ईरान युद्ध: शनिवार को क्या हुआ जिससे तनाव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं
अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्धविराम और इसराइल-लेबनान संघर्षविराम के बीच शनिवार को कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिससे मध्य पूर्व में एक बार फिर से तनाव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं.
सारांश
होर्मुज़ स्ट्रेट में भारत के झंडे वाले दो जहाज़ों पर हुई गोलीबारी, भारत ने ईरान से ये कहा
ईरान युद्ध: शनिवार को क्या हुआ जिससे तनाव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं
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इमेज कैप्शन, शनिवार को जहाज़ों पर गोलीबारी के मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर से बढ़ता हुआ दिख रहा है (सांकेतिक तस्वीर)
अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्धविराम और इसराइल-लेबनान संघर्षविराम के बीच शनिवार को कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिससे मध्य पूर्व में एक बार फिर से तनाव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं.
जहाज़ों पर हमले
यूके मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (यूकेएमटीओ) के मुताबिक़ होर्मुज़ स्ट्रेट में एक टैंकर पर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने गोलीबारी की है.
यूकेएमटीओ ने बताया है कि यह घटना ओमान से 20 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व में हुई. हालांकि टैंकर और उसके चालक दल के सुरक्षित होने की ख़बर है.
यूकेएमटीओ का कहना है कि ओमान के उत्तर-पूर्व में 25 नॉटिकल मील की दूरी पर एक कंटेनर जहाज़ पर भी "किसी अज्ञात चीज़" से हमला हुआ, जिससे कुछ कंटेनरों को नुकसान पहुँचा.
इसके अलावा, तीन सूत्रों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि कम से कम दो व्यापारिक जहाजों ने कहा है कि जब वे होर्मुज़ स्ट्रेट को पार करने की कोशिश कर रहे थे, तब उन पर गोलीबारी की गई.
होर्मुज़ स्ट्रेट
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का कहना है कि ईरान का ‘’दृढ़ संकल्प’’ है कि युद्ध समाप्त होने तक होर्मुज़ स्ट्रेट पर वह अपना नियंत्रण बनाए रखेगा.
यह बयान इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के उस बयान के बाद आया है जिसमें उसने कहा था कि होर्मुज़ स्ट्रेट पर सेना अपना नियंत्रण फिर से शुरू कर रही है.
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इमेज कैप्शन, शनिवार सुबह होर्मुज़ स्ट्रेट के आस पास जहाज़ों की बड़ी संख्या दिख रही थी, लेकिन शाम होते-होते इस पर बढ़ते तनाव का असर दिखने लगा
देश के कई मीडिया आउटलेट्स ने आईआरजीसी के एक बयान का हवाला देते हुए कहा है कि यह होर्मुज़ स्ट्रेट "अपनी पिछली स्थिति" में लौट आएगा, और सशस्त्र बल इस क्षेत्र को नियंत्रित करेंगे.
शनिवार को होर्मुज स्ट्रेट में भारत के झंडे लगे दो जहाज़ों को अपना रास्ता बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा.
बीबीसी पर्शियन के मुताबिक़ टैंकरों की आवाजाही पर नज़र रखने वाली वेबसाइट "टैंकरट्रैकर्स" ने कहा है कि इस दौरान "गोलीबारी" भी हुई. टैंकरट्रैकर्स के मुताबिक़, "चैनल 16 की ऑडियो रिकॉर्डिंग" के आधार पर, आईआरजीसी नौसेना ने होर्मुज़ स्ट्रेट के पश्चिम में सफर के दौरान दो भारतीय जहाजों को होर्मुज़ स्ट्रेट से पीछे हटने के लिए मजबूर किया था.
ईरान-अमेरिका शांति वार्ता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि वह ईरान को अमेरिका को "ब्लैकमेल" नहीं करने देंगे.
इस बीच अमेरिका का कहना है कि 13 अप्रैल को नौसैनिक नाकाबंदी लागू करने के बाद से उसने 23 जहाज़ों को होर्मुज़ स्ट्रेट से वापस भेज दिया है.
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने अमेरिकी नाकाबंदी को संघर्षविराम की शर्तों का उल्लंघन बताया है.
ईरान की आईआरजीसी से जुड़ी तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने बताया है कि ईरान के अधिकारियों ने अभी तक अमेरिका के साथ बातचीत के अगले दौर के लिए सहमति नहीं दी है.
तस्नीम ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इसकी वजह "ट्रंप की ओर से नौसैनिक नाकाबंदी की घोषणा और समझौते में अमेरिकियों की अत्यधिक मांगें थीं, जो अब भी जारी हैं."
केरल में ट्रांसजेंडर दंपति को मिला ‘पैरेंट्स’ का दर्ज़ा, इमरान क़ुरैशी, बीबीसी हिन्दी के लिए बेंगलुरू से
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इमेज कैप्शन, ज़हद (बाएं) ने 2023 में एक बेटी को जन्म दिया था (फ़ाइल फ़ोटो)
केरल हाईकोर्ट के निर्देश के दस महीने बाद, एक ट्रांसजेंडर दंपति को आख़िरकार अपने बच्चे का बर्थ सर्टिफ़िकेट मिल गया है. इसमें माता-पिता के बजाय उन्हें पैरेंट्स के तौर पर दर्ज़ किया गया है.
