आषाढी एकादशी : पंढरपूर वारीवर युद्ध, प्लेग, दुष्काळ अशी अनेक संकटं आली आहेत

फोटो स्रोत, BBC/Rahul Ransubhe
- Author, श्रीरंग गायकवाड
- Role, ज्येष्ठ पत्रकार
- वाचन वेळ: 4 मिनिटे
संत तुकाराम महाराज चौदाशे वारकऱ्यांसह पंढरीची नियमित वारी करत. पण एका साली आजारपणामुळे पंढरीच्या वारीला त्यांना जाता आलं नाही. तेव्हा तुकोबांनी एका वारकऱ्यासोबत देवाला 24 अभंगांचे पत्र दिले होते.
का माझे पंढरी न देखती डोळे।
काय हे न कळे पाप त्यांचे।।
पाय पंथ का हे चलती न वाट।
कोण हे अदृष्ट कर्म बळी।।
देवाला भेटता न आल्याने तुकाराम महाराजांनी व्यक्त केलेली व्याकुळता मनाला पीळ पाडणारी आहे.
अशीच वेदना यावर्षीही लाखो वारकऱ्यांच्या मनाला झाली. कोरोनाच्या संकटामुळे सलग 2 वर्षं वारी रद्द करावी लागली आहे. संतांच्या पादुका थेट पंढरपूरला जात आहेत.
पण वारीशिवाय महाराष्ट्र तो कसा असेल! समाजशास्त्रज्ञ इरावती कर्वे यांनी तर अशी व्याख्या केली आहे की, 'ज्या देशातले लोक पंढरीला येतात, तो महाराष्ट्र!'

- वाचा-कोरोना व्हायरसची नवी लक्षणं कोणती? त्याच्यापासून संरक्षण कसं करायचं?
- वाचा-कोरोना व्हायरसची लक्षणं आढळली तर तुम्ही पुढे काय कराल?
- वाचा- मुंबई, महाराष्ट्र, भारत आणि जगात कोरोनाचे आज किती रुग्ण?
- वाचा- कोरोना झाल्यानंतर बरं व्हायला रुग्णाला किती वेळ लागतो?
- वाचा-कोरोनावरची लस बनवण्याचं काम कुठवर आलं? येत्या सप्टेंबरपर्यंत लस येणार?

महाराष्ट्रात पिढ्यान् पिढ्या पंढरीची वारी करणारी घराणी आहेत. संत तुकाराम महाराज म्हणतात,
माझ्या वडिलांची मिराशी गा देवा।
तुझी चरणसेवा पांडुरंगा।।
आधुनिक काळातील साहित्यिक भालचंद्र नेमाडे आपल्या एका कवितेत 'विठू पारंबीला चिकटला' असं म्हणतात. म्हणजे वारीची वडिलांची परंपरा न सांगता आपोआप मुलगा चालवतो.
नकाशा
जगभरात आढळलेले रुग्ण
संपूर्ण मजकूर नीट पाहण्यासाठी तुमचं ब्राउजर अपडेट करा
स्रोत : जॉन्स हॉपकिन्स विद्यापीठ, राष्ट्रीय सार्वजनिक आरोग्य विभाग
आकडे - अंतिम अपडेट ५ जुलै, २०२२, १:२९ म.उ. IST
कोरोना व्हायरसचा सर्वाधिक फटका बसलेल्या देशांतील आकडेवारी-
सविस्तर माहिती
*1,00,000 लोकसंख्येच्या तुलनेत मृत्यूचं प्रमाण
| अमेेरिका (USA) | 10,12,833 | 308.6 | 8,70,30,788 | ||
| ब्राझील | 6,72,033 | 318.4 | 3,25,35,923 | ||
| भारत | 5,25,242 | 38.4 | 4,35,31,650 | ||
| रशिया | 3,73,595 | 258.8 | 1,81,73,480 | ||
| मेक्सिको | 3,25,793 | 255.4 | 60,93,835 | ||
| पेरू | 2,13,579 | 657.0 | 36,40,061 | ||
| युनायटेड किंग्डम | 1,77,890 | 266.2 | 2,22,32,377 | ||
| इटली | 1,68,604 | 279.6 | 1,88,05,756 | ||
| इंडोनेशिया | 1,56,758 | 57.9 | 60,95,351 | ||
| फ्रान्स | 1,46,406 | 218.3 | 3,05,84,880 | ||
