पैसा देकर आज़ाद हो गए सऊदी अरब के अरबपति प्रिंस अलवलीद बिन तलाल

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भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत सऊदी अरब में हिरासत में लिए गए दुनिया के सबसे अमीर लोगों में से एक प्रिंस अलवलीद बिन तलाल को दो महीनों के बाद रिहा कर दिया गया है.

एक अधिकारी के अनुसार, वित्तीय समझौते को सरकारी अभियोजक से मंज़ूरी मिलने के बाद उनको रिहा किया गया है.

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस की अध्यक्षता वाली नई भ्रष्टाचार रोधी संस्था ने नवंबर में प्रिंस अलवलीद को गिरफ़्तार किया गया था.

इस भ्रष्टाचार रोधी अभियान में 200 से अधिक राजकुमार, राजनेता और अमीर व्यवसाई लोगों को हिरासत में लिया गया था.

इसके बाद इन सभी को रियाद के रिट्ज़ कार्लटन होटल में रखा गया था जिसको 14 फ़रवरी से दोबारा खोला जाना है.

हिरासत में लिए गए लोगों में से रिहा होने वाले प्रिंस अलवलीद सबसे चर्चित व्यक्ति हैं. रिहाई से पहले समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि उन पर कोई आरोप नहीं लगाए गए हैं और उन्होंने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के प्रति समर्थन प्रकट किया है.

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17 अरब डॉलर की संपत्ति

अरबपति अलवलीद का दुनिया के कई व्यवसायों में निवेश है जिसमें ट्विटर और एप्पल जैसी कंपनियां शामिल हैं.

नवंबर में फोर्ब्स पत्रिका ने अनुमान लगाया था कि उनकी कुल संपत्ति 17 अरब डॉलर की है जो उन्हें दुनिया का 45वां सबसे अमीर आदमी बनाती है.

अधिकारियों का कहना है कि वह अपनी कंपनी किंगडम होल्डिंग के प्रमुख बने रहेंगे.

जो अन्य चर्चित लोग रिहा हुए हैं उसमें एमबीसी टेलिविज़न नेटवर्क के प्रमुख वलीद अल-इब्राहिम और शाही अदालत के पूर्व प्रमुख ख़ालिद अल-तुवैजीरी भी शामिल हैं.

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एक अरब डॉलर देकर हुई रिहाई

रिपोर्ट्स के अनुसार, इन्होंने भी पर्याप्त वित्तीय समझौता किया है. हालांकि, उन्होंने रिहाई के लिए कितना पैसा दिया है इसको सार्वजनिक नहीं किया गया है.

ऐसा अनुमान लगाया जाता है कि नवंबर के आख़िर में रिहा होने वाले प्रिंस मितेब बिन अब्दुल्ला ने रिहाई के लिए एक अरब डॉलर से अधिक रक़म चुकाई थी.

मीडिया रिपोर्टों में यह भी कहा जा रहा है कि अल-इब्राहिम की रिहाई में उनके टीवी नेटवर्क के शेयरों का नियंत्रण भी शामिल हो सकता है. उनका टीवी नेटवर्क मध्य पूर्व की सबसे बड़ी मीडिया कंपनी है.

भ्रष्टाचार रोधी अभियान प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान द्वारा शुरू किया गया था. उन पर ये आरोप भी लगे थे कि वह यह अभियान अपने विरोधियों को हटाने और अपनी ताक़त मज़बूत करने के लिए चला रहे हैं.

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वैलेटाइंस डे तक खुलना है होटल

इस अभियान के बाद सऊदी अरब के अटॉर्नी जनरल ने घोषणा की थी कि भ्रष्टाचार के तहत कम से कम 100 अरब डॉलर का दुरुपयोग किया गया और दशकों तक गबन होता रहा.

हिरासत में लिए जाने और महंगे सौदे किए जाने को इस इस्लामी राष्ट्र ने पैसे वापस लाने की प्रक्रिया बताया था.

रिट्ज़ कार्लटन में सुरक्षाकर्मियों की निगरानी में अभी भी कई लोग हिरासत में हैं और वैलेटाइंस डे पर फरवरी के मध्य तक इस होटल को दोबारा खोला जाना है.

हिरासत में लिए गए जिन लोगों से समझौता नहीं हो पाएगा, मामला चलाने के लिए उन्हें जेल भेज दिया जाएगा.

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