जून 2025 में जस्टिस ज़ियाद रहमान एए के ऐतिहासिक फैसले के पीछे इस दंपति (ज़िया और ज़हद) की तीन साल लंबी कानूनी लड़ाई थी. वे अपनी बेटी ज़ाबिया के लिए जेंडर-न्यूट्रल बर्थ सर्टिफ़िकेट चाहते थे.
साल 2023 में यह मामला तब चर्चा में आया था, जब ज़हद और ज़िया (25 साल) ने सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें साझा कीं. इनमें ज़हद (24 साल) गर्भवती दिख रहे थे.
ज़हद भारत के पहले ट्रांसजेंडर पुरुष बने, जिन्होंने कोझिकोड के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया.
ज़हद का जन्म महिला के रूप में हुआ था, लेकिन वो सेक्स रीअसाइनमेंट प्रक्रिया के जरिए ट्रांसजेंडर पुरुष बन गए.
वहीं ज़िया का जन्म पुरुष के रूप में हुआ था. दोनों ने जब बच्चा पैदा करने का फ़ैसला किया तो ज़िया ने भी सेक्स रीअसाइनमेंट की प्रक्रिया शुरू की थी.
जब यह दंपति कोझिकोड सिटी कॉरपोरेशन के पास जन्म प्रमाणपत्र के लिए गया था, तो उसमें ज़हद (ट्रांसजेंडर) को मां और ज़िया (ट्रांसजेंडर) को पिता के तौर पर दर्ज़ किया गया था.
जस्टिस रहमान ने कहा कि जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र से जुड़े नियम ऐसे बनाए गए हैं, जिनमें ट्रांसजेंडर लोगों के अधिकारों को ध्यान में नहीं रखा गया है.
जबकि सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (नालसा) और ट्रांसजेंडर एक्ट 2019 के ज़रिये इन अधिकारों को मान्यता दी है.
उन्होंने कहा, “ऐसे मामलों में, जहां ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के हित जुड़े हों, जरूरी बदलाव किए जा सकते हैं.”
इस फैसले को दो वजहों से ऐतिहासिक माना जा रहा है.
पहली, यह एक ट्रांसजेंडर दंपति को परिवार के रूप में मान्यता देता है. दूसरी, इससे ट्रांसजेंडर समुदाय की उस मांग को मजबूती मिलती है, जिसमें वे बच्चों को गोद लेने के अधिकार की बात करते हैं.
हालांकि बेंगलुरु का एक फैमिली कोर्ट पहले इस तरह का फै़सला दे चुकी है. अदालत ने सिटी कॉरपोरेशन को दो महीने के भीतर नया जन्म प्रमाणपत्र जारी करने का निर्देश दिया था.
दंपति की वकील पद्मा लक्ष्मी ने बीबीसी हिन्दी से कहा,‘’लेकिन हाई कोर्ट की ओर से “फादर-मदर” की जगह “पैरेंट्स” करने निर्देश के बाद इसे लागू करने में दस महीने लग गए.’’
ज़िया ने कहा कि वे और ज़हद बहुत खुश हैं, क्योंकि उनकी पहचान की लड़ाई आख़िरकार सफल हुई है.
उन्होंने कहा, “अब हमें हमारी इच्छा के अनुसार पहचान मिल गई है.”
ईरान युद्ध: आईआरजीसी कमांडर के सलाहकार ने कहा, 'उनके हाथ हमारी कुल्हाड़ी के नीचे'
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इमेज कैप्शन, आईआरजीसी के कमांडर-इन-चीफ़ के सलाहकार ने दावा किया है कि ईरान के पास ऐसे दांव हैं, जिनका अब तक इस्तेमाल नहीं किया गया है और अब युद्ध होने पर ताक़तवर मिसाइलों का इस्तेमाल हो सकता है (सांकेतिक तस्वीर)
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के कमांडर-इन-चीफ़ के सलाहकार मोहम्मद रजा नकदी ने ईरानी सरकारी टेलीविज़न पर कहा कि अगर फिर से युद्ध छिड़ता है तो ईरान अपनी ताक़तवर मिसाइलों का इस्तेमाल कर सकता है.
बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़ एक टेलीविज़न टॉक शो में नकदी ने ईरानी सेनाओं की 'सामरिक स्थिति' का ज़िक्र करते हुए कहा, "हमने इन्फ़ोर्मेशन टेक्नोलॉजी और तेल उत्पादन जैसे कई लक्ष्यों पर हमला नहीं किया. हम एक साल के लिए प्रतिदिन 1.5 करोड़ बैरल तेल का उत्पादन रोक सकते थे."
उन्होंने कहा, "लेकिन हम दुनिया में अशांति पैदा नहीं करना चाहते थे. अब उनके हाथ हमारी कुल्हाड़ी के नीचे हैं. अगर युद्ध जारी रहता है तो हम उन सभी बिजली संयंत्रों को निशाना बना सकते हैं जो अमेरिकी ठिकानों को बिजली की आपूर्ति करते हैं."
