'निज़ाम बदला है, लोग नहीं बदले'
योगी आदित्यनाथ ने रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली तो उनके समर्थकों में जबर्दस्त उत्साह दिखा. योगी आदित्यनाथ को हिंदुत्व के तेज-तर्रार चेहरे के रूप में देखा जाता रहा है.
योगी के सूबे की कमान संभालने पर क्या रही अल्पसंख्यक समुदाय की प्रतिक्रिया, इसे जानने के लिए बीबीसी संवाददाता सलमान रावी पुराने लखनऊ के मौलवीगंज इलाक़े में पहुंचे.
बीबीसी हिंदी फेसबुक लाइव में उन्होंने मुस्लिम युवाओं की प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की कि योगी के सीएम बनने को लेकर वो क्या सोचते हैं?
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मुख्यमंत्री पद के लिए योगी का नाम आने के बाद कहा जा रहा था कि इससे मुस्लिम समुदाय में ख़ौफ़ का माहौल है.
लेकिन यहां लोगों ने खुलकर कहा कि डर की कोई बात नहीं है, 'निज़ाम बदला है पर लोग तो वही हैं. हम लोग लंबे समय से एक साथ रहे हैं, एक साथ होली, ईद, दिवाली मनाते हैं.'
उनका कहना था, "हमें पहले भी विकास की उम्मीद थी और अभी भी है. हो सकता है कि इस सरकार में कुछ अच्छा हो.
मध्य लखनऊ के विधानसभा क्षेत्र का ये मुस्लिम बहुल इलाक़ा है और यहां से बीजेपी उम्मीदवार बृजेश पाठक को जीत मिली है.
यहां के लोगों का कहना है कि चुनाव में पाठक को मुस्लिम वोट भी पड़ा है.
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एक बुज़ुर्ग व्यक्ति का कहना था, "योगी के आने से मुसलमान परेशान हैं ये बात ग़लत है. ऐसी कोई बात नहीं है, यहां हम सब हमेशा खुश रहे हैं चाहे कोई भी हुक़ूमत रही हो."
मुस्लिम समुदाय को वोटबैंक की तरह इस्तेमाल करने के सवाल पर एक शख़्स कहते हैं, "ऐसी बात नहीं है, बसपा सरकार में मुसलमानों को काफी फ़ायदा मिला था और इस बार भी उम्मीद थी उससे काफ़ी कुछ मिलेगा."
हालांकि बहुत सारे लोग अभी इस बात पर असमंजस में दिखे कि सत्ता संभालने के बाद योगी का रवैया क्या रहता है.
एक युवा ने कहा, "हम चाहते हैं कि जैसा उन्होंने सबका साथ सबका विकास का नारा दिया है, वो इसी को अमल में लाएं ताकि सभी धर्मों, समुदाय के लोग राजी खुशी से रह सकें."
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एक युवा का कहना था कि इससे पहले भी यूपी में बीजेपी की सरकार रह चुकी है, "जब अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी तो अमौसी हवाईअड्डे पर हाजियों के लिए विशेष सुविधा की शुरुआत की गई थी. हमें उम्मीद है कि ये सरकार भी मुस्लिमों से जुड़े मुद्दों को तवज्जो देगी."
हालांकि अधिकांश लोगों का मानना है कि योगी की छवि एक कट्टर हिंदू नेता की रही है लेकिन सत्तासीन होने के बाद उनके रुख में बदलाव आएगा.
भाजपा ने विधानसभा चुनावों में किसी भी मुसलमान व्यक्ति को टिकट नहीं दिया था, लेकिन मंत्रिमंडल में पूर्व क्रिकेटर मोहसिन रज़ा को शामिल किया है.
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