| इराण | 1,41,404 | 170.5 | 72,40,564 | ||
| जर्मनी | 1,41,397 | 170.1 | 2,85,42,484 | ||
| कोलंबिया | 1,40,070 | 278.3 | 61,75,181 | ||
| अंर्जेंटिना | 1,29,109 | 287.3 | 93,94,326 | ||
| पोलंड | 1,16,435 | 306.6 | 60,16,526 | ||
| युक्रेन | 1,12,459 | 253.4 | 50,40,518 | ||
| स्पेन | 1,08,111 | 229.6 | 1,28,18,184 | ||
| दक्षिण आफ्रिका | 1,01,812 | 173.9 | 39,95,291 | ||
| तुर्कस्तान | 99,057 | 118.7 | 1,51,80,444 | ||
| रोमेनिया | 65,755 | 339.7 | 29,27,187 | ||
| फिलिपीन्स | 60,602 | 56.1 | 37,09,386 | ||
| चिली | 58,617 | 309.3 | 40,30,267 | ||
| हंगेरी | 46,647 | 477.5 | 19,28,125 | ||
| व्हिएतनाम | 43,088 | 44.7 | 1,07,49,324 | ||
| कॅनडा | 42,001 | 111.7 | 39,58,155 | ||
| चेक प्रजासत्ताक | 40,324 | 377.9 | 39,36,870 | ||
| बल्गेरिया | 37,260 | 534.1 | 11,74,216 | ||
| मलेशिया | 35,784 | 112.0 | 45,75,809 | ||
| इक्वेडोर | 35,745 | 205.7 | 9,13,798 | ||
| बेल्जियम | 31,952 | 278.2 | 42,65,296 | ||
| जपान | 31,328 | 24.8 | 94,05,007 | ||
| थायलंड | 30,736 | 44.1 | 45,34,017 | ||
| पाकिस्तान | 30,403 | 14.0 | 15,39,275 | ||
| ग्रीस | 30,327 | 283.0 | 37,29,199 | ||
| बांगलादेश | 29,174 | 17.9 | 19,80,974 | ||
| ट्युनिशिया | 28,691 | 245.3 | 10,52,180 | ||
| इराक | 25,247 | 64.2 | 23,59,755 | ||
| इजिप्त | 24,723 | 24.6 | 5,15,645 | ||
| दक्षिण कोरिया | 24,576 | 47.5 | 1,84,13,997 | ||
| पोर्तुगाल | 24,149 | 235.2 | 51,71,236 | ||
| नेदरलँड | 22,383 | 129.1 | 82,03,898 | ||
| बोलिव्हिया | 21,958 | 190.7 | 9,31,955 | ||
| स्लोव्हाकिया | 20,147 | 369.4 | 25,51,116 | ||
| ऑस्ट्रिया | 20,068 | 226.1 | 44,99,570 | ||
| म्यानमार | 19,434 | 36.0 | 6,13,659 | ||
| स्वीडन | 19,124 | 185.9 | 25,19,199 | ||
| कझाकस्तान | 19,018 | 102.7 | 13,96,584 | ||
| पॅराग्वे | 18,994 | 269.6 | 6,60,841 | ||
| ग्वााटेमाला | 18,616 | 112.1 | 9,21,146 | ||
| जॉर्जिया | 16,841 | 452.7 | 16,60,429 | ||
| श्रीलंका | 16,522 | 75.8 | 6,64,181 | ||
| सर्बिया | 16,132 | 232.3 | 20,33,180 | ||
| मोरोक्को | 16,120 | 44.2 | 12,26,246 | ||
| क्रोएशिया | 16,082 | 395.4 | 11,51,523 | ||
| बोस्निया आणि हर्जेगोविना | 15,807 | 478.9 | 3,79,041 | ||
| चीन | 14,633 | 1.0 | 21,44,566 | ||
| जॉर्डन | 14,068 | 139.3 | 17,00,526 | ||
| स्वित्झर्लंड | 13,833 | 161.3 | 37,59,730 | ||
| नेपाळ | 11,952 | 41.8 | 9,79,835 | ||
| मोल्डोव्हा | 11,567 | 435.2 | 5,20,321 | ||