मोहम्मद रजा नकदी ने कहा, "दुश्मन कहता है कि हमने ईरान के लॉन्चरों को नष्ट कर दिया है, लेकिन हम अपनी लोहार की दुकानों में लॉन्चर बना सकते हैं. हमारे पास जीत दिलाने वाले ऐसे दांव हैं जिन्हें हमने अभी तक इस्तेमाल नहीं किया है."
ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम के बाद भी दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है. ईरान ने पहले होर्मुज़ स्ट्रेट को खोल दिया लेकिन अमेरिकी नाकेबंदी के बाद ईरान ने फिर से इसे बंद कर दिया है.
इस दौरान कई जहाज़ों को ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट से वापस भेज दिया है और शनिवार को भारत के भी दो जहाज़ों पर गोलीबारी हुई है और इन जहाज़ों को होर्मुज़ स्ट्रेट पार नहीं करने दिया गया.
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान से साथ शांति वार्ता के अगले दौर के लिए अच्छी बातचीत चल रही है.
हालाँकि ट्रंप ने चेतावनी दी है ईरान को यह अनुमति नहीं दी जाएगी कि वो "अमेरिका को ब्लैकमेल करे."
लेबनान में यूएन के शांति मिशन के तहत काम कर रहे फ्रांस के एक सैनिक की मौत
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इमेज कैप्शन, यूएन शांति मिशन के तहत दक्षिणी लेबनान में तैनात फ्रांस के सैनिक (सांकेतिक तस्वीर)
फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक्स पर पोस्ट कर लेबनान में एक फ्रांसीसी सैनिक के मारे जाने की सूचना दी है. यह फ़्रांसीसी सैनिक लेबनान में अंतरराष्ट्रीय शांति मिशन के तहत देश के दक्षिणी हिस्से में तैनात था.
फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (यूएनआईएफ़आईएल) के शांति मिशन के तहत तैनात सैनिकों पर हुए इस हमले में तीन अन्य सैनिक घायल हो गए, जिन्हें वहां से निकाल लिया गया.
उन्होंने आगे कहा कि उपलब्ध जानकारी से पता चलता है कि इस हमले के लिए हिज़्बुल्लाह ज़िम्मेदार है.
उन्होंने लेबनान के अधिकारियों से मांग की है कि वे इस कथित अपराध के दोषियों को तुरंत गिरफ़्तार करें.
हालाँकि ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह ने इस घटना में शामिल होने से इनकार किया है.
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इमेज कैप्शन, फ़्रांस के राष्ट्रपति मैंक्रों ने लेबनान के अधिकारियों से मांग की है कि वे इस कथित अपराध के दोषियों को तुरंत गिरफ़्तार करें (फ़ाइल फ़ोटो)
इस बीच, लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ़ सलाम ने फ्रांसीसी शांति सैनिकों पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा की है.
उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "मैंने इस हमले के पीछे की वजहों का पता लगाने और दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए तत्काल जांच के सख़्त निर्देश दिए हैं."
उन्होंने आगे कहा, "यह कहने की ज़रूरत नहीं है कि इस तरह के गैरज़िम्मेदाराना रवैये से लेबनान और दुनिया भर के उन मित्र देशों के साथ उसके संबंधों को भारी नुक़सान पहुंचता है."
सलाम ने इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया कि यह हमला किसने किया था.
इससे पहले यूएनआईएफ़आईएल ने बताया था कि आज सुबह लेबनान में उसके गश्ती दल पर 'छोटे हथियारों से गोलीबारी' की गई.
एक बयान में यूएनआईएफ़आईएल ने कहा कि उसका एक गश्ती दल दक्षिणी लेबनान में एक सड़क पर विस्फोटकों को हटा रहा था, तभी उस पर "गैरसरकारी तत्वों ने हथियारों से गोलीबारी" की गई.
यूएनआईएफ़आईएल ने लेबनान सरकार से कहा कि वह "इस अपराध के दोषियों की पहचान करने और उन्हें सज़ा दिलाने के लिए तत्काल जांच शुरू करे."
ईरान में नेशनल आर्मी डे को लेकर सर्वोच्च नेता मोजतबा ख़ामेनेई ने ये कहा
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इमेज कैप्शन, तेहरान में शुक्रवार को नेशनल आर्मी डे के मौक़े पर हथियारों के साथ महिलाएं
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा ख़ामेनेई का एक नया लिखित संदेश ईरानी मीडिया ने शनिवार को प्रकाशित किया है.
ईरान में 'सेना दिवस' के अवसर पर जारी इस संदेश में होर्मुज़ स्ट्रेट और ईरान-अमेरिका बातचीत का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है.
इस संदेश के एक हिस्से में, "दुश्मनों" को चेतावनी दी गई है कि ईरानी सेना और नौसेना उन्हें "नई हार का कड़वा स्वाद चखाने" के लिए तैयार हैं.
