आपकी नींद भी आपको मोटा बना सकती है
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अगर कोई बहुत ज़्यादा सोता है या फिर बहुत कम तो इसका असर मोटापे के तौर पर देखने को मिल सकता है.
शोधकर्ताओं का कहना है कि ऐसे लोग जिनके परिवार में पहले ही मोटापे का इतिहास रहा हो, वे अपने सोने के ख़राब तौर तरीकों से वज़न बढ़ने के आफ़त को दावत देते हैं.
ऐसे लोगों का खान-पान, सेहत या फिर उनकी सामाजिक पृष्ठभूमि कुछ भी हो, यह असर होता है.
ग्लासगो यूनीवर्सिटी के अध्ययन में ये भी पाया गया है कि जो लोग मोटापे को लेकर आनुवांशिक रूप से ख़तरे की ज़द में नहीं होते उनके लिए सोने के समय और शरीर के वज़न में कोई संबंध नहीं होता.
शोधकर्ताओं ने सात घंटे से कम और नौ घंटे से ज्यादा सोने से होने वाले असर का अध्ययन किया.
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उन्होंने पाया कि सामान्य नींद लेने वालों की तुलना में अधिक देर तक सोने वालों में चार किग्रा. और कम नींद लेने वालों में दो किग्रा. तक वज़न बढ़ सकता है. ये असर आनुवांशिक रूप से मोटापे का अधिक ख़तरा रखने वालों में देखा गया है.
ये नतीजे यूके बायोबैंक में भाग लेनेवाले 1,20,000 लोगों के इकट्ठा किए गए आंकड़ों से निकाले गए हैं.
इंस्टीट्यूट ऑफ़ कार्डियोवैस्कुलर एंड मेडिकल साइंसेज़ से जुड़े डॉक्टर जैसन गिल का कहना है कि आंकड़े बताते हैं कि आनुवांशिक रूप से मोटापे के ख़तरे से जूझ रहे लोग अगर बहुत कम सोते हैं या फिर ज़्यादा नींद लेते हैं तो उनके शरीर के वज़न पर इसका काफ़ी हद तक प्रतिकूल असर पड़ता है. ये तब भी होता है जब वे दिन में या काम के दौरान ऊंघते हों.
इस अध्ययन को अमेरिकन जर्नल ऑफ़ क्लीनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित किया गया है.
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