रफ़ाल वाली फ़ाइलें चोरी नहीं हुईं- रक्षा मंत्री
इमेज स्रोत, Reuters
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि रफ़ाल सौदे से जुड़ी फ़ाइलें रक्षा मंत्रालय से चोरी नहीं हुई हैं.
अपने सोशल मीडिया हैंडल से दो ट्वीट कर उन्होंने लिखा है, "अटॉर्नी जनरल केके वेनुगोपाल ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया है कि रफ़ाल सौदे से जुड़े दस्तावेज़ चोरी नहीं हुए हैं. उन्होंने जो कुछ कोर्ट में कहा उसका मतलब था कि पिटीशनर ने अपनी अर्ज़ी में असल दस्तावेज़ की फ़ोटोकॉपी इस्तेमाल की थी जिन्हें सरकार ख़ुफ़िया दस्तावेज़ मानती है."
इमेज स्रोत, Nirmala Sitharaman @Twitter
कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इस पर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने ट्वीट किया है, "जिस सरकार के एजी को रक्षा मंत्रालय की फ़ाइल चोरी और फोटोकापी का अंतर पता ना हो, वो देश के सुरक्षित हाथों में होने के दावे कर रहे है."
इमेज स्रोत, Randeep Singh Surjewala @Twitter
रणदीप सुरजेवाला ने एक और ट्वीट कर लिखा है, ''एक झूठ को छिपाने के लिए सौ झूठ बोलने की कला. कल सुप्रीम कोर्ट में कहा कि राफ़ेल से जुड़ी फ़ाइल चोरी हो गई. आज कहा कि उसकी फोटोकॉपी चोरी हो गई. मोदी जी, कल कौन सा झूठ बोलेंगे? अब नामुमकिन झूठ भी मुमकिन है!''
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
फ़ाइल चोरी होने की बात
इससे पहले भारत के अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि 'द हिन्दू' अख़बार के ख़िलाफ़ गोपनीयता के क़ानून के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है.
केंद्र सरकार का कहना था कि फ़्रांस से 36 लड़ाकू विमानों की ख़रीद से जुड़े दस्तावेज़ रक्षा मंत्रालय से चोरी हो गए और इसी के आधार पर 'द हिन्दू' ने अपनी रिपोर्ट प्रकाशित की है.
वेणुगोपाल ने कोर्ट में कहा था कि 'द हिन्दू' ने जिन दस्तावेज़ों को प्रकाशित किया है उस आधार पर रफ़ाल सौदे की जांच नहीं होनी चाहिए क्योंकि ये सरकार की गोपनीय फ़ाइलें हैं.
'द हिन्दू पब्लिशिंग ग्रुप' के चेयरमैन एन राम के नाम से रफ़ाल सौदे पर कई रिपोर्ट प्रकाशित हुई हैं. एन राम का इस बारे में कहना है कि उन्होंने जनहित में ये रिपोर्टें प्रकाशित की हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)
टॉप स्टोरी
ज़रूर पढ़ें
सबसे अधिक लोकप्रिय
सामग्री् उपलब्ध नहीं है