चीन के विदेश मंत्री वांग ई और पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक़ डार ने आज यानी मंगलवार को चीन के बीजिंग में मुलाक़ात की.
इस दौरान दोनों ने मिडल ईस्ट की स्थिति की समीक्षा की.
दोनों देशों ने व्यवस्था बहाल करने के लिए इन पांच सूत्री उपायों का प्रस्ताव रखा है.
1. संघर्ष फौरन रुकना चाहिए
चीन और पाकिस्तान ने तुरंत लड़ाई रोकने और संघर्ष को फैलने से रोकने के लिए हर संभव कोशिश करने की अपील की. साथ ही जंग से प्रभावित सभी क्षेत्रों में मानवीय सहायता पहुंचने दी जानी चाहिए.
2. जल्द से जल्द शांति वार्ता शुरू हो
जितनी जल्दी हो सके, शांति वार्ता शुरू की जाए. ईरान और खाड़ी देशों की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता, राष्ट्रीय स्वतंत्रता और सुरक्षा की रक्षा की जानी चाहिए. विवादों के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति ही एकमात्र प्रभावी रास्ता है.
3. आम लोगों और गैर-सैन्य ठिकानों की सुरक्षा
सैन्य संघर्ष में नागरिकों की सुरक्षा के सिद्धांत का पालन किया जाना चाहिए. चीन और पाकिस्तान ने सभी पक्षों से अपील की कि वो फौरन नागरिकों और गैर-सैन्य ठिकानों पर हमले बंद करें और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पूरी तरह पालन करें. ऊर्जा, पानी शुद्धिकरण संयंत्र, बिजली घर और शांतिपूर्ण परमाणु ढांचे पर हमले रोके जाएं.
4. समुद्री रास्तों की सुरक्षा
स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ और इसके आसपास का क्षेत्र वैश्विक स्तर पर सामान और ऊर्जा की आपूर्ति के लिए एक अहम समुद्री मार्ग है. चीन और पाकिस्तान ने अपील की है कि यहां फंसे जहाजों और उनके चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, नागरिक और व्यावसायिक जहाज़ों को जल्द और सुरक्षित रास्ता दिया जाए, और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में सामान्य आवाजाही जल्द बहाल की जाए.
5. संयुक्त राष्ट्र की भूमिका
चीन और पाकिस्तान ने सच्चे बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने, मिलकर यूनाइटेड नेशन्स की भूमिका को मज़बूत करने और यूएन चार्टर व अंतरराष्ट्रीय क़ानून के सिद्धांतों के आधार पर स्थायी शांति के लिए एक व्यापक समझौते का समर्थन करने की बात कही.