इराक़ी चरमपंंथी समूह कुर्दिस्तान क्षेत्र सहित इराक़ के विभिन्न हिस्सों में अमेरिकी नागरिकों और अमेरिका से जुड़े लक्ष्यों के ख़िलाफ़ हमले की योजना बनाना जारी रखे हुए हैं."
अमेरिकी दूतावास ने सोमवार को कहा कि इराक़ी सरकार से संबद्ध कुछ संस्थाएं इन समूहों को राजनीतिक, आर्थिक और अन्य सहायता देना करना जारी रखे हुए हैं.
इस बयान में इराक़ी हवाई क्षेत्र के फिर से खुलने और कुछ कमर्शियल उड़ानों के फिर से शुरू होने का ज़िक्र किया गया है, लेकिन साथ ही अमेरिकी नागरिकों को "इराक़ी हवाई क्षेत्र में मिसाइलों, ड्रोन और प्रक्षेपास्त्रों के निरंतर ख़तरे" के बारे में चेतावनी दी गई है.
इससे पहले अमेरिकी नागरिकों को उच्च सुरक्षा जोखिमों के कारण बग़दाद स्थित दूतावास या इरबिल स्थित वाणिज्य दूतावास में न जाने के लिए कहा गया था.
अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों से इराक़ की यात्रा न करने का भी आग्रह किया.
बयान में कहा गया, "किसी भी कारण से इराक़ की यात्रा न करें. अगर आप इराक़ में हैं, तो तुरंत वहां से निकल जाएं."
अमेरिका दूतावास ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया, "इराक़ में सभी नियमित कॉन्सुलर सेवाएँ, जिनमें सभी वीज़ा सेवाएँ भी शामिल हैं, अभी निलंबित हैं."
अमेरिका दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए सलाह भी जारी की है. इसमें कहा गया है कि लोग अमेरिकी दूतावास से सुरक्षा और बचाव संबंधी अपडेट पाने के लिए स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम (एसटीईपी) में अपना नाम दर्ज कराएँ.
लोगों से कहा गया है कि वे अपने परिवार और दोस्तों से लगातार संपर्क बनाए रखें और उन्हें अपनी स्थिति के बारे में जानकारी देते रहें.
अमेरिका दूतावास ने सलाह दी है, "लोग अपने पास भोजन, पानी, दवाएँ और अन्य ज़रूरी चीज़ों का पर्याप्त भंडार रखें. किसी हमले की स्थिति में, मलबे से दूर रहें और आधिकारिक निर्देशों के लिए समाचार माध्यमों पर नज़र रखें."
ट्रंप ने कहा, 'ईरान में भी अंजाम वेनेज़ुएला की तरह शानदार होगा'
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इमेज कैप्शन, ट्रंप ने कहा है कि उन्हें इसराइल ने ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध के लिए कभी नहीं उकसाया (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध के लिए इसराइल ने कभी नहीं उकसाया. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक ताज़ा पोस्ट में यह बात कही है.
डोनाल्ड ट्रप पर विपक्षी नेता कई बार आरोप लगा चुके हैं कि इसराइल ने उन्हें ईरान युद्ध में घसीट लिया है.
ट्रंप ने लिखा है, ''7 अक्तूबर की घटना ने मेरी इस जीवन भर की राय को और पक्का कर दिया कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए.''
7 अक्तूबर 2023 को हमास ने इसराइल पर हमले किए थे. इस हमले में 1200 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें ज़्यादातर इसराइली थे. हमास नियंत्रित स्वास्थ्य मंत्रालय का दावा है कि इसके बाद शुरू हुई इसराइली कार्रवाई में साठ हज़ार से अधिक फ़लस्तीनी मारे गए थे.
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में आरोप लगाया, ''मैं 'फेक न्यूज़' के जानकारों और पोल्स को पूरे अविश्वास से देखता और पढ़ता हूँ. उनकी 90% बातें झूठ और मनगढ़ंत कहानियाँ होती हैं. उनके पोल्स में भी धांधली होती है. ठीक वैसे ही जैसे साल 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में धांधली हुई थी.''
''वेनेज़ुएला, जिनके अंजाम के बारे में मीडिया बात करना पसंद नहीं करता, उसी तरह ईरान में शानदार नतीजे होंगे. अगर ईरान के नए नेता समझदार निकले, तो ईरान का भविष्य बहुत ही उज्ज्वल और समृद्ध हो सकता है.''
