अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की शादी पर जामनगर एयरपोर्ट चर्चा में क्यों - प्रेस रिव्यू
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भारत के सबसे धनी व्यक्ति मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी की शादी से पहले जामनगर हवाई अड्डे को 10 दिनों के लिए अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दर्जा दिया गया है.
मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी और जाने-माने व्यवसायी वीरेन मर्चेंट की बेटी राधिका मर्चेंट की शादी जामनगर में हो रही है. अख़बार द हिंदू लिखता है कि इससे पहले एक मार्च को प्री वेडिंग बैश शुरू हुआ जिसके लिए दुनियाभर से जाने माने लोग जामनगर पहुंचे.
इनमें माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स, फ़ेसबुक के संस्थापक मार्क ज़करबर्ग, जानी-मानी गायिका रिहाना, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका समेत कई देशों के प्रधानमंत्री और बॉलीवुड के कई जाने-माने कलाकार शामिल हैं.
अख़बार लिखता है कि 25 फरवरी से लेकर पांच मार्च के बीच एयरपोर्ट पर कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें आ सकती हैं. ऐसे में स्वास्थ्य मंत्रालय, वित्त मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने एयरपोर्ट पर ही कस्टम, इमिग्रेशन और क्वारंटीन की सुविधाएं तैयार की हैं.
अख़बार लिखता है कि जामनगर एक सैन्य हवाई अड्डा है जहां नागरिक विमानों को भी उतरने की इजाज़त है. एयरपोर्ट अथॉरिटी ने यहां अलग से पैसेंजर टर्मिनल बनाया है. लेकिन अनंत अंबानी की शादी के दौरान एयरपोर्ट पर बढ़ने वाली भीड़ के मद्देनज़र भारतीय वायुसेना ने अपने संवेदनशील 'तकनीकी एरिया' तक पहुंच की भी इजाज़त दी है.
नाम न छापने की शर्त पर अख़बार ने एयरपोर्ट के एक अधिकारी के हवाले से लिखा है कि "निश्चित वक्त में तकनीकी क्षेत्र में तीन विमानों को रखा जा रहा है. एयरपोर्ट के सिविल एरिया में एक वक्त में छह छोटे और 3 बड़े विमानों को रखा जा सकता है."
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आमतौर पर हवाई अड्डे से दिनभर में छह विमान उतरते-उड़ान भरते हैं, शुक्रवार को यह आंकड़ा 140 तक पहुंच गया. इमनें 50 फ़ीसदी से अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें थीं.
बिज़नेस स्टैंडर्ड में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार एयरपोर्ट के निदेशक धनंजय कुमार सिंह ने कहा है कि जामनगर एयरपोर्ट पर पार्किंग की जगह नहीं है जिस कारण चार्टर्ड विमानों को पास के राजकोट, पोरबंदर, अहमदाबाद, मुंबई में रखा जा रहा है.
अख़बार लिखता है कि मुकेश अंबानी के बेटे की शादी में आने वाले मेहमानों की सूची दावोस के सालाना सम्मेलन की सूची को भी मात दे रही है. इनमें गौतम अडानी, कुमार मंगलम बिड़ला, अजय परिमल, शाहरुख़ ख़ान, दीपिका पादुकोण, सचिन तेंदुलकर जैसे नाम शामिल हैं.
नौसेना ख़रीदेगी 39 हज़ार की मिसाइलें, रडार और इंजन
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रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ाते हुए रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को ब्रह्मोस मिसाइलें, जहाज़ों पर लगने वाले ब्रह्मोस सिस्टम, अत्याधुनिक रडार सिस्टम और मिग-29 लड़ाकू विमानों के लिए इंजन खरीदने से जुड़े पांच सौदों पर हस्ताक्षर किए हैं. ये सौदे कुल 39,125 करोड़ रुपये के हैं.
अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार रक्षा मंत्रालय ने कहा है, "ये सौदे स्वदेशी क्षमताओं को मज़बूत करेंगे, विदेशी मुद्रा बचाएंगे और हथियारों के लिए विदेश पर निर्भरता कम करेंगे."
इनमें से 19,518.65 करोड़ रुपये और 988.07 करोड़ रुपये के लिए दो सौदे ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड के साथ हुए हैं. ब्रह्मोस मिसाइल को भारत और रूस ने साझेदारी में बनाया है.
इसके अलावा एयर डिफेन्स सिस्टम के लिए हथियारों और उन्नत रडार के लिए लार्सन एंट टूब्रो लिमिटेड के साथ 7,668.82 करोड़ रुपये और 5,700 करोड़ रुपये के दो सौदे हुए हैं.
चुनावों के लिए बीजेपी जल्द जारी कर सकती है उम्मीदवारों की पहली लिस्ट
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अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक ख़बर के अनुसार बीजेपी जल्द लोकसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों की अपनी पहली लिस्ट जारी कर सकती है.
शुक्रवार देर तक इस मुद्दे को लेकर पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई जिसके बाद एक मंत्री ने बताया कि "पहली लिस्ट में कितने उम्मीदवार होंगे इस बारे में कुछ कहना अभी जल्दबाज़ी होगी लेकिन ये लिस्ट अहम होगी."
सूत्रों के हवाले से अख़बार लिखता है कि पहली लिस्ट में पीएम मोदी और जिन सीटों पर बीजेपी पिछला चुनाव हारी थी उनके नाम अहम हो सकते हैं. पार्टी चाहती है कि जिन सीटों पर वो इससे पहले हार गई थी उन पर उम्मीदवारों को अभियान चलाने के लिए पर्याप्त वक्त मिले.
अख़बार लिखता है कि उत्तर प्रदेश में जहां 80 सीटें हैं, वहां से पहली लिस्ट में 20 उम्मीदवारों के नाम हो सकते हैं. यहां पार्टी दो सीटें राष्ट्रीय लोक दल के लिए छोड़ सकती है. इसके अलावा एक या दो सीटें अपना दल (एस), एक सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और एक निषाद पार्टी के लिए छोड़ सकती है.
वहीं मध्य प्रदेश की 29 में से 10 सीटों पर नाम पहली लिस्ट में आ सकते हैं और इनमें विदिशा से पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान का नाम शामिल हो सकता है.
असम में सीएए को लेकर फिर शुरू हो सकता है विरोध
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हिंदुस्तान टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार असम में नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) के विरोध में एक बार फिर विरोध प्रदर्शन हो सकते हैं.
प्रधानमंत्री मोदी के असम दौरे से पहले ऑल असम स्टूडेन्ट्स यूनियन (एएएसयू) और प्रदेश के 30 और संगठनों ने इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन करने की व्यापक योजना नाई है. इसमें मार्च की नौ तारीख को सभी ज़िलों में 12 घंटों की भूख हड़ताल शामिल है.
एएएसयू अध्यक्ष उत्पल शर्मा ने सीएए को "लोगों के साथ हुआ अन्याय" बताया है और कहा है कि असम ने कभी सीएए को स्वीकार नहीं किया है और इसे लागू करने की कोशिशों का विरोध किया जाएगा.
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