अमेरिका के अफ़सर को ईरान से रेस्क्यू किए जाने के बारे में अब तक क्या पता है
इमेज स्रोत, Getty Images
- Author, गैब्रिएला पोमेरॉय
- Author, ग्रैस एलिज़ा गुडविन
- Author, क्रिस पैट्रिज
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़ वेपन एनालिस्ट
- पढ़ने का समय: 8 मिनट
अमेरिका ने यूएस एफ़-15 लड़ाकू विमान के लापता क्रू मेंबर को बचा लिया है. इस विमान को शुक्रवार को दक्षिणी ईरान के ऊपर मार गिराया गया था.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार सुबह सोशल मीडिया पर इस रेस्क्यू ऑपरेशन की पुष्टि की.
उन्होंने कहा, "यह बचाव अभियान अमेरिकी सेना के इतिहास में सबसे साहसी तलाश और बचाव अभियानों में से एक था."
ट्रंप ने कहा कि बचाए गए अधिकारी "अब पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं."
गिराए गए विमान में दो क्रू मेंबर सवार थे और दोनों ही विमान से बाहर निकल गए थे. उनमें से एक को अमेरिकी सेना पहले ही बचा चुकी थी.
ईरानी अधिकारियों ने बताया कि इस लड़ाकू विमान को उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया था.
बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
अमेरिकी बचाव अभियान से जुड़ी जानकारी के बारे में लगातार विवरण सामने आ रहे हैं. इस कहानी में हम ज़िक्र करेंगे कि इस ऑपरेशन के बारे में अब तक क्या जानकारी मिली है.
ऑफ़िसर को कैसे बचाया गया?
इमेज स्रोत, slamic Revolutionary Guard Corps/Anadolu via Getty Images
दक्षिणी ईरान में जेट के गिरने के बाद अमेरिका और ईरान लापता क्रू मेंबर को ढूंढने की रेस में थे.
अमेरिका का रेस्क्यू ऑपरेशन किन परिस्थितियों में चल रहा था, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन ऑपरेशन से जुड़े एक व्यक्ति ने इसे दक्षिणी ईरान में एक "बहुत बड़ा" कॉम्बैट सर्च और रेस्क्यू मिशन बताया.
बीबीसी को पता चला है कि रेस्क्यू के दौरान अमेरिका और ईरानी सेनाओं के बीच मुठभेड़ हुई थी, और पायलट एयरक्राफ्ट से पहली बार बाहर निकलते समय घायल हो गया होगा.
गिर गए जेट के क्रू मेंबर को बचाना सबसे मुश्किल और समय के लिहाज़ से संवेदनशील ऑपरेशन में से एक है. इसे कॉम्बैट सर्च और रेस्क्यू (सीएसएआर) के नाम से जाना जाता है, जिसके लिए अमेरिकी सेना और उसके सहयोगी तैयारी करते हैं.
सीएसएआर मिशन के पीछे एयर फ़ोर्स यूनिट में मिलिट्री के कुछ सबसे ज़्यादा ट्रेंड और विशेषज्ञ मेंबर शामिल होते हैं.
ये मिशन अक्सर हेलीकॉप्टर से किए जाते हैं, जो दुश्मन के इलाक़े के ऊपर कम ऊंचाई पर उड़ते हैं, साथ ही दूसरे मिलिट्री एयरक्राफ्ट भी होते हैं जो हमले करते हैं और इलाक़े में पेट्रोलिंग करते हैं.
सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने कहा, "एयरमैन, जो कि एक कर्नल हैं वो ईरान की ख़तरनाक पहाड़ियों में दुश्मन की लाइन के पीछे थे और हमारे दुश्मन उनका पीछा कर रहे थे, जो हर घंटे उसके क़रीब आते जा रहे थे."
ट्रंप ने आगे कहा कि बचाव अभियान की योजना बना रहे अमेरिका के सीनियर अधिकारी चौबीसों घंटे उस एयरमैन की लोकेशन पर नज़र रख रहे थे.
इमेज स्रोत, Getty Images
ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान में दर्जनों विमान भेजे और दावा किया कि इस अभियान में कोई अमेरिकी न तो मारा गया और न ही घायल हुआ.
ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के सैनिकों ने एक अमेरिकी ड्रोन को तब मार गिराया, जब वह लापता एयरमैन की तलाश कर रहा था.
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फ़ार्स के मुताबिक़, आईआरजीसी के जनसंपर्क कार्यालय ने बताया कि अमेरिकी ड्रोन ईरान के दक्षिणी प्रांत इस्फ़हान में क्रैश हो गया.
इससे पहले, ईरान ने कहा था कि वह लापता अमेरिकी क्रू मेंबर को ज़िंदा ढूंढना चाहता है और उसे ढूंढने में मदद करने वाले को इनाम देने की पेशकश भी की थी.
क्रैश हुए लड़ाकू विमान के क्रू सदस्य ऐसी स्थितियों के लिए बहुत ज़्यादा प्रशिक्षित होते हैं.
थिंक टैंक डिफ़ेंस प्रायोरिटिज़ में मिलिट्री एनालिसिस की डायरेक्टर जेनिफर कवानाघ ने बीबीसी को बताया, "उनकी सबसे पहली प्राथमिकता ज़िंदा रहना और पकड़े जाने से बचना होती है."
"यह मानते हुए कि वे शारीरिक रूप से सक्षम हैं और इतने घायल नहीं हैं कि चल-फिर न सकें, उन्हें इस बात की ट्रेनिंग दी जाती है कि वे इजेक्शन साइट से जितनी जल्दी हो सके दूर चले जाएं और ख़ुद को इस तरह छिपा लें कि वे सुरक्षित रहें."
