ब्लैक लाइव्स मैटर: नस्लवाद विरोधी प्रदर्शनों से गूंजी लंदन और पेरिस की सड़कें

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अमरीकी के मिनिपोलिस में अफ्रीकी अमरीकी व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की मौत ने यूरोप में नस्लभेद के मुद्दे पर बहस छेड़ दी है.

अमरीका के कई राज्यों में लगातार इस मुद्दे पर लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. शनिवार को ब्रिटेन के लंदन और फ्रांस की राजधानी पेरिस समेत दूसरे इलाक़ों में इस मुद्दे को लेकर नस्लभेद विरोधी प्रदर्शन हुए.

जॉर्ज फ्लायड की मौत उस वक्त हो गई थी जब एक गोरा पुलिस अधिकारी उनकी गरदन पर नौ मिनट तक घुटने टेक कर बैठा रहा.

पेरिस में नस्लभेद और कथित पुलिस बर्बरता के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे लोगों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं. प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े.

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पेरिस में गूंजे 'न्याय नहीं तो शांति नहीं' के नारे

अमरीका के ब्लैक लाइव्स मैटर विरोध प्रदर्शनों की तर्ज पर शनिवार दोपहर सेंट्रल पेरिस के प्लेस डे ला रिपब्लिक में करीब 15,000 प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए. ये लोग "न्याय नहीं तो शांति नहीं" के नारे लगा रहे थे.

ये विरोध प्रदर्शन "जस्टिस फ़ॉर अडामा" नाम के बैनर तले आयेजित किए गए थे. अडामा त्राओर एक युवा काले नागरिक थे जिनकी मौत साल 2016 में फ्रांसीसी पुलिस की कस्टडी में हो गई थी.

प्रदर्शनकारियों में अडामा त्राओर की बहन ऐसा त्राओर भी शामिल थी. उन्होंने 'सामाजिक भेदभाव, नस्लभेद और पुलिस की बर्बरता का विरोध' करने की अपील की और कहा कि "जो अमरीका में हो रहा है वो फ्रांस में भी हो रहा है. हमारे भाई मर रहे हैं."

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प्रदर्शनकारियों को पेरिस के प्लेस डे ला रिपब्लिक में इकट्ठा होने की इजाज़त तो दी गई थी लेकिन उन्हें वहां से ऑपेरा एरिया तक मार्च निकालने की इजाज़त ये कहतेहुए नहीं दी गई कि इससे स्थानीय व्यवसाय को ख़तरा हो सकता है.

प्रदर्शनकारियों ने मार्च करने की कोशिश की जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस से गोले छोड़े.

फ्रांस के ल्योन और मार्सिले में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए थे.

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फ्रांसीसी पुलिस के ख़िलाफ़ क्यों हुए प्रदर्शन?

फ्रांसीसी पुलिस वॉचडॉग का कहना है कि पिछले साल उन्हें पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ लगभग 1,500 शिकायतें मिलीं थीं जिनमें से तकरीबन आधे कथित तौर पर हिंसा के मामलों से संबंधित थे.

हाल ही में पुलिस पर 14 साल के एक बच्चे को गंभीर रूप से घायल करने का आरोप है. इस बच्चे को एक स्कूटर की चोरी करने की कोशिश के संदेह में हिरासत में लिया गया था.

इससे पहले सोमवार को देश के गृह मंत्री क्रिस्टोफ़ केस्टानर ने कहा था कि संदिग्ध को पकड़ने के पुलिस के 'चोकहोल्ड' तरीके को बैन किया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है इसमें नस्लभेद की कोई जगह नहीं. जो अधिकारी नस्लभेद का समर्थन करेंगे उन्हें निलंबित किया जाएगा.

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ब्रिटेन में विरोध प्रदर्शनों के विरोध में भी हुए प्रदर्शन

लंदन में लोगों को विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा न लेने की हिदायत दी गई थी लेकिन इसके बावजूद सेंट्रल लंदन में हज़ारों की संख्या में प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए.

दूसरी तरफ धुरदक्षिणपंथी समूहों से ताल्लुक रखने वाले एक्टिविस्ट भी सड़कों पर उतर आए. इनका दावा था कि वो नस्लभेद विरोधी प्रदर्शनकारियों से देश के इतिहास से जुड़ी शख्सियतों की मूर्तियां बचाना चाहते हैं.

लंदन के आलावा ग्लासगो, बेलफास्ट और ब्रिस्टल में भी धुरदक्षिणपंथी समूह से जुड़े लोग वॉर मेमोरियल बचाने के दावे के साथ एकत्र हुए.

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लंदन में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को स्थानीय समयानुसार 17.00 बजे तक सड़कें खाली करने के लिए कहा था. लेकिन इसके बाद भी देर तक कुछ प्रदर्शनकारी सड़कों पर दिखे.

पुलिस ने प्रदर्शनों के दौरान हिंसा करने, पुलिस पर हमला करने और हथियार रखने के आरोप में करीब 100 लोगों को हिरासत में लिया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प में छह पुलिसकर्मी घायल हुए हैं.

प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने ट्वीट कर कहा कि "हमारे देश की सड़कों पर नस्लभेद की कोई जगह नहीं है. जो कोई पुलिस पर हमला करेगा उसके ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई की जाएगी."

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प्रदर्शनकारी वाइटहॉल और पार्लियामेंट स्क्वायर में इकट्ठा हुए. वो "इंग्लैंड" के नारे लगा रहे थे. लेकिन जल्द ही प्रदर्शन हिंसक हो गए और प्रदर्शनकारी पुलिस पर बोतलें और कैन फेंकने लगे.

हालांकि लंदरनके हाइड पार्क और मार्बल आर्च में ब्लैक लाइव्स मैटर मूवमेंट के समर्थन में शांतिपूर्ण प्रदर्शन भी हुए.

आयोजकों ने लोगों से अपील की कि वो रविवार को किसी रैली में हिस्सा न लें क्योंकि इस दौरान धुरदक्षिणपंथी समूहों से जुड़े लोगो के साथ उनकी झड़प होने की संभावना है.

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लंदन के अलवा ब्रिटेन के कई और जगहों पर भी लोगों ने नस्लभेद के विरोध में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किए. ब्राइटन में हज़ारों की संख्या में लोगों ने समुद्रतट पर मानवश्रृंखला बनाई.

न्यूकासल में बड़ी संख्या में ब्लैक लाइव्स मैटर मूवमेंट के समर्थक इकट्ठा हुए लेकिन यहां उनकी झड़प प्रदर्शन का विरोध करने वालों से हुई.

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