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इमेज कैप्शन, पिछली बार की तरह इस बार भी मोजतबा ख़ामेनेई का यह एक लिखित संदेश था. मार्च की शुरुआत में सर्वोच्च नेता का पद संभालने के बाद से उन्हें सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है
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इमेज कैप्शन, शुक्रवार को आर्मी डे के मौक़े पर निकाले गए मार्च में शामिल एक महिला
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इमेज कैप्शन, सरकार के प्रति समर्थन दिखाने वाले नेशनल आर्मी डे के मौक़े पर महिलाएं तरह तरह के हथियारों के साथ दिखीं
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इमेज कैप्शन, अमेरिका और इसराइल ने 28 फ़रवरी को ईरान पर हमला शुरू किया था. शुरुआती हमले में ही ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई मारे गए थे
महुआ मोइत्रा का पीएम पर निशाना, 'आपकी पार्टी में महिलाओं का प्रतिशत सबसे कम'
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तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने लोकसभा में अलग-अलग दलों की महिला सांसदों की संख्या का हवाला देकर पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है.
महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया एक्स पर पीएम मोदी को संबोधित करते हुए कहा है, "लोकसभा में सभी पार्टियों के मुक़ाबले आपकी पार्टी में महिलाओं का प्रतिशत सबसे कम है. 543 सीटों के आधार पर महिला आरक्षण अभी लागू करें. कौन सी बात आपको रोक रही है? जुमलेबाजी नहीं चलेगी."
उन्होंने एक लिस्ट साझा कर दावा किया है कि सबसे ज़्यादा सांसद होने के बाद भी बीजेपी की महिला सांसदों की संख्या का अनुपात प्रमुख राजनीति दलों में सबसे कम है.
महुआ मोइत्रा ने बताया है कि बीजेपी के 240 लोकसभा सांसदों में 31 महिलाएं है और यहां उनकी संख्या महज़ 12.90% है.
जबकि कांग्रेस के 98 सांसदों में 14 यानी 14.30% और टीएमसी के 29 में 11 महिला सांसद हैं. इस तरह लोकसभा में टीएमसी के कुल सांसदों में 37.90% महिलाएं हैं.
जबकि समाजवादी पार्टी में 37 में 5 यानी 13.50% महिला सांसद हैं.
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लोकसभा में शुक्रवार को 131वां संविधान संशोधन बिल पेश हुआ और इस पर वोटिंग हुई, लेकिन यह बिल लोकसभा में पास नहीं हो सका.
बिल गिरने के बाद एक्स पर पोस्ट कर गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा, "अब देश की महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 फ़ीसदी आरक्षण, जो उनका अधिकार था, वह नहीं मिल पाएगा. कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने यह पहली बार नहीं किया, बल्कि बार-बार किया है. उनकी यह सोच न महिलाओं के हित में, न देश के हित में है."
राहुल गांधी ने कहा, "हमने साफ़ कहा है कि ये महिला बिल नहीं है, भारत का जो चुनावी ढांचा है उसे बदलने की कोशिश है. मैं प्रधानमंत्री से कह रहा हूं कि अगर आप महिला बिल चाहते हैं तो 2023 का महिला बिल लाइये और उसे आज से लागू कीजिए और पूरा विपक्ष 100 फ़ीसदी आपको समर्थन देगा."
ईरानी न्यूज़ एजेंसी का दावा, 'ईरान ने अमेरिका से अगले दौर की बातचीत पर अब तक नहीं दी है सहमति'
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इमेज कैप्शन, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ और डोनाल्ड ट्रंप (सांकेतिक तस्वीर)
ईरान की आईआरजीसी से जुड़ी तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने बताया है कि ईरान के अधिकारियों ने अभी तक अमेरिका के साथ बातचीत के अगले दौर के लिए सहमति नहीं दी है.
तस्नीम ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इसकी वजह "ट्रंप की ओर से ईरान की नौसैनिक नाकाबंदी की घोषणा, साथ ही वार्ता में अमेरिकियों की अत्यधिक मांगें थीं, जो अब भी जारी हैं."
तस्नीम ने कहा, "इस मामले की जानकारी एक पाकिस्तानी मध्यस्थ के माध्यम से अमेरिकी अधिकारियों को दी गई थी."
ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह का कहना है कि ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता के दूसरे दौर की तारीख की घोषणा अभी तक नहीं की गई है.
तुर्की के अंताल्या में एक बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि "अमेरिका का दबंग रवैया" वार्ता में समझौते तक पहुंचने में एक बाधा है.
यह सब तब हो रहा है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले कहा था कि मध्य पूर्व और ईरान के संबंध में हालात "अच्छे चल रहे हैं" और इस मामले में सप्ताहांत (शनिवार या रविवार) में बातचीत होगी.
उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास एक "अच्छी ख़बर" है जिसे वे अभी घोषित नहीं कर सकते.
ईरान-अमेरिका बातचीत को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और इस बीच ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया है कि होर्मुज़ स्ट्रेट फिर से "सशस्त्र बलों के सख्त नियंत्रण और प्रबंधन में है."
इस्लामिक कंसल्टेटिव असेंबली के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रमुख इब्राहिम अज़ीज़ी ने भी एक्स पर लिखा, "हमने आपको चेतावनी दी थी, आपने ध्यान नहीं दिया. अब होर्मुज़ स्ट्रेट की स्थिति के पहले जैसी होने का आनंद लें."
किरेन रिजिजू के साथ फ़ोटो सोशल मीडिया पर शेयर कर महिला आरक्षण पर ये बोले थरूर
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कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया एक्स पर बीजेपी सांसद और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के साथ एक तस्वीर शेयर की है.
