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सोशल: हिंदूवादियों के 'निशाने' पर हैं सुषमा स्वराज
मुसलमान युवक से शादी करने वाली हिंदू महिला की पासपोर्ट बनवाने में मदद करने के बाद अब भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज सोशल मीडिया पर हिंदूवादियों के निशाने पर हैं.
तन्वी सेठ ने आरोप लगाया था कि लखनऊ पासपोर्ट कार्यालय में तैनात अधिकारी विकास मिश्र ने उनके साथ धर्म के आधार पर भेदभाव किया.
तन्वी के पति अनस सिद्दीकी ने मीडिया से कहा था कि उनसे धर्म बदलने और फेरे लेने के लिए कहा गया.
तन्वी ने सुषमा स्वराज को टैग करते हुए ट्वीट किया जिसके बाद पासपोर्ट कार्यालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें पासपोर्ट जारी कर दिया.
पासपोर्ट मिलने के बाद तन्वी सेठ ने कहा था, "हम उम्मीद करते हैं कि किसी और के साथ ऐसा न हो. हमारी शादी को 11 साल हो गए और हमें कभी ऐसे हालात का सामना नहीं करना पड़ा. बाद में अधिकारियों ने माफ़ी मांगी और हमारा पासपोर्ट जारी कर दिया."
विवादों में फंसे पासपोर्ट कार्यालय के अधिकारी विकास मिश्र ने अपनी सफ़ाई में मीडिया से कहा था, "मैंने तन्वी सेठ से निकाहनामा में दर्ज नाम सादिया अनस लिखवाने के लिए कहा था लेकिन उन्होंने मना कर दिया. हमें कड़ी जांच करनी होती है ताकि हम ये सुनिश्चित कर सकें कि कोई नाम बदलवाकर तो पासपोर्ट हासिल नहीं कर रहा है."
इन आरोपों के बाद विकास मिश्र का तबादला लखनऊ से गोरखपुर कर दिया गया था. सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर चर्चा के बाद कुछ हिंदूवादी समूहों ने विकास मिश्र के समर्थन में अभियान चलाया था.
तन्वी सेठ को पासपोर्ट तो जारी कर दिया गया था लेकिन पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठने के बाद उनके पासपोर्ट की आगे जांच भी की जा सकती है.
इस सबके बीच फ़ेसबुक पर सुषमा स्वराज के पेज को नकारात्मक रेटिंग दी जा रही है.
वहीं ट्विटर पर भी सुषमा स्वराज पर मुस्लिम तुष्टीकरण के आरोप लगाए जा रहे हैं.
राजपूत विपुल सिंह ने ट्विटर पर लिखा, "उस अधिकारी का क्या कसूर था उसने तो अपना कर्तव्य निभाया. मुस्लिम तुष्टिकरण की हद."
रुद्र राजपुरोहित ने लिखा, 'विकास मिश्रा, नियम का पालन करते हुए आसमान से ऊपर हुए & सुषमा स्वराज सेकुलरिज्म के चक्कर में पाताल से भी नीचे चली गई.'
सचिन गुप्ता ने लिखा, "में आपको अनफॉलो कर रहा हूँ, क्योंकि आपने बिना किसी प्रारंभिक जांच के पासपोर्ट अधिकारी को केवल इस आधार पर दोषी माना कि शिकायतकर्ता मुसलमान है."
एक ओर जहां सुषमा को ट्विटर पर अनफॉलो करने का अभियान चलाया जा रहा है वहीं कुछ लोग उनके कामों की याद दिला रहे हैं.
संजय कुमार ने लिखा, "बतौर विदेश मंत्री सुषमा जी का काम सराहनीय रहा है' हमें ये नहीं भूलना चाहिये ?"
सुषमा स्वराज सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय रहती हैं. फ़ेसबुक पर उनके पेज से जहां क़रीब तीस लाख लोग जुड़े हैं वहूीं ट्विटर पर उन्हें लगभग एक करोड़ 18 लाख लोग फॉलो करते हैं.
सुषमा स्वराज ट्विटर के ज़रिए आम लोगों की दिक्कतें सुलझाने के लिए भी जानी जाती हैं. बहुत से लोग सुषमा को टैग करते हुए अपनी परेशानियों के बारे में लिखते हैं और वो अक्सर कार्रवाई भी करती हैं.
तन्वी सेठ ने जब सुषमा स्वराज को टैग करते हुए ट्वीट किया तो उन्होंने अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए.
फ़ेसबुक पर सुषमा स्वराज के पेज को नकारात्मक रेटिंग दी जा रही है जिसकी वजह से उनके पेज की रेटिंग तेज़ी से गिर रही है. इस विवाद के बाद बीस हज़ार से अधिक लोगों ने उनके पेज को नकारात्मक रेटिंग दी है. वहीं कुछ लोग उन्हें सकारात्मक रेटिंग भी दे रहे हैं.
पृथक बातोही ने सुषमा को नकारात्मक रेटिंग देते हुए लिखा, "क्योंकि मैं विकास मिश्र का समर्थन करता हूं."
वहीं अनन्य अविनाश ने फ़ेसबुक पर लिखा कि सुषमा इस्लामिक तुष्टीकरण की पराकाष्ठा कर रही हैं.
सुषमा को पांच स्टार देते हुए हिना ख़ान ने लिखा, "हमारे समय की एक अच्छी राजनेता जो ग़लत पार्टी में फंसी हैं."
इस पूरे विवाद के बीच तन्वी सेठ ने अपने ट्विटर अकाउंट को प्राइवेट कर दिया है.
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