इसी साल जनवरी महीने में वेनेज़ुएला की राजधानी काराकास से एक गुप्त सैन्य कार्रवाई करके अमेरिका ने देश के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ़्तार कर लिया था. उन्हें अपने देश से उठाकर अमेरिका लाया गया, जहाँ ड्रग्स तस्करी को लेकर उन पर न्यूयॉर्क में मुक़दमा चलाया जा रहा है.
पाकिस्तानी गृह मंत्री ने कहा, 'अमेरिका-ईरान बातचीत के लिए इस्लामाबाद में सुरक्षा के पुख़्ता इतज़ाम'
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इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने ईरान के राजदूत रज़ा अमीरी मोग़दम से मुलाक़ात की है
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी का कहना है कि बातचीत के अगले दौर के लिए 'पुख्ता सुरक्षा' के इंतज़ाम किए गए हैं.
लाहौर से बीबीसी न्यूज़ के उस्मान ज़ाहिद ने बताया है कि गृह मंत्रालय के मुताबिक़, पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने इस्लामाबाद वार्ता के दूसरे दौर की तैयारियों की समीक्षा के लिए ईरान के राजदूत रज़ा अमीरी मोग़दम से मुलाक़ात की है.
हालांकि ईरान ने अभी तक नई बातचीत में अपनी भागीदारी की पुष्टि नहीं की है, लेकिन नक़वी का कहना है कि इंतज़ाम पूरे कर लिए गए हैं और आने वाले प्रतिनिधिमंडलों के लिए "पुख़्ता सुरक्षा" के इंतज़ाम किए गए हैं.
उन्होंने ईरानी राजदूत को अपनी हाल की ईरान यात्रा के बारे में भी जानकारी दी.
मोहसिन नक़वी का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के ज़रिए कोई समझौता होना क्षेत्रीय स्थिरता को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए ज़रूरी है.
पाकिस्तान के गृह मंत्रालय के मुताबिक़, रज़ा अमीरी ने तनाव कम करने की कोशिशों में पाकिस्तान की "सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका" का स्वागत किया है.
मोहसिन नक़वी ने सोमवार को इस्लामाबाद में अमेरिकी राजदूत नताली बेकर से भी मुलाक़ात की है.
इमेज कैप्शन, अमेरिका-ईरान के बीच संभावित वार्ता के लिए इस्लामाबाद में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम हैं
रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले घोषणा की थी कि सुरक्षा चिंताओं के कारण उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ इस्लामाबाद नहीं जाएंगे, लेकिन बाद में व्हाइट हाउस ने कहा कि वो वार्ता में उपस्थित रहेंगे.
रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उनके प्रतिनिधि सोमवार को पाकिस्तान पहुँचेंगे. पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कर रहा है.
हालाँकि ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना ने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत में अमेरिकी नाकाबंदी, बहुत अधिक मांगें और धमकी भरी भाषा बड़ी रुकावट है.
दोनों देशों के बीच फ़िलहाल युद्धविराम चल रहा है जो बुधवार को समाप्त होगा. इसी बीच अमेरिका ने ईरान का झंडा लगे मालवाहक जहाज़ पर कब्ज़ा कर लिया है और उसके बाद ईरान ने ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य पोतों पर ड्रोन हमले कर दिए.
इस बीच इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता कैरी डेविस ने बताया है कि शहर में सुरक्षा व्यवस्था काफ़ी कड़ी है शहर के डिप्लोमैटिक इलाक़े की ओर जाने वाली कई सड़कों पर कंटीली बाड़ें लगाई गई हैं.
शहर में पुलिस, सेना और पैरामिलिट्री फ़ोर्स सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए हैं, सरकारी दफ़्तर बंद कर दिए गए हैं और कई यूनिवर्सिटी अपनी क्लासें ऑनलाइन चला रही हैं.
सुप्रीम कोर्ट: दिल्ली दंगे के आरोप में जेल में बंद उमर ख़ालिद की पुनर्विचार याचिका ख़ारिज
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इमेज कैप्शन, छात्र नेता और सामाजिक कार्यकर्ता उमर ख़ालिद सितंबर 2020 से ही जेल में बंद हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगे के मामले में ज़मानत से इनकार करने वाले अपने फ़ैसले पर उमर ख़ालिद की पुनर्विचार याचिका ख़ारिज कर दी है.
बीबीसी संवाददाता उमंग पोद्दार के मुताबिक़ सुप्रीम कोर्ट का कहना है, "फ़ैसले पर पुनर्विचार का कोई आधार नहीं है."
सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच ने उमर ख़ालिद की उस पुनर्विचार याचिका को ख़ारिज कर दिया, जिसमें 5 जनवरी, 2026 के उस फ़ैसले को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत उन्हें ज़मानत देने से इनकार कर दिया गया था.
यह पुनर्विचार याचिका जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच के समाने थी. वही बेंच जिसने जनवरी में उन्हें ज़मानत देने से इनकार किया था.
उमर ख़ालिद की ओर से बहस करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने मांग की है कि पुनर्विचार याचिका पर खुली अदालत में सुनवाई की जाए.
पुनर्विचार याचिकाएं अदालत के फ़ैसले में मौजूद किसी भी गंभीर ग़लती को सुधारने के लिए दायर की जाती हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने 5 जनवरी को दिल्ली दंगों के साज़िश के मामले में उमर ख़ालिद और शरजील इमाम की ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी थी.
हालाँकि सुप्रीम कोर्ट ने 5 जनवरी के फ़ैसले में इसी मामले में पाँच अन्य अभियुक्तों- गुलफ़िशा फ़ातिमा, मीरान हैदर, शिफ़ा उर रहमान, मोहम्मद सलीम ख़ान और शादाब अहमद को ज़मानत दे दी थी.
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने ये फ़ैसला सुनाया था.
कोर्ट ने कहा कि था कि अन्य अभियुक्तों की तुलना में उमर ख़ालिद और शरजील इमाम की भूमिका अलग है. अदालत के मुताबिक़ सबूतों की शुरुआती जांच से लगता है कि उमर ख़ालिद और शरजील दंगों की योजना और रणनीति बनाने में शामिल थे.
छात्र नेता और सामाजिक कार्यकर्ता उमर ख़ालिद सितंबर 2020 से ही जेल में बंद हैं. उन पर आरोप है कि उन्होंने फ़रवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा को भड़काया था. उनके ख़िलाफ़ दो एफ़आईआर दर्ज हैं.
होर्मुज़ स्ट्रेट: जहाज़ों की सुरक्षा के लिए क्या कर रहा है भारत, विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी
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इमेज कैप्शन, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने होर्मुज़ स्ट्रेट में भारतीय जहाज़ों पर हुई गोलीबारी के बाद उठाए गए कदमों की जानकारी दी है
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि भारत होर्मुज़ स्ट्रेट से अपने जहाज़ों की सुरक्षित वापसी के लिए ईरान और अन्य देशों के साथ संपर्क में है.
रणधीर जायसवाल ने कहा, "हम ईरान और अन्य देशों के संपर्क में हैं, ताकि होर्मुज़ स्ट्रेट से हमारे जहाज़ों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हो सके."
उन्होंने शनिवार को भारतीय जहाज़ों पर हुई गोलीबारी के बारे में कहा, "गोलीबारी की घटना की जानकारी मिलते ही हमने इस मामले को पूरी मज़बूती से उठाया. हमने ईरानी राजदूत को बुलाया और विदेश सचिव के साथ एक बैठक की."
उन्होंने कहा, "विदेश सचिव ने इस घटना पर भारत की गहरी चिंता व्यक्त की और इस बात को दोहराया कि हम अपने नाविकों की सुरक्षा को बहुत अधिक महत्व देते हैं, और यह भी कि उनका आवागमन बिना किसी रुकावट के होना चाहिए. ईरान के राजदूत ने कहा कि वे इस बात को अपने देश के संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा देंगे."
रणधीर जायसवाल के मुताबिक़ भारत अपने जहाज़ों की सुरक्षा के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है.
शनिवार को जब होर्मुज़ स्ट्रेट को दोबारा खोला जा रहा था तो उसी दौरान भारतीय झंडे वाले दो जहाज़, कार्गो शिप जग अर्नव और तेल टैंकर सनमार हेराल्ड को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने अपने तय मार्ग से हटने के आदेश दिए थे.
आईआरजीसी नौसेना ने होर्मुज़ स्ट्रेट के पश्चिम में सफ़र के दौरान दो भारतीय जहाज़ों को होर्मुज़ स्ट्रेट से पीछे हटने के लिए मजबूर किया था. इस दौरान भारतीय जहाज़ों पर गोलीबारी भी हुई.