| इस्रायल | 10,984 | 121.3 | 43,91,275 | ||
| होंडुरास | 10,906 | 111.9 | 4,27,718 | ||
| लेबनॉन | 10,469 | 152.7 | 11,16,798 | ||
| ऑस्ट्रेलिया | 10,085 | 39.8 | 82,91,399 | ||
| अझरबैजान | 9,717 | 96.9 | 7,93,388 | ||
| उत्तर मॅसिडोनिया | 9,327 | 447.7 | 3,14,501 | ||
| सौदी अरेबिया | 9,211 | 26.9 | 7,97,374 | ||
| लिथुएनिया | 9,175 | 329.2 | 11,62,184 | ||
| अर्मेनिया | 8,629 | 291.7 | 4,23,417 | ||
| क्युबा | 8,529 | 75.3 | 11,06,167 | ||
| कोस्टा रिका | 8,525 | 168.9 | 9,04,934 | ||
| पनामा | 8,373 | 197.2 | 9,25,254 | ||
| अफगाणिस्तान | 7,725 | 20.3 | 1,82,793 | ||
| इथिओपिया | 7,542 | 6.7 | 4,89,502 | ||
| आयर्लंड | 7,499 | 151.8 | 16,00,614 | ||
| उरुग्वे | 7,331 | 211.8 | 9,57,629 | ||
| तैवान | 7,025 | 29.5 | 38,93,643 | ||
| बेलारूस | 6,978 | 73.7 | 9,82,867 | ||
| अल्जेरिया | 6,875 | 16.0 | 2,66,173 | ||
| स्लोवेनिया | 6,655 | 318.7 | 10,41,426 | ||
| डेन्मार्क | 6,487 | 111.5 | 31,77,491 | ||
| लिबिया | 6,430 | 94.9 | 5,02,189 | ||
| लॅटव्हिया | 5,860 | 306.4 | 8,37,182 | ||
| व्हेनेझुएला | 5,735 | 20.1 | 5,27,074 | ||
| पॅलेस्टाईन | 5,662 | 120.8 | 6,62,490 | ||
| केनिया | 5,656 | 10.8 | 3,34,551 | ||
| झिम्बाब्वे | 5,558 | 38.0 | 2,55,726 | ||
| सुदान | 4,952 | 11.6 | 62,696 | ||
| फिनलंड | 4,875 | 88.3 | 11,45,610 | ||
| ओमान | 4,628 | 93.0 | 3,90,244 | ||
| डॉमिनिकन प्रजासत्ताक | 4,383 | 40.8 | 6,11,581 | ||
| एल साल्वाडोर | 4,150 | 64.3 | 1,69,646 | ||
| नामिबिया | 4,065 | 163.0 | 1,69,247 | ||
| त्रिनिदाद आणि टोबॅगो | 4,013 | 287.7 | 1,67,495 | ||
| झाम्बिया | 4,007 | 22.4 | 3,26,259 | ||
| युगांडा | 3,621 | 8.2 | 1,67,979 | ||
| ॲल्बेनिया | 3,502 | 122.7 | 2,82,690 | ||
| नॉर्वे | 3,337 | 62.4 | 14,48,679 | ||
| सीरिया | 3,150 | 18.5 | 55,934 | ||
| नायजेरिया | 3,144 | 1.6 | 2,57,637 | ||
| जमैका | 3,144 | 106.6 | 1,43,347 | ||
| कोसोवो | 3,140 | 175.0 | 2,29,841 | ||
| कंबोडिया | 3,056 | 18.5 | 1,36,296 | ||
| किर्गिझस्तान | 2,991 | 46.3 | 2,01,101 | ||
| बोट्सवाना | 2,750 | 119.4 | 3,22,769 | ||
| मॉन्टेनिग्रो | 2,729 | 438.6 | 2,41,190 | ||
| मलावी | 2,646 | 14.2 | 86,600 | ||
| एस्टोनिया | 2,591 | 195.3 | 5,80,114 | ||
| कुवेत | 2,555 | 60.7 | 6,44,451 | ||
| संयुक्त अरब अमिराती | 2,319 | 23.7 | 9,52,960 | ||
| मोझाम्बिक | 2,212 | 7.3 | 2,28,226 | ||
| मंगोलिया | 2,179 | 67.6 | 9,28,981 | ||
| येमेन | 2,149 | 7.4 | 11,832 | ||
