एफडीआई: सोशल मीडिया पर भिड़े नेता

खुदरा क्षेत्र में एफडीआई को मंजूरी और डीजल के दामों में वृद्धि से नाराज राजनेता जहां सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रहे हैं, वहीं उद्योग जगत प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पीठ थपथपा रहा है.
यूपीए सरकार में साझीदार तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने तो यूपीए सरकार पर लूट मचाने तक का आरोप जड़ दिया है.
ममता ने शनिवार को फेसबुक पर अपने संदेश में कहा है, “हम डीजल के दाम बढ़ाने और रसोई गैस पर सब्सिडी में कटौती का समर्थन नहीं कर सकते हैं. आज खुदरा क्षेत्र में एफडीआई को भी मंजूरी दे गई है. ये बड़ा झटका है. हम गरीबों और आम आदमी के खिलाफ लिए जाने वाले किसी भी फैसला का स्वागत नहीं कर सकते. लूट हो रही है लूट.”
प्रधानमंत्री ने ये कहते हुए खुदरा क्षेत्र में एफडीआई को मंजूरी और डीज़ल व रसोई गैस के बारे में लिए गए फैसलों का बचाव किया कि उच्च वृद्धि के लिए साहस और जोखिम उठाना ही होगा.
सरकार पर वार
लेकिन सरकार की सहयोगी ममता बनर्जी इसे सिर्फ कुछ तबकों को खुश करने की कोशिश बताती है. फेसबुक पर गजरते हुए उन्होंने कहा, “हां हमें आर्थिक सुधारों की जरूरत है. लेकिन सुधारों का ये मतलब नहीं है कि कुछ लोगों को संतुष्ट करने के लिए सब कुछ बेच दिया जाए.”
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया के जरिए यूपीए सरकार पर निशाना साधा है. ट्विटर पर वो कहते हैं, “यूपीए कसाई खानों को सब्सिडी देती है लेकिन एलपीजी सिलेंडर सब्सिडी कम की जा रही है और डीजल के दाम बढा़ए जा रहे हैं. क्या यही कांग्रेस की दिशा है?”
मोदी ने खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के मुद्दे पर भी ट्वीट किया. वो कहते हैं, “हैरान हूं कि प्रधानमंत्री क्या कर रहे हैं! खुदरा क्षेत्र में एफडीआई से दुकानदारों, उत्पादकों को नुकसान होगा और बेरोजगारी बढ़ेगी.”

वहीं विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने सरकार के कदमों पर नाराजगी जताते हुए ट्विटर पर लिखा है, “सरकार ने संसद में जो आश्वासन दिया था, उसे देखते हुए खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश की अनुमति धोखा है.”
उद्योग जगत खुश
इस बीच भाजपा ने आरोप लगाया है कि सरकार ने नागरिक उड्डयन क्षेत्र में विदेशी निवेश की अनुमति का फैसला एक खास एयरलाइंस को बचाने के लिए किया है. समझा जाता है कि पार्टी का इशारा आर्थिक तंगियों में घिरी किंगफिशर एयरलाइंस की तरफ है.
दूसरी तरफ किंगफिशर के मालिक विजय माल्या ने सरकार के फैसलों की सराहना की है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “सरकार के साहसी फैसले. विश्वास बहाली और आर्थिक सुधारों के लिए अवसर शुरू करने के लिए जबरदस्त फैसले.”
महिंद्रा ग्रुप के अध्यक्ष आनंद महिंद्रा ने भी सरकार की पीठ थपथपाई है. उन्होंने ट्वीट किया, “नीतिगत कदमों के सूखे से हम से उत्सव में माहौल की तरफ तेजी से बढ़े हैं. सरकार की सद्-बुद्धि लौट आई है. हम उन्हें बधाई देते हैं और उनसे इस रास्ते पर बने रहने की अपील करते हैं.”
































