अमेरिकी नेवी ने फ़ायरिंग कर ईरानी झंडे वाले कार्गो जहाज़ को कब्ज़े में लिया, ईरान क्या बोला

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- Author, कैथरीन आर्मस्ट्रॉन्ग
- पढ़ने का समय: 6 मिनट
अमेरिका ने अपनी नौसैनिक नाकेबंदी के तहत खाड़ी में ईरानी झंडे वाले एक कार्गो जहाज़ को रोक लिया है, यह बात राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कही है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा कि 'टोस्का' नाम का जहाज़ अमेरिकी नौसेना ने तब कब्ज़े में लिया जब उसने रुकने की चेतावनी का जवाब नहीं दिया. इस घटना पर ईरान की तरफ़ से अभी कोई टिप्पणी नहीं आई है.
यह घोषणा उस समय आई जब व्हाइट हाउस ने पुष्टि की कि ईरान के साथ जंग ख़त्म करने पर बातचीत के दूसरे दौर के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान में एक और प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे.
इस संभावित वार्ता में शामिल होने को लेकर तेहरान ने अभी तक पुष्टि नहीं की है. ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया है कि जब तक अमेरिकी नाकाबंदी जारी रहेगी, अधिकारी बातचीत में हिस्सा नहीं लेंगे.
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ट्रंप ने लिखा, "आज, एक ईरानी झंडा लगे जहाज टोस्का ने नेवी ब्लॉकेड को तोड़ने की कोशिश की और उसकी यह कोशिश नाकाम रही. यह जहाज़ 900 फ़ुट लंबा है और लगभग एक एयरक्राफ़्ट कैरियर जितना भारी है."
उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका ने जहाज़ को रुकने की चेतावनी दी थी, जिसे नज़रअंदाज़ किया गया, "इसलिए हमारी नेवी शिप ने उसके इंजन रूम में हमलाकर उसे उसे वहीं रोक दिया."
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बाद में एक वीडियो जारी किया, जिसमें उसके अनुसार, एक नौसैनिक जहाज़ कार्गो जहाज़ को रोकता हुआ दिख रहा है. वीडियो में एक गन कार्गो जहाज़ की दिशा में फ़ायर करती दिखती है.
बातचीत को लेकर विरोधाभासी बयान
ट्रंप ने शुक्रवार को कहा था कि ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक दोनों देशों के बीच समझौता नहीं हो जाता.
यह संघर्ष 28 फ़रवरी को ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हमलों से शुरू हुआ था और पांच हफ्तों तक मध्य पूर्व में लगातार हमलों के बाद दो हफ्ते के संघर्षविराम की घोषणा हुई थी.
इस महीने की शुरुआत में बातचीत के पहले दौर के बिना किसी समझौते के खत्म होने के बाद ट्रंप ने नाकाबंदी का एलान किया था. ईरान का परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज़ स्ट्रेट पर नियंत्रण जैसे अहम मुद्दे अब भी विवाद में हैं.
रविवार को इससे पहले ट्रंप ने कहा कि उनके प्रतिनिधि सोमवार को पाकिस्तान पहुंचेंगे. पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कर रहा है. संघर्षविराम बुधवार को ख़त्म होने वाला है.
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि वेंस के अलावा प्रतिनिधिमंडल में ट्रंप के सलाहकार स्टीव विटकॉफ़ और जैरेड कुशनर भी शामिल होंगे, जो पिछली बातचीत में भी मौजूद थे.
लेकिन ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना ने कहा कि अमेरिका के साथ दूसरे दौर की बातचीत की खबरें "सही नहीं" हैं.
उसने यह भी कहा कि अमेरिकी नाकेबंदी, "बहुत अधिक" मांगें और अमेरिका की धमकी भरी भाषा ने "अभी तक बातचीत की प्रगति में बाधा ही डाली है."
बातचीत की तैयारी जारी

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इन सबके बावजूद पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आगे की बातचीत की तैयारी शुरू हो गई है.
बीबीसी के पाकिस्तान संवाददाता ने बताया कि बीते सप्ताहांत अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडलों के बीच जिस होटल में बातचीत हुई थी, वहां ठहरे मेहमानों को होटल खाली करने के लिए कहा गया है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने रविवार शाम ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान से बात की, उनके कार्यालय की ओर से जारी बयान में यह जानकारी दी गई है. इसमें अमेरिका और ईरान के बीच आगे की बातचीत का कोई ज़िक्र नहीं था.
होर्मुज़ स्ट्रेट रविवार को बंद रहा. एक दिन पहले इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा था कि वह अस्थायी रूप से खोले गए रास्ते को फिर बंद कर रहा है, क्योंकि अमेरिकी नाकाबंदी संघर्षविराम की शर्तों का उल्लंघन है. ईरान ने कहा कि जब तक अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी ख़त्म नहीं करता, तब तक यह बंद रहेगा.
दुनिया के लगभग 20% तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का परिवहन आमतौर पर इसी रास्ते से होता है.
हालिया संघर्ष के दौरान इस रास्ते से गुजरने वाले जहाज़ों की संख्या में भारी कमी आई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा क़ीमतें बढ़ गई हैं.
ट्रंप ने कहा कि ईरान इस जलमार्ग को लेकर धमकी देकर अमेरिका को "ब्लैकमेल" नहीं कर सकता.
ट्रंप की धमकी

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ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर तेहरान शांति समझौते पर राज़ी नहीं हुआ, तो ईरान के हर पुल और बिजली संयंत्र को नष्ट कर दिया जाएगा.
रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रुथ सोशल पर एक अन्य पोस्ट में लिखा, "अगर वो समझौता नहीं करते, तो जो करना चाहिए, वो सब करना मेरे लिए सम्मान की बात होगी"
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी आरोप लगाया कि ईरान ने शनिवार को होर्मुज़ स्ट्रेट में जहाज़ों पर हमला करके संघर्षविराम का उल्लंघन किया. उन्होंने कहा कि इनमें एक फ़्रांसीसी जहाज़ और ब्रिटेन का एक मालवाहक जहाज़ शामिल था.
फ़्रांसीसी शिपिंग कंपनी सीएमए सीजीएम ने पुष्टि की कि उसके एक जहाज़ पर फ़ायरिंग हुई थी और एएफ़पी को बताया कि "उस पर वार्निंग फ़ायर किया गया."
हालांकि ब्रिटेन के रक्षा और परिवहन मंत्रालयों के अनुसार, शनिवार को ब्रिटेन से जुड़े जहाज़ों पर हमले की कोई रिपोर्ट नहीं थी.
यूके मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस के अनुसार, शनिवार को स्ट्रेट में दो जहाज़ों, एक टैंकर और एक कार्गो जहाज़ पर हमले की खबरें आईं. इस एजेंसी ने यह नहीं बताया कि ये जहाज़ किन देशों से जुड़े थे.
इस बीच भारत ने कहा कि इस इलाके में हुई गोलीबारी की घटना में दो भारतीय झंडे वाले जहाज़ शामिल थे.
मरीन ट्रैफिक के आंकड़ों के अनुसार, रविवार को होर्मुज़ स्ट्रेट में जहाज़ों की आवाजाही पूरी तरह रुकी रही.
आईआरजीसी से जुड़ी समाचार एजेंसी तसनीम ने बताया कि "बोत्सवाना और अंगोला" के झंडे वाले दो टैंकर होर्मुज़ से गुजरना चाहते थे, लेकिन "ईरान की सशस्त्र सेना की ओर से समय रहते की गई कार्रवाई की वजह से उन्हें रास्ता बदलने और वापस लौटने पर मजबूर किया गया."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

