कवानाघ ने बताया कि उन्हें ज़िंदा रहने की तकनीकों की भी ट्रेनिंग दी जाती है, ताकि वे बिना खाने या पानी के या स्थानीय इलाक़े में कुछ ढूंढकर ज़्यादा से ज़्यादा समय तक गुज़ारा कर सकें.
लड़ाकू विमान कब और कहाँ गिरा था
इमेज स्रोत, State Media
ईरान के सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को सबसे पहले यह दावा किया कि सेना ने उसके दक्षिणी इलाक़े में एक अमेरिकी जेट को मार गिराया है.
जिस जगह पर एफ़-15 को कथित तौर पर मार गिराया गया था, उस जगह की सही जानकारी की पुष्टि नहीं हो पाई है. लेकिन ईरान के सरकारी मीडिया में दो संभावित प्रांतों का ज़िक्र किया गया है - कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद, और खुज़ेस्तान.
जिस विमान को मार गिराया गया, उसमें दो क्रू मेंबर सवार थे. जेट के पायलट को पहले ही एक ऑपरेशन में बचा लिया गया था.
बताया जा रहा है कि उस ऑपरेशन में एक ए-10 वॉरथोग विमान भी शामिल था, जिसे खाड़ी के ऊपर निशाना बनाया गया था. विमान के पायलट ने इजेस्ट कर ख़ुद को बचाया था, फिर उन्हें रेस्क्यू किया गया.
अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, एफ़-15ई विमान से बचाए गए पायलट को ले जा रहे एक हेलीकॉप्टर पर छोटे हथियारों से हमला किया गया, जिससे उसमें सवार क्रू मेंबर घायल हो गए. लेकिन हेलीकॉप्टर ने सुरक्षित लैंडिंग कर ली.
इमेज स्रोत, Islamic Revolutionary Guard Corps/Anadolu via Getty Images
आईआरजीसी ने कहा है कि देश के पहाड़ों में रहने वाले खानाबदोश कबीलों ने दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों पर गोलीबारी की, जो अमेरिकी बचाव मिशन का हिस्सा थे.
बीबीसी वेरिफ़ाई ने शुक्रवार के एक वीडियो की पुष्टि की है, जिसमें ऐसा लग रहा है कि तीन हथियारबंद लोग कम से कम दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों की ओर गोलीबारी कर रहे हैं.
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, ईरान की टॉप जॉइंट मिलिट्री कमांड ने दोनों अमेरिकी लड़ाकू विमानों को मार गिराने का श्रेय ईरान के नए एयर डिफ़ेंस सिस्टम को दिया है.
कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद क्षेत्र ईरान के दक्षिण-पश्चिम में स्थित एक पहाड़ी प्रांत है. यहाँ सात लाख से ज़्यादा लोग रहते हैं, जिनमें घुमंतू भी शामिल हैं.
इस दूर-दराज़ के ऊँचे इलाक़े में रहने वाले घुमंतू अपने पालतू पशुओं को जंगली जानवरों और चोरी से बचाने के लिए अपने साथ राइफ़लें भी रखते हैं.
खुज़ेस्तान प्रांत तेल और कई दूसरे उद्योगों का एक बड़ा केंद्र है. यहाँ 47 लाख से ज़्यादा लोग रहते हैं, जिनकी आबादी में काफ़ी विविधता है. इसमें अरब, फ़ारसी, लोर और दूसरे जातीय समूह शामिल हैं.
हम लड़ाकू विमान के मक़सद के बारे में क्या जानते हैं?
इमेज स्रोत, Martin Pope/SOPA Images/LightRocket via Getty Images
एफ़-15ई को हवा से ज़मीन और हवा से हवा, दोनों तरह के मिशन के लिए डिज़ाइन किया गया है.
ज़्यादातर संभावना यही है कि इनका इस्तेमाल ईरान में ड्रोन और क्रूज़ मिसाइलों को मार गिराने के लिए किया गया होगा.
हवा से ज़मीन पर हमला करने की अपनी भूमिका में, यह लड़ाकू विमान लेज़र और जीपीएस की मदद से सटीक निशाने पर गोला-बारूद और अन्य बम गिराने में भी सक्षम है.
इस विमान में दो क्रू सदस्य होते हैं. एक पायलट और एक वेपन सिस्टम ऑफिसर, जो पिछली सीट पर बैठते हैं.
वेपन ऑफिसर, जिसे 'विज़ो' भी कहा जाता है, उसका काम टारगेट चुनना और यह तय करना होता है कि हथियारों को सही हमले के लिए प्रोग्राम किया गया है या नहीं.
यह दो क्रू वाला सिस्टम काम को आपस में बांटने में मदद करता है, ख़ासकर ऐसे माहौल में जहाँ पायलट ख़तरों के बीच काम कर रहा हो.
हमें ठीक-ठीक यह नहीं पता कि इस अमेरिकी जेट को किस चीज़ ने मार गिराया, लेकिन अगर इसे ईरानियों ने गिराया है, तो इसकी सबसे ज़्यादा संभावना यह है कि इसके लिए सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल का इस्तेमाल किया गया होगा.
बीबीसी फ़ारसी सेवी की ग़ोंचेह हबीबीआज़ाद की अतिरिक्त रिपोर्टिंग
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
टॉप स्टोरी
ज़रूर पढ़ें
सबसे अधिक लोकप्रिय
सामग्री् उपलब्ध नहीं है