लाइव, गुवाहाटी हाई कोर्ट ने पवन खेड़ा की अग्रिम ज़मानत याचिका ख़ारिज की
गुवाहाटी हाई कोर्ट ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी पर लगे आरोपों से जुड़े मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी.
गुवाहाटी हाई कोर्ट ने पवन खेड़ा की अग्रिम ज़मानत याचिका ख़ारिज की
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इमेज कैप्शन, सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को गुवाहाटी हाई कोर्ट में अपील दायर करने को कहा था (फ़ाइल फ़ोटो)
गुवाहाटी हाई कोर्ट ने असम के
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी पर लगे आरोपों से जुड़े मामले में
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी.
पवन खेड़ा ने आरोप लगाया था कि हिमंत
बिस्वा सरमा की पत्नी के पास कई पासपोर्ट और विदेश में अघोषित संपत्तियां हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़,
खेड़ा की ओर से पेश एक वकील ने बताया कि जस्टिस
पार्थिव ज्योति सैकिया की सिंगल बेंच ने खेड़ा की अग्रिम ज़मानत याचिका ख़ारिज कर
दी.
यह याचिका सोमवार को दायर की गई थी,
जब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें गुवाहाटी हाई कोर्ट
जाने को कहा था.
अदालत ने मंगलवार को याचिका पर
सुनवाई की थी और फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था.
अमेरिका का एक और जंगी जहाज़ मध्य-पूर्व के नज़दीक पहुंचा
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इमेज कैप्शन, यूएसएस जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश अमेरिकी सेंट्रल कमांड के ज़िम्मेदारी वाले क्षेत्र में दाख़िल हो गया है
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के
मुताबिक़, अमेरिका का एयरक्राफ़्ट कैरियर
यूएसएस जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश मध्य-पूर्व के क़रीब पहुंच रहा है और सेंटकॉम के ज़िम्मेदारी वाले क्षेत्र में दाख़िल हो गया है.
सेंटकॉम ने एक्स पर एक तस्वीर साझा
की, जिसमें निमिट्ज़ श्रेणी का यह
सुपरकैरियर हिंद महासागर में सेल करता दिख रहा है.
यह साफ़ नहीं है कि यह एयरक्राफ़्ट
कैरियर क्षेत्र में पहले से मौजूद जहाज़ों के साथ शामिल होगा या उनकी जगह लेने आ
रहा है, जैसा कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा
गया है.
इससे पहले सेंटकॉम ने एक अन्य बयान
में कहा था कि दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ़्ट कैरियर यूएसएस जेराल्ड आर फ़ोर्ड
"लाल सागर में काम करना जारी रखे हुए है और अमेरिकी पांचवें बेड़े के तहत
समुद्री सुरक्षा में सहयोग दे रहा है."
भारत-न्यूज़ीलैंड के बीच इस दिन होगा मुक्त व्यापार समझौता, न्यूज़ीलैंड के पीएम ने क्या बताया
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इमेज कैप्शन, पिछले साल दिसंबर में भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर सहमति बनी थी (फ़ाइल फ़ोटो)
न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री
क्रिस्टोफ़र लक्ज़न ने भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर सोमवार को हस्ताक्षर
करने की बात कही है.
उन्होंने एक्स पर एलान करते हुए लिखा,
"हम भारत के साथ अपने मुक्त व्यापार
समझौते पर सोमवार को हस्ताक्षर करेंगे."
इसके साथ ही लक्ज़न ने एक वीडियो भी
शेयर किया है, जिसमें वह भारत के साथ समझौते के बाद होने वाले फ़ायदे बता रहे हैं.
पिछले साल दिसंबर में न्यूज़ीलैंड और
भारत ने फ़्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफ़टीए) पर सहमति का एलान किया था.
इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
और न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफ़र लक्ज़न के बीच फ़ोन पर बातचीत भी हुई
है.
भारत पर विवादित टिप्पणी का मामला, इस अमेरिकी सांसद ने की ट्रंप की आलोचना
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इमेज कैप्शन, राजा कृष्णमूर्ति भारतीय मूल के हैं और वह अमेरिका की डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर जिस आपत्तिजनक टिप्पणी को सोशल मीडिया पर शेयर किया है उसकी अमेरिका में आलोचना हो रही है.
डेमोक्रेट सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने इसे 'ट्रंप के पद की गरिमा के ख़िलाफ़'
बताया है.
राजा कृष्णमूर्ति भारतीय मूल के हैं
और वह अमेरिका की डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद हैं.
उन्होंने एक्स पर लिखा,
"डोनाल्ड ट्रंप का भारत और प्रवासियों
पर नस्लवादी टिप्पणी को बढ़ावा देने का फ़ैसला निंदनीय है और उनके पद की गरिमा के
ख़िलाफ़ है."
"उनकी भाषा सिर्फ़ लाखों भारतीय मूल
के अमेरिकियों और हमारे सबसे अहम वैश्विक साझेदारों में से एक का अपमान नहीं करती,
बल्कि यह उन मूल्यों को भी कमज़ोर करती हैं
जिन्होंने अमेरिका को अवसर और इनोवेशन का देश बनाया है."