| सेनेगल | 1,968 | 12.1 | 86,382 | ||
| कॅमरून | 1,931 | 7.5 | 1,20,068 | ||
| अंगोला | 1,900 | 6.0 | 1,01,320 | ||
| उझबेकिस्तान | 1,637 | 4.9 | 2,41,196 | ||
| न्यूझीलंड | 1,534 | 31.2 | 13,74,535 | ||
| बहारीन | 1,495 | 91.1 | 6,31,562 | ||
| रवांडा | 1,460 | 11.6 | 1,31,270 | ||
| घाना | 1,452 | 4.8 | 1,66,546 | ||
| सिंगापूर | 1,419 | 24.9 | 14,73,180 | ||
| एस्वाटिनी | 1,416 | 123.3 | 73,148 | ||
| मादागास्कर | 1,401 | 5.2 | 65,787 | ||
| डेमोक्रॅटिक रिपब्लिक ऑफ काँगो | 1,375 | 1.6 | 91,393 | ||
| सुरीनाम | 1,369 | 235.5 | 80,864 | ||
| सोमालिया | 1,361 | 8.8 | 26,803 | ||
| गयाना | 1,256 | 160.5 | 67,657 | ||
| लक्झम्बर्ग | 1,094 | 176.5 | 2,65,323 | ||
| सायप्रस | 1,075 | 89.7 | 5,15,596 | ||
| मॉरिशस | 1,004 | 79.3 | 2,31,036 | ||
| मॉरिटानिया | 984 | 21.7 | 60,368 | ||
| मार्टिनिक | 965 | 257.0 | 1,95,912 | ||
| ग्वाडलूप | 955 | 238.7 | 1,68,714 | ||
| फिजी | 866 | 97.3 | 65,889 | ||
| टांझानिया | 841 | 1.4 | 35,768 | ||
| हैती | 837 | 7.4 | 31,677 | ||
| बहामा | 820 | 210.5 | 36,101 | ||
| रियुनियन | 812 | 91.3 | 4,22,769 | ||
| आयव्हरी कोस्ट | 805 | 3.1 | 83,679 | ||
| लाओस | 757 | 10.6 | 2,10,313 | ||
| माल्टा | 748 | 148.8 | 1,05,407 | ||
| माली | 737 | 3.7 | 31,176 | ||
| लेसोथो | 699 | 32.9 | 33,938 | ||
| बेलीझ | 680 | 174.2 | 64,371 | ||
| कतार | 679 | 24.0 | 3,85,163 | ||
| पापुआ न्यू गिनी | 662 | 7.5 | 44,728 | ||
| फ्रेंच पॉलिनेशिया | 649 | 232.4 | 73,386 | ||
| बार्बाडोस | 477 | 166.2 | 84,919 | ||
| गिनी | 443 | 3.5 | 37,123 | ||
| केप व्हर्ड | 405 | 73.6 | 61,105 | ||
| फ्रेंंच गिनी | 401 | 137.9 | 86,911 | ||
| बुर्किना फासो | 387 | 1.9 | 21,044 | ||
| रिपब्लिक ऑफ काँगो | 385 | 7.2 | 24,128 | ||
| सेंट लुसिया | 383 | 209.5 | 27,094 | ||
| गाम्बिया | 365 | 15.5 | 12,002 | ||
| न्यू कॅलिडोनिया | 313 | 108.8 | 64,337 | ||
| नायजर | 310 | 1.3 | 9,031 | ||
| मालदीव | 306 | 57.6 | 1,82,720 | ||
| गॅबॉन | 305 | 14.0 | 47,939 | ||
| लायबेरिया | 294 | 6.0 | 7,497 | ||
| क्युरसॉ | 278 | 176.5 | 44,545 | ||
| टोगो | 275 | 3.4 | 37,482 | ||
| निकाराग्वा | 242 | 3.7 | 14,690 | ||
| ग्रेनाडा | 232 | 207.1 | 18,376 | ||
| ब्रुनेई | 225 | 51.9 | 1,67,669 | ||
| अरूबा | 222 | 208.8 | 41,000 | ||
| चॅड | 193 | 1.2 | 7,426 | ||
| जबूती | 189 | 19.4 | 15,690 | ||
| मायट | 187 | 70.3 | 37,958 | ||
| इक्वेटोरियल गिनी | 183 | 13.5 | 16,114 | ||
| आईसलँड | 179 | 49.5 | 1,95,259 | ||
