बर्फ़बारी से गुलमर्ग में लौटने लगी है रौनक
- Author, रियाज़ मसरूर
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
भारत प्रशासित कश्मीर का ख़ूबसूरत पर्यटन स्थल गुलमर्ग पिछले साल गर्मियों में सुनसान था. बीते साल जुलाई में चरमपंथी युवा बुरहान वानी की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत के ख़िलाफ़ जब कश्मीर उबल पड़ा तो उसका असर यहां के पर्यटन कारोबार पर पड़ा था.
लेकिन अब कश्मीर में भारी बर्फबारी से छह महीने का तनाव कम होता दिख रहा है, आम लोगों के साथ साथ पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को उम्मीद की रोशनी दिखने लगी है.
समुद्र तल से 8700 फीट की ऊंचाई पर स्थित गुलमर्ग का कस्बा श्रीनगर से उत्तर की ओर 50 किलोमीटर की दूरी पर है. पिछले कई वर्षों से जाड़े में यहां बहुत कम बर्फ़बारी होती थी. लेकिन इस साल जनवरी में ही भारी बर्फ़बारी हुई जिसने भारत और अन्य देशों से पर्यटकों को कश्मीर की ओर आकर्षित किया.
गुजरात से अपनी बहन के साथ आने वाली लीना आचार्य कहती हैं, "बर्फ़ का तो मज़ा हम ले ही रहे हैं, लेकिन यहां के लोग बहुत अच्छे हैं. टीवी पर कहते हैं कश्मीर ऐसा है वैसा है, लेकिन हम सभी को फ़ोन कर करके बता रहे हैं कि कश्मीर स्वर्ग है. हमें बताया गया कि सिंगापुर जाओ, स्विट्जरलैंड जाओ, लेकिन हमें कहीं नहीं जाना होगा, हम सिर्फ कश्मीर आएंगे और बार बार आएंगे."
दिल्ली की पिया सोढ़ी पहली बार कश्मीर आई हैं. उनका कहना है कि पूरी दुनिया घूमने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि 'कश्मीर नहीं देखा तो कुछ नहीं देखा.'
पर्यटकों ही नहीं बल्कि स्थानीय लोग भी बर्फ़बारी से आनंदित हो रहे हैं. कश्मीरी छात्र साक़िब बशीर का कहना है, "हमारी पीढ़ी तनाव और भय में जी रही है. हाल ही में जो हमने देखा वह बहुत दर्दनाक है. बर्फ़बारी हुई तो हमने सोचा गुलमर्ग जाकर दिल और दिमाग ताजा कर लें. यहां आते ही हम को लगा कि सब कुछ खत्म नहीं हुआ है."
कारोबार से जुड़े लोगों को भी उम्मीद है कि बर्फ से पर्यटन को फिर बढ़ावा मिलेगा और पिछले गर्मियों में तनाव के दौरान अर्थव्यवस्था को हजारों करोड़ का जो घाटा उठाना पड़ा है वह कुछ हद तक पूरा होगा.
श्रीनगर और गुलमर्ग में कई होटलों के मालिक इमरान हमज़ा कहते हैं, "बर्फ़ तो हमारे लिए भगवान का उपहार है. पर्यटकों की संख्या कम है, लेकिन हमें उम्मीद है कि लोग आएंगे और सुनसान होटलों में फिर एक बार फिर चहल पहल होगी."
सरकार भी पर्यटन के पुनरुद्धार के लिए कदम उठा रही है. पर्यटन विभाग के निदेशक महमूद शाह ने बीबीसी को बताया कि उनका विभाग अहमदाबाद, मुंबई, कोलकाता और लखनऊ में रोड शो कर रहा है, ताकि भारतीय लोगों को यहां के हालात से अवगत करके उन्हें यहां आने के लिए आकर्षित किया जा सके.
महमूद शाह कहते हैं, "हमने भारत के टीवी चैनलों, समाचार पत्रों और अन्य मीडिया संस्थानों में विज्ञापन अभियान शुरू किया है. मुझे उम्मीद है कि फरवरी से पहले ही यहां पर्यटकों के आने से माहौल पहले की तरह हो जाएगा."
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