शशि थरूर ने बताया है कि लोकसभा में सदन स्थगित होने के बाद विपक्षी सांसदों की संसदीय कार्य मंत्री के साथ एक छोटी सी अनौपचारिक बैठक हुई.
शशि थरूर ने लिखा, ''जब किरेन रिजिजू ने समझाया कि वे और उनकी पार्टी विपक्ष को महिला विरोधी क्यों कह रहे हैं, तो उन्हें यह बताया गया कि मुझे कोई भी कभी भी महिला विरोधी नहीं कह सकता. उन्होंने यह बात मानी भी.''
शशि थरूर का कहना है, ''सच तो यह है कि महिलाएं कहीं ज़्यादा बेहतर हैं. वे संसद में और हर संस्था में प्रतिनिधित्व की हक़दार हैं.''
''बस, उनकी प्रगति को एक ऐसी शरारतपूर्ण और संभावित रूप से ख़तरनाक परिसीमन प्रक्रिया से न जोड़ें, जो हमारे लोकतंत्र को तबाह कर सकती है.''
शुक्रवार को महिला आरक्षण क़ानून और डीलिमिटेशन से जुड़ा 131वां संवैधानिक संशोधन विधेयक लोकसभा में गिर गया.
बीजेपी और एनडीए के नेता इस मामले में विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण के विरोधी होने का आरोप लगा रहे हैं.
जबकि विपक्षी दलों का आरोप है कि केंद्र सरकार महिलाओं के आरक्षण के नाम पर डीलिमिटेशन से जुड़ा विधेयक पारित करना चाहती थी.
विपक्षी दलों का आरोप है कि डीलिमिटेशन के मौजूदा स्वरूप से देश के दक्षिणी, पूर्वोत्तर और छोटे राज्यों की राजनीतिक ताक़त कम हो जाएगी.
यूके का दावा- ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट से जा रहे एक टैंकर पर की गोलीबारी
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इमेज कैप्शन, होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद करने की ईरानी घोषणा से पहले कुछ जहाज़ इस समुद्री रास्ते से गुज़रे थे (सांकेतिक तस्वीर)
यूके मेरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (यूकेएमटीओ) के मुताबिक़ होर्मुज़ स्ट्रेट में एक टैंकर पर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने गोलीबारी की है.
यूकेएमटीओ ने बताया है कि यह घटना ओमान से 20 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व में हुई. हालांकि टैंकर और उसके चालक दल के सुरक्षित होने की ख़बर है.
इसके अलावा, तीन सूत्रों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि कम से कम दो व्यापारिक जहाजों ने कहा है कि जब वे होर्मुज़ स्ट्रेट को पार करने की कोशिश कर रहे थे, तब उन पर गोलीबारी की गई.
ईरानी मीडिया में होर्मुज़ स्ट्रेट के बंद होने की ख़बरें आने के बाद कई जहाज़ों ने इस समुद्री रास्ते को छोड़कर अपना मार्ग बदल लिया है.
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक़ देश की सेना का कहना है कि वह होर्मुज़ स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण फिर से शुरू कर रही है.
देश की कई मीडिया ने आईआरजीसी के एक बयान का हवाला देते हुए कहा है कि यह होर्मुज़ स्ट्रेट "अपनी पिछली स्थिति" में लौट आएगा, और सशस्त्र बल इस क्षेत्र को नियंत्रित करेंगे.
यह ख़बर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स से जुड़ी फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी, ईरानी स्टूडेंट्स न्यूज़ एजेंसी और सरकारी प्रसारक आईआरआईबी ने दी है. इन संस्थाओं ने कहा,"हमने पहले कुछ जहाज़ों को इस जलमार्ग से गुज़रते हुए देखा था, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इस महत्वपूर्ण शिपिंग मार्ग से कितने जहाज़ गुज़र पाए हैं."
आईआरजीसी के बयान में अमेरिका पर "समुद्री डकैती" का आरोप लगाया गया है, और कहा गया है कि उसकी "तथाकथित नाकेबंदी" समुद्री लूट के बराबर है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि होर्मुज़ में 'अमेरिकी नाकाबंदी' जारी रहेगी.
ईरान ने पहले कहा था कि अगर अमेरिका उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखता है, तो वह होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद कर देगा.
राहुल गांधी ने कहा, 'दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और छोटे राज्यों को कमज़ोर करना चाहती थी केंद्र सरकार'
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इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने तमिलनाडु में एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर राज्यों के बीच भेदभाव का आरोप लगाया
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण विधेयक के नाम पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है.
उन्होंने कहा, ''वे महिलाओं के प्रतिनिधित्व के लिए एक बिल पास करने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन उस बिल के पीछे एक बहुत ही ख़तरनाक इरादा छिपा था. वे भारत के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश कर रहे थे.''
राहुला गांधी ने कहा, ''वे हर राज्य को मिलने वाली सीटों की संख्या बदलना चाहते थे. वे दक्षिण भारतीय राज्यों, पूर्वोत्तर राज्यों और अन्य छोटे राज्यों को कमजोर करना चाहते थे. प्रधानमंत्री हमारे संविधान पर हमला कर रहे हैं."