| चॅनल आयलंड्स | 179 | 103.9 | 80,990 | ||
| गिनी बिसॉ | 171 | 8.9 | 8,369 | ||
| सेशेल्स | 167 | 171.1 | 44,847 | ||
| बेनिन | 163 | 1.4 | 27,216 | ||
| कमोरोस | 160 | 18.8 | 8,161 | ||
| अँडोरा | 153 | 198.3 | 44,177 | ||
| सोलोमन बेटे | 153 | 22.8 | 21,544 | ||
| अँटिग्वा आणि बार्बुडा | 141 | 145.2 | 8,665 | ||
| बर्म्युडा | 140 | 219.0 | 16,162 | ||
| दक्षिण सुदान | 138 | 1.2 | 17,722 | ||
| तिमोर-लेस्ते | 133 | 10.3 | 22,959 | ||
| ताजिकिस्तान | 125 | 1.3 | 17,786 | ||
| सिएरा लिओन | 125 | 1.6 | 7,704 | ||
| सान मरीनो | 115 | 339.6 | 18,236 | ||
| सेंट व्हिन्सेंट आणि ग्रेनेडीन्स | 114 | 103.1 | 9,058 | ||
| सेंट्रल आफ्रिकन रिपब्लिक | 113 | 2.4 | 14,649 | ||
| आईल ऑफ मॅन | 108 | 127.7 | 36,463 | ||
| जिब्रोल्टर | 104 | 308.6 | 19,633 | ||
| एरिट्रिया | 103 | 2.9 | 9,805 | ||
| सेंट मार्टिन | 87 | 213.6 | 10,601 | ||
| लिखटनस्टाईन | 85 | 223.6 | 17,935 | ||
| साओ टोम आणि प्रिन्सपी | 74 | 34.4 | 6,064 | ||
| डॉमिनिका | 68 | 94.7 | 14,852 | ||
| सेंट मार्टिन | 63 | 165.8 | 10,952 | ||
| ब्रिटीश व्हर्जिन आयलंड्स | 63 | 209.8 | 6,941 | ||
| मोनॅको | 59 | 151.4 | 13,100 | ||
| सेंट किट्स आणि नेव्हिस | 43 | 81.4 | 6,157 | ||
| बुरुंडी | 38 | 0.3 | 42,731 | ||
| बॉनेअर, सेंट युस्टेशियस आणि साबा | 37 | 142.4 | 10,405 | ||
| टर्क अँड केकॉस आयलंड्स | 36 | 94.3 | 6,219 | ||
| केयमेन आयलंड्स | 29 | 44.7 | 27,594 | ||
| समोआ | 29 | 14.7 | 14,995 | ||
| फॅरो आयलंड्स | 28 | 57.5 | 34,658 | ||
| भूतान | 21 | 2.8 | 59,824 | ||
| ग्रीनलँड | 21 | 37.3 | 11,971 | ||
| व्हानुआतू | 14 | 4.7 | 11,389 | ||
| किरबाती | 13 | 11.1 | 3,236 | ||
| डायमंड प्रिन्सेस जहाज | 13 | 712 | |||
| टोंगा | 12 | 11.5 | 12,301 | ||
| अँग्विला | 9 | 60.5 | 3,476 | ||
| मॉन्तसेरात | 8 | 160.3 | 1,020 | ||
| वॉलिस अँड फुटुना आयलंड | 7 | 61.2 | 454 | ||
| पलाऊ | 6 | 33.3 | 5,237 | ||
| सेंट बार्थेलेमी | 6 | 60.9 | 4,697 | ||
| एमएस झांडम जहाज | 2 | 9 | |||
| कुक आयलंड्स | 1 | 5.7 | 5,774 | ||
| सेंट पियर अँड मिकलन | 1 | 17.2 | 2,779 | ||
| फॉकलंड आयलंड्स | 0 | 0.0 | 1,815 | ||
| मायक्रोनेशिया | 0 | 0.0 | 38 | ||
| व्हॅटिकन | 0 | 0.0 | 29 | ||
| मार्शल बेटे | 0 | 0.0 | 18 | ||
| अंटार्क्टिका | 0 | 11 | |||
| सेंट हेलेना | 0 | 0.0 | 4 |
संपूर्ण मजकूर व्यवस्थित पाहण्यासाठी तुमचं ब्राउजर अपडेट करा
ही माहिती सातत्याने अपडेट केली जात आहे. पण काही देशांची ताजी आकडेवारी उपलब्ध नसू शकते.
