'मैं श्रीदेवी से नफ़रत करता हूं क्योंकि वो मर गईं'
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मशहूर अभिनेत्री श्रीदेवी के असमय निधन के बाद लगातार आम और ख़ास लोग शोक जता रहे हैं. इस दौरान फ़िल्म निर्देशक राम गोपाल वर्मा ने भी उनको लेकर कई ट्वीट किए. उन्होंने अपनी और श्रीदेवी की कई तस्वीरें भी ट्वीट कीं.
राम गोपाल वर्मा ने उनके निधन पर शोक जताते हुए एक खुला ख़त भी सोशल मीडिया पर शेयर किया जो कुछ यूं है.
"मैं श्रीदेवी को मारने के लिए भगवान से नफ़रत करता हूं और मैं श्रीदेवी से नफ़रत करता हूं क्योंकि वो मर गईं.
मेरी लगातार सपने देखने और रात में जागकर अपना फ़ोन देखने की आदत है और मैंने यकायक एक मैसेज देखा कि श्रीदेवी नहीं रहीं. मैंने सोचा कि यह एक बुरा सपना है या अफ़वाह है और मैं वापस सोने चला गया.
घंटे भर बाद मैं जागा और देखा कि तकरीबन 50 संदेश मेरे पास आए थे जो वही बात मुझे बता रहे थे.
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जब मैं विजयवाड़ा में इंजीनियरिंग कॉलेज में था तब मैंने उनकी पहली तेलुगू फ़िल्म 'पडाहारेल्ला वयासु' देखी थी. मैं उनकी सुंदरता देखकर अवाक रह गया था और मैं अचंभित होकर यह सोचते हुए बाहर निकला कि वह असली इंसान नहीं हो सकती. उसके बाद मैंने उनकी कई फ़िल्में देखीं जिसमें उन्होंने लगातार अपने टैलेंट और ख़ूबसूरती से कई उच्च मापदंड स्थापित किए थे.
मेरे लिए वह एक ऐसी शख़्स थीं जो किसी और दुनिया से हमें थोड़े समय के लिए आशीर्वाद देने आई थीं ताकि हम दुनिया में और भी अच्छे काम कर सकें.
वह भगवान के एक सृजन की तरह थीं जिसने उन्हें एक बहुत ख़ास मनोदशा में मानवता को एक तोहफ़े के रूप में दिया था. श्रीदेवी के लिए मेरी यात्रा मेरी पहली फ़िल्म 'शिवा' की तैयारी के दौरान शुरू हुई.
चेन्नई में मैं नागार्जुन के दफ़्तर जाता था जहां श्रीदेवी का घर भी था और मैं बाहर खड़ा होकर उनके घर को देखा करता था. मुझे विश्वास नहीं होता था कि सुंदरता की देवी ऐसे घर में रहती हैं."
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राम गोपाल वर्मा ने 1400 से अधिक शब्दों के अपने खुले ख़त में श्रीदेवी के साथ की गई अपनी पहली फ़िल्म 'क्षणा क्षणं' का ज़िक्र भी किया. उन्होंने बताया कि यह फ़िल्म उन्होंने श्रीदेवी को प्रभावित करने के लिए लिखी थी.
अंत में राम गोपाल लिखते हैं कि वह श्रीदेवी को बनाने के लिए भगवान का शुक्रिया अदा करते हैं और वह मूवी कैमरा बनाने वाले लुइस लूमियर का शुक्रिया अदा करेंगे जिसके कारण श्रीदेवी को फ़िल्माया जा सका.
वह आगे लिखते हैं, "मैं श्रीदेवी से नफ़रत करता हूं. मैं उनसे इस यक़ीन दिलाने के लिए नफ़रत करता हूं कि वह एक आम इंसान थीं. मैं उनसे इसलिए नफ़रत करता हूं कि वह जीवित रहने के लिए मौत को हरा नहीं पाईं. मैं श्री तुमसे प्रेम करता हूं चाहे तुम जहां हो और मैं तुम्हें हमेशा प्रेम करता रहूंगा."
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