कोली को मौत की सज़ा

निठारी हत्याकांड में अभियुक्त सुरिंदर कोली को सीबीआई की विशेष अदालत ने एक बच्ची की हत्या और बलात्कार के आरोप में मौत की सज़ा सुनाई है.
आरती नाम की इस सात वर्षीय बच्ची की हत्या कर दी गई थी.
विशेष अदालत ने कुछ दिन पहले सुरेंद्र कोली को आरती की हत्या का दोषी क़रार दिया था.
निठारी हत्याकांड नोएडा के निठारी गांव में हुई वो घटना है जिसमें महिलाओं और बच्चों की हत्या और बलात्कार के 19 मामले दर्ज किए गए थे.
2006 में पुलिस को नोएडा में हड्डियाँ और खोपड़ियाँ मिली थीं. मोनिंदर सिंह पंधेर और सुरिंदर कोली पर इन हत्याओं का आरोप लगाया था.
सुरेंद्र कोली निठारी हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त मोहिंद्र सिंह पंधेर के घर काम करता था.
आरती की हत्या के मामले में 38 वर्षीय कोली अकेला अभियुक्त था.
इससे पहले कोली और पंधेर को 13 फ़रवरी 2009 को रिंपा हलदार मामले में मौत की सज़ा सुनाई गई थी. निठारी मामले में ये पहला ऐसा फ़ैसला था.
रिंपा हलदर मामले में सुरेंद्र कोली को बलात्कार की जगह बलात्कार की कोशिश का दोषी ठहाराया गया था.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में पंधेर को बरी कर दिया लेकिन नौकर सुरेंद्र कोली की मौत की सज़ा बरक़रार रखी.
