**नवीन रुग्णांचं प्रमाण हे तीन दिवसांची सरासरीमधून काढलं जातंय. काही ठिकाणी कोरोनाच्या केसेसची स्थिती बदलत असल्यामुळे या तारखेसाठी सरासरी काढणं शक्य नाही.
स्रोत : जॉन्स हॉपकिन्स विद्यापीठ, राष्ट्रीय सार्वजनिक आरोग्य विभाग
आकडे - अंतिम अपडेट ५ जुलै, २०२२, १:२९ म.उ. IST
पंढरीची ही वारी तेराव्या शतकातील संत नामदेव, संत ज्ञानेश्वरांच्या अगोदरही होत असल्याचे दाखले मिळतात. मूळचे मराठवाड्यातील असलेल्या संत नामदेवांच्या घराण्यातही अनेक पिढ्यांची पंढरीची वारी होती. तर संत ज्ञानदेवांचे आजोबा त्र्यंबकपंतही पंढरीची वारी करत होते. संत तुकोबारायांपूर्वी त्यांच्या 7 पिढ्या पंढरीची वारी करत होत्या.
वारीवरची संकटं - तंटा आणि दुष्काळ
एवढी मोठी परंपरा असलेल्या वारीने आतापर्यंत अनेक सुलतानी, आस्मानी संकटे झेलली आहेत.
तुकोबांचे थोरले सुपुत्र हभप नारायण महाराज यांनी सुमारे 1680पासून श्री संत तुकाराम महाराज आणि श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज यांच्या पादुका पालखीत ठेवून आणि 'ज्ञानोबा-तुकाराम' भजन करत पंढरीची सामूहिक पायी वारी सुरू केली.
1830च्या दरम्यान म्हणजे तुकोबारायांच्या वंशजांमध्ये पालखीच्या मालकी आणि सेवेच्या प्रश्नावरून तंटा सुरू झाला. त्यामुळे मराठेशाहीतील शिंदे घराण्याचे सरदार हैबतरावबाबा आरफळकर यांनी स्वतंत्रपणे 1832च्या पुढे श्री ज्ञानदेवांची पालखी पंढरपूरला नेण्यास सुरुवात केली.

वारकऱ्यांच्या या मेळ्याला वाटेत दरोडेखोरांनी वगैरे त्रास देऊ नये आणि त्यांना काही सुविधा मिळाव्यात म्हणून अंकली येथील एक सरदार शितोळे यांनी संत ज्ञानदेवांच्या पालखी सोहळ्याला हत्ती, घोडे, जरी पटक्याचे निशाण आदी गोष्टी दिल्या. हत्ती वगळता या गोष्टी आजही दिल्या जातात.
त्यानंतरच्या काळात महाराष्ट्रातील इतरही ठिकाणांहून अन्य संतांच्या पालख्या पंढरीच्या आषाढी वारीला येण्यास सुरुवात झाली.
