ममता के दो विधायक और दर्जनों काउंसलर बीजेपी में शामिल
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तृणमूल कांग्रेस के दो और सीपीआई (एम) के एक विधायक के अलावा 60 पार्षद मंगलवार को बीजेपी में शामिल हो गए. ये सभी पार्षद पश्चिम बंगाल की सिविक बॉडी के हैं.
लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को तगड़ा झटका देने के बाद एक और झटका दिया है. इस बार बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में 18 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि 2014 में महज़ दो सीटों पर ही जीत मिली थी.
बीजापुर के विधायक सुभ्रांशु रॉय, नवापारा के विधायक सुनील सिंह और बैरकपुर के विधायक शीलभद्रा दत्ता सोमवार को दिल्ली पहुंचे थे.
इसी तरह हलीसाहर, कांचरपारा और नईहाटी नगरपालिका के टीएमसी के 30 पार्षद भी दिल्ली पहुंचे थे. ये सभी विधानसभा क्षेत्र उत्तरी 24 परगना ज़िले के हैं.
सुभ्रांशु रॉय पश्चिम बंगाल में बीजेपी के चुनावी अभियान के संयोजक मुकुल रॉय के बेटे हैं. सुनील सिंह भी बैरकपुर से बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह के रिश्तेदार हैं. शीलभद्रा दत्ता को भी मुकुल रॉय का क़रीबी बताया जाता है.
बीजेपी में विधायकों और पार्षदों को शामिल कराए जाने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, ''जैसे पश्चिम बंगाल में सात चरणों में मतदान हुआ है वैसे ही और विधायक बाक़ी के चरणों में बीजेपी में शामिल होंगे. यह पहला चरण था.''
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सुभ्रांशु रॉय को तृणमूल कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद 24 मई को पार्टी से बाहर निकाल दिया था. उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के मामले में टीएमसी से निकाला गया था. वो अपने पिता की तारीफ़ कर रहे थे और ममता की बुराई.
इस लोकसभा चुनाव में बीजेपी की न केवल सीटें बढ़ी हैं बल्कि वोट प्रतिशत भी 40.25 फ़ीसदी हो गया. तृणमूल कांग्रेस ने 2014 में 34 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी जो इस चुनाव में घटकर 22 हो गईं.
पार्षदों में हलीसाहर नगरपालिका के चेयरमैन और कांचरपारा नगरपालिका के उपाध्यक्ष भी शामिल हैं. इन पार्षदों ने कहा कि उन्होंने सुभ्रांशु रॉय की तरह बीजेपी में जाने का फ़ैसला किया है.
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