इससे पहले कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने संविधान संशोधन बिल के संदर्भ में कहा कि कल जो हुआ वो लोकतंत्र की बहुत बड़ी जीत है. उन्होंने कहा कि सरकार की लोकतंत्र को कमज़ोर करने साजिश थी, उसे रोका गया.
प्रियंका गांधी ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "मोदी सरकार ने लोकतंत्र को कमज़ोर करने और संघीय ढांचे को बदलने की साज़िश की थी, जिसे हमने हरा दिया."
उन्होंने कहा, "ये संविधान की जीत है, देश की जीत है, विपक्ष की एकता की जीत है, जो सत्ता पक्ष के नेताओं के चेहरे पर साफ़ दिख रही थी."
महिला आरक्षण क़ानून और डीलिमिटेशन से जुड़ा 131वां संवैधानिक संशोधन विधेयक शुक्रवार को लोकसभा में गिर गया.
पिछले 12 साल में ये पहली बार है जब सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सरकार की तरफ़ से पेश कोई संवैधानिक संशोधन विधेयक सदन में गिरा हो.
सदन में दो दिन की बहस के बाद शुक्रवार शाम मतदान हुआ. संसद में महिलाओं को 33 फ़ीसदी आरक्षण देने वाले क़ानून में संशोधन और डीलिमिटेशन से जुड़े बिलों के समर्थन में 298 मत पड़े जबकि इसके विरोध में 230 मत पड़े.
संसदीय लोकसभा क्षेत्रों की संख्या फिर से निर्धारित करने के लिए लाया जा रहा परिसीमन या डीलिमिटेशन विधेयक भी इसके साथ जुड़ा हुआ था.
डीलिमिटेशन को लेकर भारत के जिन राज्यों में ज़्यादा विरोध हो रहा है, उनमें दक्षिण भारतीय राज्य सबसे आगे हैं. ख़ासकर तमिलनाडु की एमके स्टालिन सरकार ने डीलिमिटेशन का कड़ा विरोध किया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रात 8:30 पर देश को करेंगे संबोधित
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इमेज कैप्शन, पिछले 12 साल में शुक्रवार को पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सरकार की तरफ़ से पेश कोई संविधान संशोधन विधेयक सदन में गिरा है
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी शनिवार रात 8:30 पर देश को संबोधित करेंगे.
हालाँकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि वो किस मुद्दे पर बात करेंगे. शुक्रवार को महिला आरक्षण क़ानून और डीलिमिटेशन से जुड़ा 131वां संवैधानिक संशोधन विधेयक लोकसभा में गिर गया था.
पिछले 12 साल में ये पहली बार है जब सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सरकार की तरफ़ से पेश कोई संवैधानिक संशोधन विधेयक सदन में गिरा हो.
सदन में दो दिन की बहस के बाद शुक्रवार शाम मतदान हुआ. संसद में महिलाओं को 33 फ़ीसदी आरक्षण देने वाले क़ानून में संशोधन और डीलिमिटेशन से जुड़े बिलों के समर्थन में 298 मत पड़े जबकि इसके विरोध में 230 मत पड़े.
संसदीय लोकसभा क्षेत्रों की संख्या फिर से निर्धारित करने के लिए लाया जा रहा परिसीमन या डीलिमिटेशन विधेयक भी इसके साथ जुड़ा हुआ था.
ईरानी सरकारी मीडिया का दावा, 'ईरान का हवाई क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए आंशिक रूप से खुला'
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इमेज कैप्शन, 28 फ़रवरी से अमेरिका-इसराइल हमलों के बाद से ईरान का हवाई क्षेत्र बंद था (सांकेतिक तस्वीर)
ईरान का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए खुल गया है. यह जानकारी सरकारी न्यूज़ एजेंसी आईआरएनए ने दी है.
ईरान के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने नोटिस जारी कर बताया है कि हवाई क्षेत्र और कुछ हवाई अड्डे फिर से खोले गए हैं और उड़ानें धीरे-धीरे शुरू होंगी.
न्यूज़ एजेंसी आईआरएनए ने कहा कि देश के पूर्वी हिस्से का हवाई मार्ग अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए खुला है.
28 फ़रवरी से अमेरिका-इसराइल हमलों के बाद से ईरान का हवाई क्षेत्र बंद था.
मध्य पूर्व संकट की वजह से कई फ़्लाइट्स रद्द करनी पड़ी और मुसाफ़िरों के लिए परेशानी बनी रही.
ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से बंद करने का किया एलान
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इमेज कैप्शन, होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तकरार ख़त्म नहीं हुई है (सांकेतिक तस्वीर)
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक़ देश की सेना का कहना है कि वह होर्मुज़ स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण फिर से शुरू कर रही है.
देश की कई मीडिया ने आईआरजीसी के एक बयान का हवाला देते हुए कहा है कि यह होर्मुज़ स्ट्रेट "अपनी पिछली स्थिति" में लौट आएगा, और सशस्त्र बल इस क्षेत्र को नियंत्रित करेंगे.
यह ख़बर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़ी फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी, ईरानी स्टूडेंट्स न्यूज़ एजेंसी और सरकारी प्रसारक आईआरआईबी ने दी है. इन संस्थाओं ने कहा,"हमने पहले कुछ जहाज़ों को इस जलमार्ग से गुज़रते हुए देखा था, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इस महत्वपूर्ण शिपिंग मार्ग से कितने जहाज़ गुज़र पाए हैं."