पीएम मोदी के ‘राष्ट्र के नाम संबोधन’ के ख़िलाफ़ सात सौ से ज़्यादा जाने-माने लोगों ने की शिकायत
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इमेज कैप्शन, पीएम मोदी ने 18 अप्रैल को राष्ट्र के नाम संबोधन किया था, जिस पर कांग्रेस समेत कई दलों ने सवाल खड़े किए (फ़ाइल फ़ोटो)
18 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन किया था, जिसे देश के कई जाने माने लोगों ने आदर्श आचार संहिता का घोर उल्लंघन बताया है और इसके ख़िलाफ़ चुनाव आयोग से शिकायत की है.
सात सौ से ज़्यादा लोगों के हस्ताक्षर वाली यह शिकायत भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजी गई है.
इस शिकायत पत्र में लिखा है, “हम भारत के जागरूक नागरिक आपका ध्यान भारत के प्रधानमंत्री द्वारा 18 अप्रैल 2026 को दिए गए राष्ट्रीय संबोधन से आदर्श आचार संहिता (एससीसी) के स्पष्ट और खुले उल्लंघन की ओर तत्काल आकर्षित करना चाहते हैं.”
“संबोधन का सीधा प्रसारण सरकारी माध्यमों पर किया गया, जिनमें दूरदर्शन, संसद टीवी और ऑल इंडिया रेडियो शामिल हैं. ये सभी सार्वजनिक पैसे से चलते हैं. आदर्श आचार संहिता लागू रहने के दौरान प्रधानमंत्री की ओर से ऐसे काम के लिए इनका उपयोग किया जाना, जो मूल रूप से चुनाव प्रचार और पक्षपातपूर्ण दुष्प्रचार की श्रेणी में आते हैं, आदर्श आचार संहिता का गंभीर उल्लंघन माना जाता है.”
पत्र में आरोप लगाया गया है कि इस प्रकार की कार्रवाई सत्ताधारी दल को अनुचित लाभ पहुंचाती है और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनावों के लिए जरूरी 'समान अवसर' के सिद्धांत को कमजोर करती है.
पत्र के ज़रिए मांग की गई है कि चुनाव आयोग इस शिकायत का तत्काल संज्ञान ले, इस संबंध में जांच शुरू करे और इसके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करे.
चुनाव आयोग से शिकायत करने वालों में पूर्व आईएएस, पूर्व आईएफ़एस, पूर्व नौकरशाह, प्रोफ़ेसर, लेखक और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ ही अन्य लोग भी शामिल हैं.
पीएम मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक पास नहीं होने के लिए कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, समाजवादी पार्टी और विपक्षी दलों को ज़िम्मेदार ठहराया था.
क़रीब 30 मिनट के इस संबोधन में पीएम मोदी ने कई बार कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके समेत तमाम विपक्षी दलों का ज़िक्र किया. उन्होंने कहा था, "कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसी पार्टियों की स्वार्थी राजनीति का नुक़सान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ा है."
लेकिन कांग्रेस पार्टी ने पीएम मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन की आलोचना की. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि "पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन का राजनीतिक इस्तेमाल किया है."
राजस्थान: बाड़मेर में रिफ़ाइनरी में लगी आग, मंगलवार को पीएम मोदी को करना है उद्घाटन
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इमेज कैप्शन, राज्य में विपक्षी दल कांग्रेस ने रिफ़ाइनरी में हुई घटना पर सरकार पर निशाना साधा है
राजस्थान के बाड़मेर में पचपदरा रिफ़ाइनरी में आग लग गई है. इस हादसे के बाद धुएं का विशाल गुबार रिफ़ाइनरी के ऊपर देखा गया है.
कल यानी मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस रिफ़ाइनरी का उद्घाटन करना है.
बीबीसी के सहयोगी पत्रकार मोहर सिंह मीणा ने बताया है कि उद्घाटन कार्यक्रम के लिए बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने के प्रयास और तैयारियां की जा रही हैं.
इस घटना पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चिंता जाहिर की है.
एक सोशल मीडिया पोस्ट में अशोक गहलोत ने लिखा, ''बालोतरा के पचपदरा में रिफ़ाइनरी में आग लगने की ख़बर सुनकर चिंता हुई. रिफ़ाइनरी हम सभी राजस्थानियों के लिए गर्व करने वाली परियोजना है जिसका कल उद्घाटन होना है. ऐसे समय पर यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. मैं इस घटना में सभी की सलामती की प्रार्थना करता हूं.''
वहीं नेता प्रतिपक्ष टीका राम जूली ने रिफ़ाइनरी में आग की घटना पर बीजेपी पर निशाना साधा है.
