बीजेपी सांसद के लड़कियों को 'टनाटन' वाले बयान पर बवाल

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इमेज कैप्शन, भारतीय जनता पार्टी के सांसद बंशी लाल महतो
    • Author, आलोक प्रकाश पुतुल
    • पदनाम, रायपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए

छत्तीसगढ़ की लड़कियों को 'टनाटन' बताने वाले भारतीय जनता पार्टी के सांसद बंशी लाल महतो विपक्षी दलों के निशाने पर आ गए हैं.

विपक्ष का कहना है कि महिलाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करने वाले सांसद को सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगनी चाहिये.

77 साल के हैं भाजपा के सांसद

77 साल के महतो राज्य के कोरबा इलाके से भाजपा सांसद हैं. वे कोरबा में जनसंघ और जनता पार्टी के भी अध्यक्ष रहे हैं.

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इमेज कैप्शन, खेल और श्रम मंत्री भैयालाल रजवाड़े के साथ सांसद बंशी लाल महतो (दाएं)

सोमवार को कोरबा शहर में जिला कुश्ती संघ ने दंगल का कार्यक्रम आयोजित किया था. इसी आयोजन के समापन अवसर पर बंशीलाल महतो अपने विचार प्रकट कर रहे थे.

बंशीलाल महतो ने छत्तीसगढ़ के खेल मंत्री के हवाले से कहा, "हमारे खेल मंत्री भैया लाल जी रजवाड़े अक्सर ये बात बोला करते हैं कि अब बालाओं की ज़रूरत बंबई और कलकत्ता से नहीं है, कोरबा की टूरी और छत्तीसगढ़ की लड़कियां टनाटन हो गई हैं. ये बात मज़ाक में भले हो शायद. लेकिन अभी जो जोगी जी ने आह्वान किया है, उनका मैं समर्थन करता हूं."

उनके इस बयान के बाद बवाल मच गया. मंच पर उपस्थित जनता कांग्रेस के विधायक अमित जोगी का कहना था कि सांसद का यह बयान घोर आपत्तिजनक है. उन्हें इसके लिये माफ़ी मांगनी चाहिये.

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इमेज कैप्शन, खेल और श्रम मंत्री भैयालाल रजवाड़े

"मेरे कहे को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया"

हालांकि सांसद बंशीलाल महतो का कहना है कि उन्होंने कुछ भी ग़लत नहीं कहा है. उन्होंने कहा, "मेरे कहे को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है."

असल में सांसद महोदय ने छत्तीसगढ़ सरकार के जिन मंत्री भैयालाल रजवाड़े का उल्लेख करते हुये यह बयान दिया, वो कुछ महीने पहले ही लड़कियों को 'टनाटन' बताकर विवादों में फंस चुके हैं.

इससे पहले भी खेल और श्रम मंत्री भैयालाल रजवाड़े, सरकार की संसदीय सचिव चंपादेवी पावले को सार्वजनिक तौर पर 'वन के साथ तन' जैसा बयान देने के बाद आलोचना का शिकार हुए थे.

इसके अलावा केवल तौलिया लपेट कर जनता दरबार लगाने को लेकर भी उनकी खिंचाई हो चुकी है.

अभी कुछ महीने पहले ही भैयालाल रजवाड़े अपनी जापान यात्रा के बाद जब लौटे तो उन्होंने अपनी सभाओं में जापान के साथ भारत की तुलना करते हुए जापान को स्वर्ग और भारत को नरक बताया था.

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