इतिहास अभ्यासक संजय सोनवणी सांगतात, "जेव्हा जेव्हा दुष्काळ पडले, तेव्हा तेव्हा वारीवर परिणाम झाला आहे. वारकरी हे मुख्यतः शेतकरी, पशुपालक असल्याने त्यांना दुष्काळामुळे वारीला जाता आलेले नाही. उदा. संत तुकाराम महाराजांच्याच काळात 1630मध्ये दुर्गाडीचा प्रसिद्ध दुष्काळ पडला होता. इ.स. 1296 ते 1307 या काळातही मोठा दुष्काळ वारकरी पंढरीला जाऊ शकले नसावेत."
वारीवरचं संकटं - महायुद्ध आणि प्लेग
पुढे ब्रिटिशकाळातही या सामूहिक वारीमध्ये बाधा आली होती. सोनवणी सांगतात, "1942-45च्या दरम्यान पहिले महायुद्ध आणि 'चले जाव' चळवळ यामुळे ब्रिटिशांनीच सामूहिक वारीवर बंदी घातली होती. त्याच प्रमाणे प्लेगच्या साथीचाही मोठा तडाखा विशेषतः पुण्यातून जाणाऱ्या संत ज्ञानदेव, संत तुकाराम महाराजांच्या पालखी सोहळ्याला बसला होता. अर्थात विदर्भ, मराठवाड्यात त्यावेळी प्लेगचा प्रादुर्भाव फारसा नसल्याने त्या भागातील वारकरी पंढरपूरला वारीसाठी आले होते."

फोटो स्रोत, BBC
संत तुकाराम महाराजांचे नववे वंशज आणि शेडगे दिंडी क्रमांक 3 चे प्रमुख जयसिंगदादा मोरे सांगतात, "1912मध्ये प्लेगच्या काळात संसर्गापासून वाचण्यासाठी जिल्हाधिकाऱ्यांनी पालखी सोहळ्यावर बंदी घातली होती. 1945 मध्ये दुसऱ्या महायुद्धाच्या काळात ब्रिटिशांनी पालखी सोहळ्यावर बंदी घातली होती. त्या साली तानुबाई देशमुख, सदाशिव जाधव आणि रामभाऊ निकम यांनी अनुक्रमे 13 जून 1945 आणि 25 जून 1945 रोजी श्री संत ज्ञानेश्वर महाराजांच्या पालखी सोहळ्यासोबत दिंडी नेण्याची परवानगी मागितली होती. परंतु मुंबई सरकारने पालखी सोहळ्यावर बंदी घातल्याचे नमूद करून त्यांना परवानगी नाकारण्यात आली होती."

फोटो स्रोत, Alandi Sansthan
त्यावेळच्या प्रोसेडिंगमध्ये याबाबतची केलेली नोंद जयसिंगदादा दाखवतात.
जगद्गुरू श्री संत तुकाराम महाराज पालखी सोहळ्याचे विश्वस्त हभप माणिक महाराज मोरे म्हणाले, "दर शंभर वर्षांनी आपल्याकडे सध्याच्या कोरोनासारखी नैसर्गिक आपत्ती येत असल्याचा इतिहास आहे. 1920 ते 1942 या दरम्यान आपल्याकडे प्लेगची साथ होती. यामुळे 1942 मध्ये पालखी सोहळा पंढरपूरला गेलाच नाही. वारी प्रातिनिधिकरीत्या तरी व्हावी म्हणून देहूतून पाच लोक संत तुकाराम महाराजांच्या पादुका घेऊन सायकलवर पंढरपूर वारीला गेले. त्यामध्ये बाबासाहेब इनामदार, गोविंद हरी मोरे, बबन कुंभार आदींचा समावेश होता. पंढरपूरला पोहोचण्यास त्यांना तीन दिवस लागले. तुकोबारायांच्या पादुकांना चंद्रभागा स्नान, एकादशीला पांडुरंगाचे दर्शन घडवून, द्वादशी सोडून ही मंडळी परतली."