राजा कृष्णमूर्ति का कहना है कि
अमेरिका को भारत के साथ साझेदारी को मजबूत करना चाहिए और अपनी विविधता का सम्मान
करना चाहिए, न कि 'राजनीतिक फ़ायदे के लिए' विभाजन
को बढ़ावा देना चाहिए.
ट्रंप ने रूढ़िवादी लेखक और रेडियो होस्ट माइकल सैवेज की एक विवादित टिप्पणी को शेयर किया था जिसमें उन्होंनेभारत को 'धरती का नरक' बताया था.
भारत में इस बयान की कड़ी आलोचना हो
रही है. गुरुवार देर शाम भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी इस पर एक बयान जारी किया है.
उन्होंने कहा, "ये टिप्पणियाँ स्पष्ट रूप से बिना जानकारी के और
अनुचित हैं. ये निश्चित रूप से भारत-अमेरिका संबंधों की असलियत को नहीं दर्शातीं,
जो लंबे समय से आपसी सम्मान और साझा हितों पर
आधारित रहे हैं."
खड़गे के प्रधानमंत्री से जुड़े बयान पर निर्वाचन आयोग के नोटिस का कांग्रेस ने दिया ये जवाब
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इमेज कैप्शन, खड़गे के बयान का बीजेपी के कई नेताओं ने विरोध किया था, जिसके बाद उन्होंने सफाई भी दी थी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक विवादित बयान पर चुनाव आयोग की ओर से
जारी किए गए नोटिस का कांग्रेस ने जवाब दिया है.
कांग्रेस ने अपने जवाब में खड़गे को 'जवाब देने के लिए बहुत कम समय देने' की बात कही है.
कांग्रेस का कहना है कि "नोटिस
में लगाए गए आरोपों के जवाब के लिए कांग्रेस अध्यक्ष को दिया गया समय बहुत कम है.
यह समय बिल्कुल पर्याप्त नहीं है, खासकर जब
कांग्रेस अध्यक्ष कई चुनाव अभियानों में व्यस्त हैं."
इसके साथ ही कांग्रेस ने निर्वाचन
आयोग पर 'महज़ औपचारिकता निभाने' का आरोप लगाया है और खड़गे को जवाब देने के लिए
एक हफ़्ते का समय मांगा है.
कांग्रेस ने कहा, "ऐसा लगता है कि जिन संदर्भों में ये शब्द (खड़गे
के) कहे गए, उनकी साफ़ और बिना किसी अस्पष्टता
वाली व्याख्या को जानबूझकर नज़रअंदाज़ किया जा रहा है, जिससे कि कांग्रेस अध्यक्ष के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने का कोई रास्ता
निकाला जा सके."
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि
पार्टी ने "प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के ख़िलाफ़ कई शिकायतें दर्ज कराई थीं,
जिन पर निर्वाचन आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं
की."
निर्वाचन आयोग ने खड़गे की ओर से
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को "आतंकवादी" कहे जाने पर मामले का संज्ञान
लिया था और उन्हें 24 घंटे के भीतर अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया था.
खड़गे के बयान का बीजेपी के कई
नेताओं ने विरोध किया था. इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने सफाई भी दी थी.
उन्होंने कहा, "मैंने पीएम के ख़िलाफ़ नहीं बोला. प्रधानमंत्री
नेताओं और उम्मीदवारों को डरा रहे हैं, और इसी
संदर्भ में मैंने कहा था कि 'टैक्स
टेररिज़्म' हो रहा है."
"ईडी छापे मार रही है, आयकर विभाग छापे मार रहा है, सीबीआई छापे मार रही है. यह 'टेररिज़्म' प्रधानमंत्री ही करा रहे हैं. मैंने उन्हें आतंकवादी नहीं कहा,
वह लोगों को डराने के लिए इस तरह का माहौल बना
रहे हैं."
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा,
"वह छापों के जरिए लोगों को चुप कराने
की कोशिश कर रहे हैं और चुनाव में उन्हें हराने की कोशिश कर रहे हैं. चेन्नई में
मैंने यही कहा था."
सीज़फ़ायर के लिए बैठक के बीच इसराइल पर लेबनान से दागे गए रॉकेट
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इमेज कैप्शन, वेस्ट बैंक में तैनात एक इसराइल सैनिक (23 अप्रैल की तस्वीर)
इसराइली सेना ने कहा है कि उसकी
वायुसेना ने लेबनान से दागे गए कई प्रोजेक्टाइल को इंटरसेप्ट किया है.
इन हमलों की वजह से श्टूला क्षेत्र
में सायरन बजाए गए.
वहीं, हिज़्बुल्लाह ने टेलीग्राम पर कहा कि उसने रॉकेट हमले में इस क्षेत्र
को निशाना बनाया.
लेबनान के नेशनल मीडिया के अनुसार,
ये सब उस समय हुआ जब लेबनान और इसराइल के बीच
अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में बातचीत जारी थी.
