राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी छोड़ी, बीजेपी में शामिल

इमेज स्रोत, ANI
राज्य सभा में सांसद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर बीजेपी में शामिल होने का एलान किया है.
संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ प्रेस काफ्रेंस कर राघव चड्ढा ने कहा, "हमने तय किया है कि हम, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो तिहाई सदस्य संविधान के प्रावधानों के अनुसार बीजेपी में शामिल हो रहे हैं."
आम आदमी पार्टी ने इस महीने की शुरुआत में राज्यसभा में पार्टी के डिप्टी लीडर की ज़िम्मेदारी राघव चड्ढा की जगह अशोक कुमार मित्तल को दे दी थी.
राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी के फ़ैसले पर सवाल उठाया था और कहा था कि वह जनहित के मुद्दे उठाते रहे हैं और सवाल पूछा कि इससे आम आदमी पार्टी का क्या नुक़सान हुआ होगा.
राघव चड्ढा ने और क्या कहा?

इमेज स्रोत, Getty Images
राघव चड्ढा ने कहा, "आम आदमी पार्टी, जिसे मैंने अपने खून पसीने से सींचा और जिसे मैंने अपनी युवावस्था के 15 साल दिए, वह अब अपने सिद्धांतों, मूल्यों और बुनियादी नैतिकताओं से पूरी तरह भटक चुकी है. अब यह पार्टी देश या राष्ट्रीय हित के लिए काम नहीं कर रही है, बल्कि निजी स्वार्थ के लिए काम कर रही है."
उन्होंने कहा, "आप में से कई लोग पिछले कुछ वर्षों से मुझसे यह कहते आ रहे हैं, और मैंने भी व्यक्तिगत रूप से यह महसूस किया है कि मैं सही आदमी हूं, लेकिन ग़लत पार्टी में हूँ. मैं दोहराता हूँ, 'मैं सही आदमी हूँ, लेकिन गलत पार्टी में हूं.' इसलिए, आज मैं घोषणा करता हूँ कि मैं आम आदमी पार्टी से खुद को अलग कर रहा हूँ और जनता के पास जा रहा हूं."
केजरीवाल के भरोसेमंद रणनीतिकार थे कभी

इमेज स्रोत, Kabir Jhangiani/NurPhoto via Getty Images
साल 2013 में जब अन्ना हज़ारे का इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन अपने आख़िरी दौर में था, तभी राघव चड्ढा की मुलाकात अरविंद केजरीवाल से हुई.
पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट राघव चड्ढा राघव उस समय लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स से पढ़ाई कर के भारत लौटे थे.
डेली ओ की एक रिपोर्ट के अनुसार राघव चड्ढा का पार्टी में पहला असाइनमेंट दिल्ली जनलोकपाल बिल का ड्राफ़्ट तैयार करने वाले अधिवक्ता राहुल मेहरा को असिस्ट करना था. उन्हें ये ज़िम्मेदारी अरविंद केजरीवाल ने सौंपी थी.
राघव चड्ढा पार्टी के सबसे युवा प्रवक्ता बने और कुछ ही समय में राघव चड्ढा टेलीविज़न पर आम आदमी पार्टी का चेहरा बन चुके थे.
आम आदमी पार्टी की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार राघव साल 2013 में आम आदमी पार्टी के घोषणापत्र बनाने वाली टीम के सदस्य थे. कुछ समय के लिए वह पार्टी के कोषाध्यक्ष भी बनाए गए.
एक दशक पहले एक वॉलंटियर के तौर पर अरविंद केजरीवाल की टीम में शामिल हुए राघव चड्ढा अब उनके सबसे भरोसेमंद रणनीतिकारों में गिने जाते हैं.
साल 2019 में राघव चड्ढा दक्षिणी दिल्ली की संसदीय सीट पर चुनाव लड़े, लेकिन असफल रहे. इसके बाद 2020 विधानसभा चुनाव में उन्होंने दिल्ली की राजेंद्र नगर सीट से जीत दर्ज की.
मार्च 2022 में राघव चड्ढा और चार अन्य लोगों को आम आदमी पार्टी ने पंजाब से राज्यसभा के लिए मनोनीत किया. उस समय राघव चड्ढा 33 साल के थे और सबसे युवा सांसद बने.
ये माना जाता है कि साल 2022 में पंजाब में मिली आम आदमी पार्टी की बड़ी जीत में राघव चड्ढा ने अहम भूमिका निभाई. पंजाब की सफलता को देखते हुए ही पार्टी ने उन्हें 2022 के आख़िर में गुजरात विधानसभा चुनाव की भी ज़िम्मेदारी सौंपी और सह प्रभारी बनाया.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)


































