लेबनान के पीएम को हत्या की आशंका, दिया इस्तीफ़ा
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लेबनान के प्रधानमंत्री साद अल हरीरी ने इस्तीफ़ा दे दिया है.
उन्होंने टेलीविजन संबोधन के जरिए अपने फ़ैसले की जानकारी दी और अपनी जान को ख़तरा बताया.
साद अल-हरीरी बीते साल नवंबर में प्रधानमंत्री नामित हुए थे. इसके पहले वो साल 2009 से 2011 तक इस पद पर रहे थे.
साद अल हरीरी ने ईरान पर लेबनान समेत कई देशों में 'डर और विध्वंस' फैलाने का आरोप लगाया. उन्होंने ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह पर भी निशाना साधा.
सऊदी अरब की राजधानी रियाद से टीवी पर प्रसारित संबोधन में साद अल हरीरी ने कहा, "हम उसी तरह के वातावरण में रह रहे हैं जैसे कि रफीक अल-हरीरी की हत्या के समय थे. मुझे महसूस हो रहा है कि मुझे निशाना बनाने के लिए गुपचुप तरीके से योजना बनाई जा रही है."
साद अल-हरीरी के पिता और देश के पूर्व प्रधानमंत्री रफीक अल-हरीरी की साल 2005 में हत्या कर दी गई थी.
साद अल हरीरी ने बीते कुछ दिनों में सऊदी अरब के कई दौरे किए हैं. सऊदी नेतृत्व ईरान का जोरदार तरीके से विरोध करता रहा है.
बीबीसी के अरब मामलों के एडिटर सबैस्टियन अशर के मुताबिक हरीरी का इस्तीफ़ा एक अप्रत्याशित घटना है. इसने लेबनान के राजनीतिक पटल को अनिश्चित बना दिया है.
उनका राजनीतिक जीवन जटिल रहा है. उनका इस्तीफा सऊदी अरब के दौरों के बाद आया है. ऐसे में सऊदी अरब के प्रभाव को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं.
ईरान और हिज्बुल्लाह की आलोचना सऊदी नीति के ही मुताबिक है.
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