उन्होंने कहा, "कांग्रेस द्वारा बनाई गई इस रिफ़ाइनरी का उद्घाटन करने कल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी यहां आ रहे हैं और उससे एक दिन पहले इस तरह की घटना सरकार की जल्दबाजी की व्यवस्थाओं पर बड़ा सवाल खड़ा करती है."
"कांग्रेस की इस महत्वपूर्ण परियोजना को बीजेपी ने वर्षों तक अटकाए रखा, जिससे इसकी लागत भी दोगुनी हो गई, इससे लगता है कि अभी भी रिफ़ाइनरी का कार्य पूर्ण नहीं हुआ है और जल्दबाजी में प्रचार के लिए इसका उद्घाटन करवाया जा रहा है."
भारत में फ़लस्तीन के राजदूत ने पश्चिम एशिया संकट को लेकर इसराइल पर लगाए ये आरोप
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इमेज कैप्शन, फ़लस्तीनी राजदूत ने कहा है कि ट्रंप की घोषणा के बाद भी लेबनान के ख़िलाफ़ इसराइल ने युद्धविराम का पालन नहीं किया
भारत में फ़लस्तीन के राजदूत अब्दुल्लाह अबू शावेश ने पश्चिम एशिया संकट पर बयान दिया है.
अब्दुल्लाह अबू शावेश ने समाचार एंजेंसी एएनआई से कहा, "लेबनान में युद्धविराम की घोषणा ख़ुद राष्ट्रपति ट्रंप ने की थी, लेकिन इसराइल ने युद्धविराम का पालन नहीं किया."
"इसराइल ने उस युद्धविराम का भी उल्लंघन किया, जिस पर पिछले अक्तूबर में मिस्र में ग़ज़ा को लेकर सहमति बनी थी. एक इंसान और एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर जो शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून में यकीन रखता है, मुझे उम्मीद है कि इस युद्धविराम से मौजूदा युद्ध का अंत हो जाएगा."
"अब हम उम्मीद कर रहे हैं, हम आह्वान कर रहे हैं और हम प्रार्थना कर रहे हैं कि यह युद्धविराम इस युद्ध का अंत बन जाए."
16 अप्रैल को इसराइल और लेबनान के बीच सीज़फ़ायर की घोषणा की गई थी.
इस समझौते के तहत, लेबनान को हिज़बुल्लाह और अन्य सभी "बाग़ी गैर-सरकारी हथियारबंद गुटों" को इसराइली ठिकानों पर हमले करने से रोकने के लिए "ठोस कदम" उठाने होंगे.
हालाँकि इसराइल ने कहा था कि वो हिज़्बुल्लाह की तरह से होने वाले किसी भी हमले का जवाब देता रहेगा. इसराइली सेना ने युद्धविराम समझौते के बाद भी लेबनान के कुछ इलाक़ों में हमले किए हैं और उसका दावा है कि यह हिज़्बुल्लाह के ख़िलाफ़ कार्रवाई है.
इसराइली सेना ने अब दक्षिणी लेबनान के निवासियों से कहा है कि वे गाँवों की एक तय सीमा से दक्षिण की ओर न जाएँ और न ही लितानी नदी के क़रीबी इलाक़ों में जाएँ.
दरअसल लेबनान-इसराइल युद्धविराम समझौते के बाद लेबनान में बड़ी संख्या में विस्थापित लोग अपने घरों की ओर लौट रहे हैं.
लेबनान सरकार ने भी ऐसे लोगों से लगातार सावधान रहने की अपील की है.
ईरानी जहाज़ पर अमेरिका के क़ब्ज़े के बाद चीन ने दिया बयान
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इमेज कैप्शन, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक वीडियो फ़ुटेज जारी किया है जिसमें ईरानी झंडा लगे एक कार्गो शिप पर फ़ायरिंग हुई
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता फिर से शुरू करने की अपील की है.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "चीन, अमेरिकी सेना की ओर से जहाज़ को ज़बरदस्ती रोके जाने पर चिंता ज़ाहिर करता है."
चीन के विदेश मंत्रालय ने इससे पहले, ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसैनिक घेराबंदी को "गैर-ज़िम्मेदाराना और ख़तरनाक" बताया था.
अनुमान है कि चीन, ईरान से निर्यात किए जाने वाले तेल का क़रीब 90% हिस्सा ख़रीदता है. विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी घेराबंदी का मक़सद शायद चीन पर दबाव डालना हो, ताकि वह ख़ुद ईरान पर दबाव बनाए.
