लाइव, भारतीय झंडों वाले जहाज़ों पर हुए हमले को लेकर ईरानी सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि ने क्या कहा?

होर्मुज़ स्ट्रेट में दो भारतीय झंडे वाले जहाज़ों पर हुई गोलीबारी की घटना पर भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि की प्रतिक्रिया आई है.

सारांश

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा

  1. भारतीय झंडों वाले जहाज़ों पर हुए हमले को लेकर ईरानी सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि ने क्या कहा?

    डॉ अब्दुल मजीद हकीम इलाही

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि ईरान और भारत का रिश्ता बहुत मज़बूत है

    होर्मुज़ स्ट्रेट में दो भारतीय झंडे वाले जहाज़ों पर हुई गोलीबारी की घटना पर भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि की प्रतिक्रिया आई है.

    भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा, "ईरान और भारत का रिश्ता बहुत मज़बूत है और मुझे इस घटना के बारे में जानकारी नहीं है. हम उम्मीद करते हैं कि सब ठीक होगा और यह मामला सुलझ जाएगा."

    उन्होंने आगे कहा, "हम यह युद्ध नहीं चाहते. हम शांति चाहते हैं और उम्मीद करते हैं कि दूसरा पक्ष भी शांति का पालन करे ताकि हमारे क्षेत्र में शांति बनी रहे."

    दरअसल, इससे पहले बीबीसी वेरीफ़ाई ने जानकारी दी थी कि जब स्ट्रेट को दोबारा खोला जा रहा था तो उसी दौरान भारतीय झंडे वाले दो जहाज़, कार्गो शिप जग अर्नव और तेल टैंकर सनमार हेराल्ड को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने अपने तय मार्ग से हटने के आदेश दिए.

    टैंकरों की आवाजाही पर नज़र रखने वाली वेबसाइट "टैंकरट्रैकर्स" ने कहा है कि इस दौरान "गोलीबारी" भी हुई.

    इस घटना के बाद भारत ने ईरान के राजदूत को तलब कर अपनी आपत्ति दर्ज की.

  2. ईरान ने अमेरिका के इस फ़ैसले को बताया 'ग़लत' और 'नासमझी भरा'

    मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़

    इमेज स्रोत, Morteza Nikoubazl/NurPhoto via Getty Images

    इमेज कैप्शन, युद्ध शुरू होने के बाद से ही मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ईरान की ओर से एक अहम चेहरा बनकर उभरे हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने अमेरिका की ओर से बंदरगाहों पर की गई नाकाबंदी को 'ग़लत' और 'नासमझी' भरा फ़ैसला बताया है.

    ईरानी सरकारी टीवी से बात करते हुए ग़ालिबाफ़ ने कहा, "मैं पहले ही कह चुका हूं कि अगर यह रोक नहीं हटाई गई तो होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रना ज़रूर सीमित कर दिया जाएगा."

    अपने वीडियो संदेश में ग़ालिबाफ़ ने कहा कि होर्मुज़ स्ट्रेट ईरान के नियंत्रण में है.

    उन्होंने आगे बताया कि जब अमेरिका ने होर्मुज़ स्ट्रेट से माइन्स हटाने की कोशिश की, तो ईरान ने कड़े तरीक़े से विरोध किया.

    ग़ालिबाफ़ ने कहा, "हमने इसे युद्धविराम का उल्लंघन माना और साफ़ कहा कि अगर ऐसा किया गया तो हम हमला करेंगे."

    ग़ौरतलब है कि युद्ध शुरू होने के बाद से ही ग़ालिबाफ़ ईरान की ओर से एक अहम चेहरा बनकर उभरे हैं.

    हाल ही में उन्होंने इस्लामाबाद में अमेरिका से हुई बातचीत के दौरान ईरान के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था.

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