आईआरजीसी के बयान में अमेरिका पर "समुद्री डकैती" का आरोप लगाया गया है, और कहा गया है कि उसकी "तथाकथित नाकेबंदी" समुद्री लूट के बराबर है.
ईरान ने पहले कहा था कि अगर अमेरिका उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखता है, तो वह होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद कर देगा.
शुक्रवार को ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि युद्धविराम की बाकी बची अवधि के लिए स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से सभी वाणिज्यिक जहाज़ों के लिए आवागमन पूरी तरह से खोल दिया गया है.
इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट कर होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने के लिए ईरान को धन्यवाद दिया.
उन्होंने लिखा, "ईरान ने अभी-अभी घोषणा की है कि 'स्ट्रेट ऑफ़ ईरान' पूरी तरह खुला है और आवाजाही के लिए तैयार है. धन्यवाद!"
हालांकि, इसके चंद मिनट बाद ही उन्होंने एक और पोस्ट कर कहा कि होर्मुज़ में 'अमेरिकी नाकाबंदी' जारी रहेगी.
नमस्कार!
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डोनाल्ड ट्रंप बोले- 'ईरान से समझौता नहीं हुआ तो बम गिराने पड़ेंगे'
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इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है, "हमें फिर से बम गिराना शुरू करना पड़ेगा"
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर बुधवार तक ईरान के साथ कोई बड़ा समझौता नहीं हुआ, तो ईरान पर फिर से बमबारी होगी.
डोनाल्ड ट्रंप से पत्रकारों ने पूछा कि क्या वह युद्धविराम बढ़ाएंगे? इस पर ट्रंप ने कहा, "शायद मैं इसे आगे नहीं बढ़ाऊंगा. लेकिन नाकाबंदी जारी रहेगी. अफ़सोस की बात है कि हमें फिर से बम गिराना शुरू करना पड़ेगा."
यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच समझौता होने की उम्मीदें की जा रही हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा, "उन्हें कुछ समय पहले ही बहुत अच्छी ख़बर मिली है. मध्य पूर्व में ईरान के साथ हालात बहुत अच्छे होते नज़र जा रहे हैं."
गौरतलब है कि पहले दौर की बातचीत पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई थी, लेकिन यह बेनतीजा रही थी.
प्रियंका गांधी ने कहा- 'मोदी सरकार को पहली बार धक्का लगा, ये धक्का लगना ज़रूरी था'
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इमेज कैप्शन, प्रियंका गांधी ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने संविधान संशोधन बिल के संदर्भ में कहा कि कल जो हुआ वो लोकतंत्र की बहुत बड़ी जीत है. उन्होंने कहा कि सरकार की लोकतंत्र को कमज़ोर करने साजिश थी, उसे रोका गया.
प्रियंका गांधी ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "मोदी सरकार ने लोकतंत्र को कमज़ोर करने और संघीय ढांचे को बदलने की साज़िश की थी, जिसे हमने हरा दिया."
उन्होंने कहा, "ये संविधान की जीत है, देश की जीत है, विपक्ष की एकता की जीत है, जो सत्ता पक्ष के नेताओं के चेहरे पर साफ़ दिख रही थी."
"ये महिला आरक्षण बिल की बात नहीं थी. यह बात परिसीमन से जुड़ी हुई थी. मोदी सरकार को परिसीमन इस आधार पर करना था, जिसमें उसे जातिगत जनगणना के आंकड़ों को देखने की ज़रूरत नहीं होती और मनमानी करने की पूरी आज़ादी होती. ऐसे में मुमकिन ही नहीं था कि विपक्ष मोदी सरकार का साथ दे. पूरे देश ने देख लिया है कि जब विपक्ष एकजुट होता है तो कैसे मोदी सरकार को हराया जाता है."
प्रियंका गांधी ने कहा, "मोदी सरकार को पहली बार धक्का लगा है, इसलिए इसे 'ब्लैक डे' कह रही है. ये धक्का लगना बहुत ज़रूरी था. आज महिलाओं का संघर्ष बहुत बढ़ चुका है. वे सरकार का पीआर और मीडियाबाज़ी देख रही हैं, समझ रही हैं. इसलिए अब वो सब नहीं चलेगा."
उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार ने सोचा बिल पारित हो जाएगा तो उनकी जीत होती. नहीं हुआ तो हम हर विपक्षी नेता को महिला विरोधी साबित कर महिलाओं के लिए मसीहा बन जाएंगे."
दरअसल, लोकसभा में शुक्रवार को 131वां संविधान संशोधन बिल पेश हुआ और इस पर वोटिंग हुई, लेकिन यह बिल लोकसभा में पास नहीं हो सका.
नासिक: टीसीएस कंपनी ने यौन शोषण समेत अन्य आरोपों पर दिया यह जवाब
इमेज कैप्शन, अब तक इस मामले में कुल 9 एफ़आईआर दर्ज हुई हैं
महाराष्ट्र के नासिक में टीसीएस में काम करने वाली आठ महिलाओं ने यौन शोषण और मानसिक प्रताड़ना जैसे आरोप लगाए थे. अब इस मामले में टीसीएस ने भी आधिकारिक बयान जारी किया है.