इससे पहले ईरान का झंडा लगे मालवाहक जहाज़ पर अमेरिकी कब्ज़े के बाद ईरान ने ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य पोतों पर ड्रोन हमले किए हैं.
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने यह जानकारी दी है. हालांकि, ईरान की ओर से किए गए ड्रोन हमलों से किसी नुक़सान की ख़बर नहीं आई है.
ईरान की सबसे बड़ी सैन्य कमांड इकाई ख़ातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स ने जवाबी कार्रवाई की पहले ही चेतावनी दी थी और अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई को युद्धविराम का उल्लंघन बताया था.
उसने कहा था कि वह "अमेरिकी नौसेना की इस हथियारबंद लूट का जवाब देगा."
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका ने अपनी नौसैनिक नाकाबंदी के तहत खाड़ी में ईरानी झंडे वाले एक कार्गो यानी मालवाहक जहाज़ को रोक लिया है.
ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफ़ॉर्म पर लिखा कि 'टोस्का' नाम का जहाज़ अमेरिकी नौसेना ने तब कब्ज़े में लिया, जब उसने रुकने की चेतावनी का जवाब नहीं दिया.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने ईरानी व्यापारी जहाज़ पर अमेरिकी हमले को "युद्धविराम का स्पष्ट उल्लंघन" और "आक्रामकता का सुबूत" बताया है.
उधमपुर बस हादसा: पीएम मोदी ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख देने की घोषणा
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इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख देने की घोषणा की
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में बस हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों और घायलों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहायता राशि की घोषणा की है.
पीएम मोदी ने कहा, "उधमपुर में बस हादसे में लोगों की मौत की ख़बर सुनकर दुख हुआ. जिन लोगों ने अपने प्रियजन खोए हैं, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है. घायल लोगों के जल्दी ठीक होने की मैं प्रार्थना करता हूं."
"इस दुखद हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को पीएमएनआरएफ़ से 2 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी. घायलों को 50 हज़ार रुपये दिए जाएंगे."
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, यह हादसा सुबह क़रीब 10 बजे राम नगर इलाक़े के कघोट गांव के पास हुआ, जब बस एक मोड़ से गुज़र रही थी.
उधमपुर के एडीसी प्रेम सिंह चिब ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि फ़िलहाल क़रीब 13-14 मौतों की पुष्टि हुई है, जबकि 33 लोग घायल हैं.
ईरान ने कहा, 'यूरेनियम भंडार को निकालना या किसी को सौंपना देश के एजेंडे में ही नहीं'
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इमेज कैप्शन, ईरान ने कहा है कि वह अमेरिका या इसराइल के किसी भी "दुस्साहस" की स्थिति में "मज़बूती से जवाब" देगा (सांकेतिक तस्वीर)
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने किसी को भी देश के समृद्ध यूरेनियम के भंडार सौंपने संबंध में किसी भी प्रकार की बातचीत को ख़ारिज कर दिया है.
बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़ इस्माइल बक़ाई ने कहा, "वार्ता के मौजूदा या पिछले किसी भी चरण में ईरान के समृद्ध यूरेनियम भंडार को अमेरिका या किसी अन्य देश को हस्तांतरित करने का मुद्दा नहीं उठाया गया है और यह विकल्प मूल रूप से ईरान के एजेंडे में नहीं है."
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा था कि अमेरिका ईरान के साथ मिलकर उसके समृद्ध यूरेनियम भंडार को हासिल करने और फिर उसे अमेरिका को हस्तांतरित करने के लिए काम करेगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा, "हम सहयोग से इस यूरेनियम भंडार को हासिल कर लेंगे. हम ईरान जाएंगे और जब मौक़ा मिलेगा तो बड़ी मशीनों से खुदाई करेंगे और इसे अमेरिका ले जाएंगे."
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक ईरानी व्यापारी जहाज पर अमेरिकी हमले को "युद्धविराम का स्पष्ट उल्लंघन" और "आक्रामकता का सबूत" बताया है.
इस्माइल बक़ाई ने चेतावनी दी कि ईरान "किसी भी समय सीमा या अल्टीमेटम को स्वीकार नहीं करता" और अमेरिका या इसराइल के किसी भी "दुस्साहस" की स्थिति में "मज़बूती से जवाब" देगा.
