C-17: अफ़ग़ान लोगों को लाने वाला भारत और अमेरिका का विमान
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तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में 15 अगस्त को क़ब्ज़ा कर लिया था. उसी रोज़ अमेरिकी वायु सेना के एक विमान ने 183 बच्चों समेत 823 अफ़ग़ान नागरिकों को सुरक्षित देश से निकाल लिया.
बोइंग C-17 ग्लोबमास्टर 3 के लिए यह एक रिकॉर्ड था. चार इंजन वाला यह ट्रांसपोर्ट विमान काबुल के हामिद करज़ई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से एयरलिफ़्ट करने को लेकर ख़ासी चर्चा में है.
80 के दशक में बने और पहली बार 90 के दशक में उड़ान भरने वाले इस विमान को कई देश सैनिकों, कार्गो और कई बार ख़तरे में पड़े लोगों को दुनिया में एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए इस्तेमाल करते हैं.
रविवार को एक अफ़ग़ान महिला ने C-17 में एक बच्ची को जन्म भी दिया था. गर्भवती महिला को तब दर्द उठा जब विमान जर्मनी के रेमस्टाइन एयर बेस जा रहा था और स्वास्थ्यकर्मियों ने विमान के कार्गो में महिला की डिलिवरी कराई.
भारत भी करता है इस्तेमाल
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अमेरिका और ब्रिटेन के अलावा भारत भी C-17 का इस्तेमाल करता है और उसने भी अफ़ग़ानिस्तान से लोगों को निकालने के लिए इसका इस्तेमाल किया है.
रविवार को काबुल हवाई अड्डे से 168 लोगों को लेकर दिल्ली के नज़दीक़ हिंडन एयरबेस पर उतरा था. इनमें 24 अफ़ग़ान हिंदू और सिख भी शामिल थे.
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बोइंग की वेबसाइट के मुताबिक़, भारतीय वायु सेना में इस समय C-17 ग्लोबमास्टर 3 की संख्या 11 है.
अक्सर भारतीय वायु सेना राहत कार्यों के दौरान इस विमान का इस्तेमाल करते नज़र आती है.
कोरोना वायरस संकट की दूसरी लहर के समय ऑक्सीजन की कमी के दौरान टैंकर्स को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में भी इस विमान का ख़ूब इस्तेमाल हुआ था.
अमेरिकी वायु सेना की फ़ैक्ट शीट के अनुसार, यह विमान 77,519 किलोग्राम तक कार्गो ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है.
हथियारबंद वाहन, ट्रक और यहां तक कि M1 अबराम्स युद्धक टैंक को भी इस विमान में ले जाया जा सकता है.
तीन लोगों के क्रू में दो पायलट और एक लोडमास्टर होता है जो कि पिछले हिस्से से विमान में कार्गो चढ़ाता है.
खाड़ी के देशों ने अमेरिका समेत कई देशों को विस्थापित लोगों को निकालने के लिए अपने यहां एयर बेस उपलब्ध कराया है.
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अमेरिका ने शुक्रवार को अपनी उड़ानों को तब रोक दिया था जब क़तर की राजधानी में स्थापित किए गए एक केंद्र पर लोगों की संख्या काफ़ी बढ़ गई थी.
ब्रिटेन ने घोषणा की है कि वो 20,000 अफ़ग़ान शरणार्थियों को अपने यहां लंबी अवधि के लिए लेगा जबकि कनाडा ने भी यही घोषणा की है.
हालांकि, अमेरिका और जर्मनी ने घोषणा नहीं की है कि वे कितने शरणार्थियों को लेने जा रहा है.
अधिकारी अब लोगों को निकालने की प्रक्रिया को तेज़ करने की कोशिश कर रहे हैं. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने रविवार को बयान जारी किया था कि सरकार लोगों को देश से बाहर निकालने के लिए 18 कमर्शियल विमानों की भी मदद लेगी.
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