इसराइली सेना ने बाद में कहा कि उसने
उस लॉन्चर पर हमला किया जिससे श्टूला पर रॉकेट दागे गए थे.
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर परमाणु हथियार के इस्तेमाल के बारे में क्या कहा
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इमेज कैप्शन, ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के ख़िलाफ़ परमाणु हथियार का इस्तेमाल नहीं करेंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने
ईरान के ख़िलाफ़ परमाणु हथियार के इस्तेमाल से जुड़े एक सवाल को 'मूर्खतापूर्ण' बताया है.
उनका कहना है कि वह ईरान के ख़िलाफ़
परमाणु हथियार का इस्तेमाल नहीं करेंगे और ऐसे 'मूर्खतापूर्ण' सवाल
नहीं पूछे जाने चाहिए.
ओवल ऑफ़िस में मीडिया से बातचीत के
दौरान एक पत्रकार ने उसने पूछा, 'क्या आप
ईरान के ख़िलाफ़ परमाणु हथियार का इस्तेमाल करेंगे?'
इस पर ट्रंप ने कहा, "नहीं. ऐसा बेवकूफ़ी भरा सवाल क्यों पूछा जा रहा?"
उन्होंने कहा, "मैं परमाणु हथियार का इस्तेमाल क्यों करूंगा,
जब हमने बिना इसके ही ईरान को पूरी तरह तबाह कर
दिया है?"
ट्रंप ने यह भी कहा कि 'परमाणु हथियार का इस्तेमाल करने की अनुमति किसी
को भी कभी भी नहीं दी जानी चाहिए'.
भारतीय दूतावास ने 'ईरान की यात्रा नहीं करने' की 'सख़्त सलाह' क्यों दी
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इमेज कैप्शन, ईरान के साथ अमेरिका और इसराइल की जंग शुरू होने के बाद से ईरान में हालात तनावपूर्ण हैं
भारत और ईरान के बीच फ़्लाइट फिर
शुरू होने की ख़बरों के बीच ईरान में भारतीय दूतावास ने भारतीयों के लिए ट्रैवल
एडवाइज़री जारी की है.
भारतीय दूतावास ने भारतीयों को 'ईरान की यात्रा न करने' की 'सख़्त सलाह' दी है.
दूतावास ने एडवाइज़री में कहा,
"ईरान और भारत के बीच कुछ उड़ानों के
शुरू होने की ख़बरों को देखते हुए और पहले जारी एडवाइज़री के क्रम में भारतीय
नागरिकों को सख़्ती से सलाह दी जाती है कि वे ईरान की यात्रा न करें, चाहे वह हवाई मार्ग से हो या ज़मीनी रास्ते
से."
दूतावास ने कहा, "क्षेत्रीय तनाव के कारण हवाई क्षेत्र पर
पाबंदियां और परिचालन से जुड़ी अनिश्चितताएं अब भी ईरान आने-जाने वाली
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को प्रभावित कर रही हैं."
इसके अलावा भारतीय दूतावास ने फिर से
दोहराया है कि जो भारतीय इस समय ईरान में मौजूद हैं, वे दूतावास के साथ सख़्त समन्वय बनाए रखें और तय किए गए ज़मीनी
रास्तों के ज़रिए ईरान छोड़ें.
डोनाल्ड ट्रंप का एलान, इसराइल-लेबनान सीज़फ़ायर तीन हफ़्तों के लिए बढ़ाया गया
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इमेज कैप्शन, ट्रंप ने ओवल ऑफ़िस में मीडिया से बात की
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने
घोषणा की है कि इसराइल और लेबनान के बीच सीज़फ़ायर को तीन हफ़्तों के लिए बढ़ा
दिया गया है.
ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में उन्होंने
कहा कि यह फ़ैसला ओवल ऑफ़िस में इसराइली और लेबनानी अधिकारियों के बीच हुई बैठक के
बाद लिया गया.
ट्रंप ने कहा कि यह बैठक "बहुत
अच्छी" रही. इसमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को
रुबियो भी मौजूद थे.
उन्होंने लिखा, "अमेरिका लेबनान के साथ मिलकर काम करेगा, जिससे वह हिज़्बुल्लाह से ख़ुद की रक्षा कर
सके."
इसके अलावा उन्होंने आने वाले समय
में इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ़
औन की मेज़बानी करने की बात कही.
इसके कुछ देर बाद ओवल ऑफ़िस में
ट्रंप ने मीडिया से बात की. इस दौरान ट्रंप के साथ वेंस और रुबियो के अलावा लेबनान
और इसराइल में अमेरिका के राजदूत, और
अमेरिका में इन दोनों देशों के राजदूत भी मौजूद थे.
ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया वाली बात फिर दोहराते
हुए कहा कि लेबनानी राष्ट्रपति और इसराइली प्रधानमंत्री आने वाले हफ़्तों में
व्हाइट हाउस आएंगे.
नमस्कार!
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर
आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम
ख़बरें पहुंचाऊंगा.