ईरान और रूस के पास है अमरीकी मतदाताओं की जानकारी- एफ़बीआई
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अमरीका में ख़ुफ़िया अधिकारियों ने कहा है कि रूस और ईरान ने 3 नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले वोटर्स को प्रभावित करने के लिए उनकी जानकारियाँ हासिल कर ली हैं.
अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में जानकारी दी कि रूस और ईरान दोनों देश मतदाताओं को ग़लत जानकारी देने के लिए संपर्क करना चाहते हैं.
अधिकारियों ने बताया कि कई राज्यों में डेमोक्रेट मतदाताओं को ईरान से धमकी भरे ईमेल भेजे जा रहे हैं.
नेशनल इंटेलिजेंस के निदेशक जॉन रेटक्लिफ़ ने बताया कि ये ईमेल दक्षिणपंथी ट्रंप समर्थक समूह की ओर से आए हैं और अशांति फैलाने के इरादे से भेजे गए थे.
रेटक्लिफ़ के मुताबिक़ अमरीकी अधिकारियों को ये भी पता चला है कि ईरान और रूस ने कुछ मतदाताओं के रजिस्ट्रेशन की जानकारी भी हासिल की है. यह जानकारी राष्ट्रपति चुनाव के महज 13 दिनों पहले आई है.
'अराजकता फैलाने की कोशिश'
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रेटक्लिफ़ ने बताया कि ऐसा लग रहा है कि ईरान से धमकी भरा मेल 'प्राउड बॉयज़' भेज रहे हैं. यह वोटरों को डराने, अराजकता फैलाने और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नुक़सान पहुँचाने के इरादे से भेजा गया है.
उन्होंने कहा कि वोटर्स के डेटा का लोगों को ग़लत जानकारी देने में इस्तेमाल किया जा सकता है, इससे भ्रम की स्थिति पैदा की जा सकती है ताकि अमरीकी लोकतंत्र में लोगों का विश्वास कमज़ोर हो.
रेटक्लिफ़ ने बताया कि अधिकारियों को रूस की तरफ़ से अभी ऐसी कोई गतिविधि देखने को नहीं मिली है, लेकिन उन्हें पता है कि उनके (रूस के) पास भी वोटर्स की जानकारी है.
नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ़ स्टेट लेजिस्लेचर्स के मुताबिक़ कई राज्यों में मतदाताओं की जानकारी याचिका दे कर हासिल की जा सकती है. हालाँकि इसे हासिल करने के लिए प्रत्येक राज्य में अलग-अलग नियम हैं.
रेटक्लिफ कहते हैं, "अगर आपके इनबॉक्स में एक डराने धमकाने वाला ईमेल आता है, तो चिंतित न हों और इसे किसी को भेजे नहीं." साथ ही वे कहते हैं कि ये विरोधियों की हताशा भरी कार्रवाई है.
संवाददाता सम्मेलन में एफ़बीआई के निदेशक क्रिस्टोफर रे भी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि अमरीकी चुनाव प्रणाली सुरक्षित और लचीली है.
उन्होंने कहा, "आपको यह विश्वास होना चाहिए कि आपका वोट मायने रखता है."
ईमेल
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मतदाताओं का डेटा कैसे प्राप्त किया गया या रूस इन जानकारियों का क्या इस्तेमाल कर सकता है, इस बारे में अधिकारियों ने और कोई जानकारी नहीं दी.
जिस ईमेल की बात की जा रही है, उसे फ़्लोरिडा जैसे अहम राज्य समेत कई राज्यों के डेमोक्रेट वोटर्स को भेजा गया है.
अमरीकी मीडिया के मुताबिक ईमेल में लिखा गया है, "चुनाव के दिन ट्रंप के लिए वोट डालना वरना हम आपको छोड़ेंगे नहीं."
इसमें यह भी लिखा गया है, "अपनी पार्टी बदल कर रिपब्लिकन पार्टी को समर्थन दें ताकि हम ये जान सकें कि आपको हमारा ये संदेश मिल गया है और आप हमारे आदेश का पालन करेंगे."
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