जापान में भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी, पीएम ने लोगों से की ये अपील
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इमेज कैप्शन, जापान के कई इलाक़ों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई है
जापानी प्रसारक एनएचके ने 7.4 तीव्रता वाले भूकंप की जानकारी दी है. यह भूकंप देश के सानरिकु के तट से क़रीब एक सौ किलोमीटर दूर समुद्र में 10 किलोमीटर की गहराई में आया है.
एनएचके के मुताबिक़, भूकंप की तीव्रता जापानी सेस्मिक स्केल पर 0 से 7 के बीच 5+ दर्ज की गई.
भूकंप की ख़बर आने के बाद जापान की प्रधानमंत्री सनाय ताकाइची ने प्रभावित इलाक़ों में लोगों से ऊंची जगह पर जाने का आग्रह किया है.
जापान में अधिकारियों ने उन इलाक़ों की सूची जारी की है जिनके लिए सुनामी की चेतावनी और सलाह दी गई है.
स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक़, जापान में सुनामी की पहली लहरें इवाते प्रांत तक पहुँच रही हैं. यहां मियाको पोर्ट पर एक लहर की ऊँचाई 40 सेंटीमीटर तक दर्ज की गई है.
जापान के मुख्य द्वीप के उत्तरी हिस्से में स्थित आओमोरी प्रांत के तट से लगभग 50 किलोमीटर दूर एक सुनामी देखी गई है; देश के सार्वजनिक प्रसारक एनएचके ने इसकी जानकारी दी है.
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने अनुमान लगाया है कि होक्काइडो और इवाते प्रांतों के प्रशांत तट तक 3 मीटर तक ऊँची सुनामी लहरें पहुँच सकती हैं.
जापान में आए इस भूकंप के बाद अधिकारी ओनागावा परमाणु ऊर्जा संयंत्र की जांच कर रहे हैं और ये जानने की कोशिश कर रहे हैं कि कहीं संयंत्र को भूकंप से किसी तरह का नुक़सान हुआ है या नहीं.
नमस्कार!
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पाकिस्तान में वार्ता की तैयारियों के बीच ईरान ने कहा- अभी नहीं लिया कोई फ़ैसला
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इमेज कैप्शन, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की (फ़ाइल फ़ोटो)
ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ईरान ने अभी तक अमेरिका के साथ बातचीत में शामिल होने का कोई फ़ैसला नहीं किया है.
उधर, पाकिस्तान में वार्ता को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं और आयोजन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने तेहरान में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "अमेरिका ने युद्धविराम की शुरुआत से ही उसका उल्लंघन किया."
इस्माइल बक़ाई ने चेतावनी दी, "ईरान कोई समयसीमा या अल्टीमेटम स्वीकार नहीं करेगा और अगर अमेरिका या इसराइल कोई कदम उठाते हैं तो ईरान ताकतवर जवाब देगा."
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "अमेरिका ईरान पर आरोप-प्रत्यारोप का खेल खेल रहा है. यह तब भी जारी है जब उन्हें सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए थी, लेकिन हम अमेरिकियों से सच बोलने की उम्मीद नहीं कर सकते."
वहीं, अमेरिका ने कहा है कि वह इस बातचीत में शामिल होगा. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि उनका प्रतिनिधिमंडल इस्लामबाद जाएगा.
क्या पाकिस्तान जाएगा ईरान का प्रतिनिधिमंडल, ईरानी सांसद ने दिया ये जवाब
इमेज कैप्शन, इब्राहिम अज़ीजी ने कहा कि ईरान राष्ट्रीय हितों के आधार पर फ़ैसले करता है
ईरानी सांसद इब्राहिम अज़ीजी ने कहा है कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखेगा. लेकिन उन्होंने कहा कि ईरान की अपनी सीमाएं हैं, जिनका सम्मान होना ज़रूरी है.
बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, इब्राहिम अज़ीजी ने कहा, "ईरान ने अमेरिका से बातचीत जारी रखने का फैसला किया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसी भी क़ीमत पर बातचीत होनी चाहिए या दूसरे पक्ष की हर शर्त को स्वीकार किया जाए."
उनके अनुसार, ईरान की कुछ 'रेड लाइन' हैं जिनका ध्यान रखना ज़रूरी है.
इस्लामाबाद में बातचीत के लिए ईरानी डेलिगेशन भेजने के सवाल पर इब्राहिम अज़ीजी ने कहा, "यह इस बात पर निर्भर करेगा कि ईरान को सकारात्मक संकेत मिलते हैं या नहीं. हम कभी बातचीत के सिद्धांत से नहीं डरे. आज या कल हालात की फिर से समीक्षा करेंगे. अगर संकेत अच्छे रहे, तो हम बातचीत करने को तैयार होंगे."
