राहुल गांधी के बदले हुए हैं अंदाज़
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राहुल गांधी ने दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में अपनी पार्टी के 'जन वेदना' सम्मलेन में भाषण की शुरुआत जब 'मित्रों' कहकर की तो वहाँ मौजूद कार्यकर्ताओं ने ज़ोर से ठहाका लगाया.
भाषण के दौरान कई मौके ऐसे और आये जब कांग्रेस के उपाध्यक्ष ने व्यंग और कटाक्ष का सहारा लिया. वो बिलकुल बदले हुए अंदाज़ में नज़र आये.
वैसे तो जब भी राहुल गांधी कहीं बोलते हैं तो सोशल मीडिया पर उनके भाषण को लेकर चुटकियां ली जातीं हैं. मगर बुधवार को तालकटोरा स्टेडियम में उनके भाषण को ट्विटर और फेसबुक पर सराहा गया.
वो अंग्रेजी में भी बोले और हिंदी में भी. साथ ही साथ वो कार्यकर्ताओं के सवालों का जवाब भी देते नज़र आये.
राजनीतिक विश्लेषकों को लगता है कि हाल के दिनों में राहुल गांधी के भाषणों में काफी बदलाव देखने को मिला है. कांग्रेस पर नज़र रखने वालों का कहना है कि हाल ही में लोक सभा हो या फिर बाहर, राहुल के भाषणों को लेकर चर्चा ज़रूर हुई है.
नोटबंदी के बाद राहुल गांधी ने एक जनसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कई तल्ख़ सवाल पूछे थे. मगर उत्तर प्रदेश में जनसभा को सम्बोधित करते हुए जब प्रधानमंत्री ने राहुल के सवालों को मज़ाक़ में लिया, तो कांग्रेस उपाध्यक्ष ने पलटवार करते हुए कहा था, "आप मेरा मज़ाक़ उड़ाइये. मगर मेरे सवालों का जवाब दीजिये."
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दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ मंच साझा किया. हलाकि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी 'जन वेदना' सम्मलेन में शामिल होना था, वो नहीं आ पायीं. पहले तो ऐसा लगा कि शायद यह सम्मलेन औपचारिकता मात्र ही बनकर रह जाएगा.
मगर राहुल गांधी ने समा कुछ ऐसा बांधा कि उनके भाषणों को लेकर जो धारणा बनी या बनायी गयी थी, वो उसके ठीक उलट बोले.
मिसाल के तौर पर अपने सम्बोधन में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर कटाक्ष किया तो 'नमक हलाल' में अमिताभ बच्चन पर फिल्माए गाने का सहारा लिया. उन्होंने गाने की पैरोडी बनाते हुए कहा,"आप का तो लगता है बस यही सपना, राम-राम जपना पराया माल अपना."
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने कई चुटकियां लीं. मंगलयान की बात करते हुए राहुल ने कहा कि "प्रधानमंत्री ने मंगलयान को 15 मिनट में बना दिया. मगर उसमे सिर्फ एक कमी रह गई थी. उसमें मोदी जी का फोटो नहीं था."
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