आळंदीच्या श्री ज्ञानेश्वर महाराज देवस्थानचे प्रमुख अभय टिळक म्हणाले, "कोरोनाच्या साथीमुळे यंदा पालखी सोहळ्याच्या वैभवापेक्षा सोहळ्याचं पावित्र्य जपलं जावं, असा प्रयत्न होता. पंढरपूरच्या आषाढी वारीला महाराष्ट्रातून जाणाऱ्या प्रमुख 7 पालख्यांपैकी जळगावहून संत मुक्ताबाई, त्र्यंबकेश्वरहून संत निवृत्तीनाथ, पैठणहून संत एकनाथ, सासवडहून जाणाऱ्या संत सोपानकाका आदी पालखी सोहळ्यांनी कोरोनाग्रस्त वातावरण बघता संतांच्या पादुका गाडीतून पंढरपूरला नेण्याचे ठरवलं."
'आग्रही आहोत, दुराग्रही नाही'
पायी वारी केल्याने 'काया, वाचा, मने' देवाची भक्ती होते, अशी वारकऱ्यांची श्रद्धा आहे. पंढरपूर किंवा अन्य संतांच्या गावाला वाऱ्या अर्थात येरझाऱ्या करणे हा महत्त्वाचा भाग या भक्ती पंथात सांगितला गेला आहे.
समाजातील सर्व प्रकारचे भेदभाव नाहीसे होऊन, समता, बंधुभावाने समाज एकत्र राहावा, ही या सामूहिक भक्तीमागची भावना आहे. त्यामुळे संतांच्या गावाहून पालखी, दिंडी निघण्यापासून ते वाटेने भजन, भोजन, कीर्तन, प्रवचन, रिंगण, पंढरपुरात पोहोचल्यानंतर चंद्रभागेत स्नान, पुंडलिक दर्शन, उराउरी भेट, नगरप्रदक्षिणा, पांडुरंगाचे दर्शन ते परतण्यापूर्वी होणाऱ्या गोपाळकाल्याचा अर्थात दहीहंडीचा प्रसाद एकमेकांच्या मुखात भरविणे या सर्व गोष्टी समूहाने, गोळ्यामेळ्याने करावयाच्या असतात.
यावर्षी यातलं काहीच होऊ शकलं नाही. पण त्यामुळे वारकऱ्यांनी उदास होऊ नये, असं श्री ज्ञानेश्वर महाराजांचे परंपरागत चोपदार राजाभाऊ चोपदार म्हणतात. पोलिसांप्रमाणे लाखो वारकऱ्यांचा समावेश असलेल्या पालखी सोहळ्याला शिस्त लावणारे राजाभाऊ म्हणतात, "वारकरी वारीबाबत आग्रही जरूर आहे, पण दुराग्रही नाही. वारी करणे ही जशी शारीरिक साधना आहे, तशी ती मानसिकही साधना आहे. त्याला प्रमाण देणारे अभंग संतांनी लिहून ठेवले आहेत. त्यात
ठायीच बैसोनी करा एकचित्त।
आवडी अनंत आळवावा।।
असा संत तुकाराम महाराजांचा अभंग आहे. त्यातील संदेश वारकरी बांधवांनी घ्यावा."
हे वाचलंत का?
या लेखात सोशल मीडियावरील वेबसाईट्सवरचा मजकुराचा समावेश आहे. कुठलाही मजकूर अपलोड करण्यापूर्वी आम्ही तुमची परवानगी विचारतो. कारण संबंधित वेबसाईट कुकीज तसंच अन्य तंत्रज्ञान वापरतं. तुम्ही स्वीकारण्यापूर्वी सोशल मीडिया वेबसाईट्सची कुकीज तसंच गोपनीयतेसंदर्भातील धोरण वाचू शकता. हा मजकूर पाहण्यासाठी 'स्वीकारा आणि पुढे सुरू ठेवा'.
YouTube पोस्ट समाप्त
(बीबीसी मराठीचे सर्व अपडेट्स मिळवण्यासाठी तुम्ही आम्हाला फेसबुक, इन्स्टाग्राम, यूट्यूब, ट्विटर वर फॉलो करू शकता.'बीबीसी विश्व' रोज संध्याकाळी 7 वाजता JioTV अॅप आणि यूट्यूबवर नक्की पाहा.)