उन्होंने कहा, "ईरान राष्ट्रीय हितों के आधार पर फैसले करता है, देश के हित और सुरक्षा के लिए हर ज़रूरी कदम उठाएगा."
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए इस्लामाबाद जाएगा. बातचीत में अमेरिका का नेतृत्व उप राष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे.
कांग्रेस ने पाकिस्तान का ज़िक्र करते हुए कहा- भारत की विदेश नीति को बड़ा झटका
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इमेज कैप्शन, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि भारत की विदेश नीति के तरीक़ों को पूरी तरह बदलने की ज़रूरत है
कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि अब भारत को अपनी विदेश नीति की रणनीति पूरी तरह बदलनी होगी.
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा, "वह (पाकिस्तान) आज कथित तौर पर अमेरिका-ईरान शांति वार्ता का दूसरा दौर होस्ट कर रहा है."
"प्रधानमंत्री मोदी की क्षेत्रीय और वैश्विक रणनीति पाकिस्तान को अलग-थलग करने में नाकाम रही है. बल्कि पाकिस्तान को एक नया रूप और पहचान मिल गई है, जो उस छवि से बिल्कुल अलग है जिसे मनमोहन सिंह ने 2008 के मुंबई हमलों के बाद बनाने में कामयाबी पाई थी."
जयराम रमेश ने लिखा, "फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर के भड़काऊ बयान पहलगाम हमले के लिए ज़िम्मेदार थे, वो अब राष्ट्रपति ट्रंप के फ़ेवरेट बन गए हैं."
उन्होंने लिखा, "यह मोदी जी की विदेश नीति के लिए बहुत बड़ा झटका है. भारत को अपनी कूटनीतिक रणनीति और तरीकों को पूरी तरह बदलने की ज़रूरत है, जो मोदी जी करने में सक्षम नहीं हैं."
गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के दूसरे दौर की वार्ता के लिए पाकिस्तान अपने यहां तैयारियां कर रहा है.
लेकिन ईरान ने पुष्टि नहीं की है कि वह इस चर्चा में शामिल होगा या नहीं.
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में बस खाई में गिरी, 15 लोगों की मौत और 20 घायल
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इमेज कैप्शन, हादसा सुबह क़रीब 10 बजे राम नगर इलाक़े के कघोट गांव के पास हुआ
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर ज़िले में सोमवार को एक बस खाई में गिर गई. न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि इस हादसे में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और 20 लोग घायल हुए हैं.
पीटीआई के मुताबिक़, हादसा सुबह क़रीब 10 बजे राम नगर इलाक़े के कघोट गांव के पास हुआ, जब बस एक मोड़ से गुज़र रही थी.
हादसा होने के बाद स्थानीय लोग सबसे पहले मौक़े पर पहुंचे और बचाव शुरू किया. उन्होंने घायलों को बस से बाहर निकाला. कुछ देर बाद पुलिस और राहत दल भी वहां पहुंच गए.
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह और उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने घटना पर दुख प्रकट किया है.
सऊदी अरब के दौरे पर अजित डोभाल, वहां के विदेश मंत्री से की मुलाक़ात
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इमेज कैप्शन, अजित डोभाल और फ़ैसल बिन फ़रहान
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल सऊदी अरब के दौरे पर हैं.
उन्होंने रविवार को सऊदी के विदेश मंत्री फ़ैसल बिन फ़रहान, ऊर्जा मंत्री अब्दुलअज़ीज़ बिन सलमान और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मुसैद बिन मोहम्मद अल-ऐबान से मुलाकात की.
पीटीआई के मुताबिक़, इस मुलाक़ात में दोनों देशों के रिश्तों, क्षेत्रीय हालात और आपसी हितों पर चर्चा हुई.
अजित डोभालरविवार को रियाद पहुंचे थे. एयरपोर्ट पर उनका स्वागत भारत के राजदूत सुहेल ख़ान और सऊदी अरब के राजनीतिक मामलों के उप मंत्री सऊद अल-साती ने किया.
डोभाल का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में दूसरे दौर की वार्ता की चर्चा होने की संभावना मानी जा रही है.
इससे पहले पाकिस्तान में 11-12 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच हुई पहले दौर की बातचीत बेनतीजा रही थी.