पीएम मोदी ने कहा, 'मैं देश की सभी माताओं और बहनों से माफ़ी चाहता हूं'

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम अपने संबोधन में नारी शक्ति वंदन अधिनियन संशोधन विधेयक पास नहीं होने पर दुख जताया है.
उन्होंने कहा कि देश की करोड़ों महिलाओं के सपनों को कुचल दिया गया है.
पीएम मोदी ने कहा, "हमारे भरसक प्रयासों के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए. नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो पाया. मै सभी माताओं, बहनों से माफ़ी चाहता हूं."
उन्होंने विपक्षी नेताओं पर हमला करते हुए कहा, "कुछ लोगों के लिए दल से बड़ा कुछ नहीं होता."
पीएम ने कहा, "देश की करोड़ों महिलाओं की नज़र संसद पर थी. मुझे भी देखकर दुख हुआ कि नारी शक्ति का ये प्रस्ताव जब गिरा तो कांग्रेस, सपा, टीएमसी, डीएमके जैसी परिवारवादी पार्टियां ख़ुशियां मना रही थीं."
शुक्रवार को लोकसभा में महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में आरक्षण देने वाले महिला आरक्षण क़ानून में संशोधन वाला बिल (131वां) पास नहीं हो सका था.
संसद में इसे पारित होने के लिए जरूरी दो तिहाई वोट नहीं मिल सके थे.
एनडीए बिल के पक्ष में दो तिहाई वोट हासिल करने में नाकाम रहा. बिल के पक्ष में 298 वोट मिले थे और विरोध में 230 वोट.
'लटकाना, भटकाना, अटकाना कांग्रेस का वर्क कल्चर'

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, '' कल देश की करोड़ों महिलाओं की नजर संसद पर टिकी थी. मुझे भी बहुत दुख हुआ. जब नारी हित का प्रस्ताव गिराया गया, तो सपा, कांग्रेस और डीएमके के नेता तालियां बजा रहे थे, मेज थपथपा रहे थे. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह नारी के सम्मान पर सीधी चोट थी.''
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ''नारी अपना अपमान कभी नहीं भूलती. महिला आरक्षण का विरोध कर विपक्ष ने जो पाप किया है, उसकी उन्हें सज़ा जरूर मिलेगी. इन लोगों ने संविधान निर्माताओं का भी अपमान किया है. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सदन में नारी शक्ति वंदन संशोधन ऐसा प्रस्ताव था, जिसमें हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ था.''
उन्होंने कहा, '' जब कुछ लोगों के लिए दलहित सबकुछ हो जाता है. दलहित देशहित से बड़ा हो जाता है तो नारी शक्ति को देशहित को इसका खामियाजा उठाना पड़ता है. इस बार भी यहीं हुआ. कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी जैसी पार्टियों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ा है.''
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ''व्यक्तिगत रूप से मुझे उम्मीद थी कि कांग्रेस अपनी दशकों पुरानी गलती को सुधारेगी, अपने पापों का प्रायश्चित करेगी. लेकिन कांग्रेस ने इतिहास रचने और महिलाओं के समर्थन में खड़े होने का अवसर खो दिया.''
उन्होंने कहा, ''देश के अधिकांश क्षेत्रों में कांग्रेस का अस्तित्व ही खो गया है. एक परजीवी की तरह, कांग्रेस क्षेत्रीय दलों का सहारा लेकर अपना अस्तित्व बनाए रखती है. लेकिन कांग्रेस क्षेत्रीय दलों को मजबूत होते देखना भी नहीं चाहती. इसलिए, उसने कई क्षेत्रीय दलों को इस संशोधन का विरोध करने के लिए उकसाकर उनके भविष्य को अंधकार में धकेलने की राजनीतिक साजिश रची.''
उन्होंने कहा कि लटकाना, अटकाना और भटकाना कांग्रेस का वर्क कल्चर रहा है. इसके छल-प्रपंच ने देश का नुक़सान किया है.
राहुल गांधी ने कहा- दक्षिण भारत को कमजोर करना चाहती थी बीजेपी

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लोकसभा में बिल गिरने के बाद शनिवार को राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण विधेयक के नाम पर झूठ बोलने का आरोप लगाया.
राहुल गांधी ने तमिलनाडु में एक जनसभा में कहा, "कल आपने देखा होगा कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह संसद में क्या करने की कोशिश कर रहे थे. उन्होंने देश से झूठ बोला.''
उन्होंने कहा, "वे महिलाओं के प्रतिनिधित्व के लिए एक बिल पास करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन उस बिल के पीछे एक बहुत ही ख़तरनाक इरादा छिपा था. वे भारत के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश कर रहे थे.''
राहुला गांधी ने कहा, "वे हर राज्य को मिलने वाली सीटों की संख्या बदलना चाहते थे। वे दक्षिण भारतीय राज्यों, पूर्वोत्तर राज्यों और अन्य छोटे राज्यों को कमजोर करना चाहते थे. प्रधानमंत्री हमारे संविधान पर हमला कर रहे हैं."
इससे पहले कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने संविधान संशोधन बिल के संदर्भ में कहा कि कल जो हुआ वो लोकतंत्र की बहुत बड़ी जीत है. उन्होंने कहा कि सरकार की लोकतंत्र को कमज़ोर करने की साजिश थी, उसे रोका गया.
प्रियंका गांधी ने कहा, 'मोदी सरकार को पहली बार धक्का लगा'

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कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने संविधान संशोधन बिल के संदर्भ में कहा कि कल जो हुआ वो लोकतंत्र की बहुत बड़ी जीत है. उन्होंने कहा कि सरकार की लोकतंत्र को कमज़ोर करने साजिश थी, उसे रोका गया.
प्रियंका गांधी ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "मोदी सरकार ने लोकतंत्र को कमज़ोर करने और संघीय ढांचे को बदलने की साज़िश की थी, जिसे हमने हरा दिया."
उन्होंने कहा, "ये संविधान की जीत है, देश की जीत है, विपक्ष की एकता की जीत है, जो सत्ता पक्ष के नेताओं के चेहरे पर साफ़ दिख रही थी."
"ये महिला आरक्षण बिल की बात नहीं थी. यह बात परिसीमन से जुड़ी हुई थी. मोदी सरकार को परिसीमन इस आधार पर करना था, जिसमें उसे जातिगत जनगणना के आंकड़ों को देखने की ज़रूरत नहीं होती और मनमानी करने की पूरी आज़ादी होती. ऐसे में मुमकिन ही नहीं था कि विपक्ष मोदी सरकार का साथ दे. पूरे देश ने देख लिया है कि जब विपक्ष एकजुट होता है तो कैसे मोदी सरकार को हराया जाता है."
प्रियंका गांधी ने कहा, "मोदी सरकार को पहली बार धक्का लगा है, इसलिए इसे 'ब्लैक डे' कह रही है. ये धक्का लगना बहुत ज़रूरी था. आज महिलाओं का संघर्ष बहुत बढ़ चुका है. वे सरकार का पीआर और मीडियाबाज़ी देख रही हैं, समझ रही हैं. इसलिए अब वो सब नहीं चलेगा."
उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार ने सोचा बिल पारित हो जाएगा तो उनकी जीत होती. नहीं हुआ तो हम हर विपक्षी नेता को महिला विरोधी साबित कर महिलाओं के लिए मसीहा बन जाएंगे."
दरअसल, लोकसभा में शुक्रवार को 131वां संविधान संशोधन बिल पेश हुआ और इस पर वोटिंग हुई, लेकिन यह बिल लोकसभा में पास नहीं हो सका.
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बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित



