टीसीएस के सीईओ और एमडी के. कृतिवासन ने बयान में कहा, "अभी विस्तृत समीक्षा जारी है, लेकिन शुरुआती जांच से पता चला है कि नासिक यूनिट से जुड़े सिस्टम और रिकॉर्ड्स में हमें ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है, जैसी आरोपों में कही जा रही है. न ही हमारे एथिक्स चैनल पर और न ही पोश चैनल पर."
उन्होंने बताया, "हमने डेलॉइट और बड़ी लॉ फर्म ट्राइलीगल की विशेषज्ञ टीमों को जोड़ा है. ये टीमें स्वतंत्र सलाहकार के तौर पर काम कर रही हैं और आंतरिक जांच का नेतृत्व टीसीएस की प्रेसिडेंट और सीओओ आरती सुब्रमणयन कर रही हैं."
कृतिवासन ने कहा, "हमने एक ओवरसाइट कमेटी बनाई है. आंतरिक जांच में जो चीज़ें सामने आएंगी, वो ओवरसाइट कमेटी को दी जाएंगी. ताकि वे समीक्षा कर सकें और ज़रूरी सुझाव लागू किए जा सकें."
कंपनी के एमडी ने कहा, "हम क़ानूनी प्रवर्तन एजेंसियों के साथ पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं ताकि यह मामला गहराई से और पारदर्शिता के साथ जांचा जाए और सही निष्कर्ष तक पहुंचे."
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इमेज कैप्शन, टीसीएस की ओर से जारी किया गया आधिकारिक बयान
टीसीएस की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि नासिक फैसिलिटी को बंद नहीं किया है, यह अभी भी चल रही है.
गौरतलब है कि अब तक इस मामले में कुल 9 एफ़आईआर दर्ज हुई हैं. अभियुक्तों में टीसीएस के कर्मचारी, एचआर विभाग के कुछ लोग और डिलीवरी पार्टनर्स शामिल हैं.
महिलाओं ने यौन शोषण, शादी का झांसा देकर संबंध बनाने, धोखाधड़ी और धार्मिक भावनाएं आहत करने जैसे आरोप लगाए हैं.
इस मामले में एक महिला समेत कुल 7 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है, जबकि एक महिला अभियुक्त फ़रार बताई जा रही हैं.
डोनाल्ड ट्रंप के 'यूरेनियम' वाले दावे पर ईरान ने अब क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने कहा कि ईरान का संवर्धित यूरेनियम कहीं नहीं भेजा जाएगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका ईरान का संवर्धित यूरेनियम लेगा. अब इस पर ईरान की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने ईरानी टीवी को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान का संवर्धित यूरेनियम कहीं भी नहीं भेजा जाएगा.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, बक़ाई ने ज़ोर देकर कहा, "ईरान का संवर्धित पदार्थ अमेरिका भेजना कभी कोई ऑप्शन ही नहीं था."
इस्माइल बक़ाई ने कहा, "अमेरिका का यह कहना कि ईरान पर नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहेगी जब तक समझौता नहीं होता. अगर यह नाकाबंदी जारी रही तो इसे युद्धविराम का उल्लंघन माना जा सकता है. ईरान निश्चित रूप से होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर ज़रूरी क़दम उठाएगा."
दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि होर्मुज़ स्ट्रेट में 'अमेरिकी नाकाबंदी' जारी रहेगी. ट्रंप ने यह भी बताया कि अमेरिकी नाकाबंदी सिर्फ़ ईरान पर लागू रहेगी.
उन्होंने कहा, "यह सिर्फ़ ईरान पर लागू होगी, जब तक कि ईरान के साथ हमारा समझौता 100 फ़ीसदी पूरा नहीं हो जाता."
डोनाल्ड ट्रंप ईरान को लेकर बोले- 'कुछ समय पहले ही बहुत अच्छी ख़बर मिली है'
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इमेज कैप्शन, राष्ट्रपति ट्रंप ने यह धमकी भी दी कि अगर बुधवार तक युद्ध ख़त्म करने के लिए कोई समझौता नहीं हुआ तो वह युद्धविराम ख़त्म कर सकते हैं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें कुछ समय पहलेही बहुत अच्छी ख़बर मिली है. उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में ईरान के साथ हालात बहुत अच्छे होते नज़रजा रहे हैं.
डोनाल्ड ट्रंप से पत्रकारों ने पूछा कि अच्छी ख़बर क्या है, इस पर ट्रंप ने कहा, "आप जल्द ही इसके बारे में जानेंगे. हम बातचीत कर रहे हैं, मुझे उम्मीद है कि चीज़ें अच्छी होंगी. इनमें से कई चीज़ें तय हो चुकी हैं और मान ली गई हैं."
उन्होंने कहा, "सबसे ज़रूरी बात यह है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए. आप ईरान को परमाणु हथियार रखने नहीं दे सकते, यह बाकी सब चीज़ों से ज़्यादा अहम है."
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह धमकी भी दी कि अगर बुधवार तक युद्ध ख़त्म करने के लिए कोई समझौता नहीं हुआ, तो वह ईरान के साथ युद्धविराम ख़त्म कर सकते हैं.