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अरब और मुस्लिम देशों के सम्मेलन में ग़ज़ा और लेबनान पर मोहम्मद बिन सलमान ये बोले

सऊदी अरब के रियाद में सोमवार को हुए अरब और इस्लामिक देशों के संयुक्त सम्मेलन में एक सुर में बात की गई है कि ग़जा और लेबनान में हमले रुकने चाहिए.

सारांश

  • 11 से 22 नवंबर तक चलने वाला सीओपी 29 अज़रबैजान की राजधानी बाकू में हो रहा है
  • जस्टिस संजीव खन्ना भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश बन गए हैं.
  • राहुल गांधी ने भी एक्स पर पोस्ट करके 'बँटेंगे तो कटेंगे'और 'एक हैं तो सेफ़'हैं नारे पर प्रतिक्रिया दी.
  • रूस और यूक्रेन ने एक दूसरे के खिलाफ सबसे घातक ड्रोन हमले किए हैं.
  • लेबनान ने कहा- ताज़ा इसराइली हमले में गई सात बच्चों की जान.
  • एस जयशंकर ने कहा- अमेरिका को लेकर दुनिया के कई देशों में घबराहट, लेकिन भारत में नहीं

लाइव कवरेज

अभिषेक पोद्दार, कीर्ति रावत

  1. एस जयशंकर ने कहा- अमेरिका को लेकर दुनिया के कई देशों में घबराहट, लेकिन भारत में नहीं

    भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी चुनावी नतीजों पर कहा कि भारत इसे लेकर नर्वस नहीं है.

    डॉ. एस जयशंकर रविवार की शाम मुंबई में आदित्य बिरला ग्रुप के स्कॉलरशिप प्रोग्राम के सिल्वर जुबली समारोह में शामिल हुए.

    उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित किया. अपने संबोधन के बाद उन्होंने कुछ सवालों के जवाब भी दिए.

    उनसे अमेरिकी चुनावी नतीजों पर भी सवाल किया गया. जयशंकर से पूछा गया, “आप अमेरिकी चुनाव के नतीजों को भारत और अमेरिका संबंधों के नज़रिए से कैसे देखते हैं. ख़ास तौर पर प्रधानमंत्री मोदी की ट्रंप को दी गई बधाई और दोनों के बीच संबंधों को लेकर?”

    इस पर जयशंकर ने कहा, "प्रधानमंत्री उन पहले तीन लोगों में शामिल थे जिनका फोन नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उठाया था. प्रधानमंत्री के अपने कार्यकाल में सभी राष्ट्रपतियों के साथ अच्छे संबंध रहे हैं. चाहे वह ओबामा रहे हों, उसके बाद ट्रंप रहे हों और उसके बाद बाइडन.”

    विदेश मंत्री ने कहा, “इस स्थिति ने काफ़ी सहायता की है. भारत में हो रहे बदलावों से भी से भी मदद मिली है. मैं जानता हूं कि दुनिया के बहुत से देश अमेरिका को लेकर घबराहट की स्थिति में हैं, लेकिन मैं साफ़ कर दूं कि भारत उनमें से एक नहीं है.”

  2. इसराइली पीएम नेतन्याहू ने लेबनान में पेजर धमाके को लेकर क्या कहा?

    इसराइली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, बिन्यामिन नेतन्याहू ने पहली बार यह माना है कि हिज़्बुल्लाह के सदस्यों को निशाना बनाने वाले पेजर्स धमाके इसराइल ने किए थे.

    रविवार को इसराइली ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन ने लेबनान में पेजर धमाके पर नेतन्याहू के हवाले से कहा, "उन्होंने (हिज़्बुल्लाह) चेतावनी को नज़रअंदाज़ किया."

    साथ ही इसराइली प्रधानमंत्री ने यह भी माना है कि डोनाल्ड ट्रंप इसराइल को लेकर ईरान के ख़तरे के बारे में पूरी तरह से सहमत हैं. नेतन्याहू हिज़्बुल्लाह के नेता हसन नसरल्लाह के मौत में इसराइली ज़िम्मेदारी को भी स्वीकार किया है.

    उन्होंने कहा कि ये दोनों ही हमले उनके आग्रह पर और सुरक्षा अधिकारियों के विरोध के बावजूद किए गए थे.

    इसराइल ने पहली बार आधिकारिक तौर पर दोनों हमलों की ज़िम्मेदारी को स्वीकार किया है.

    इसराइली प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि उन्होंने पिछले दिनों अमेरिका के साथ संबंधों को मज़बूत करने की दिशा में डोनाल्ड ट्रंप से तीन बार फ़ोन पर बातचीत की है.

    उन्होंने अपने एक बयान में कहा, ''ट्रंप के साथ यह बातचीत बहुत सार्थक थी. हम ईरानी ख़तरे और इसके सभी आयामों पर पूरी तरह से सहमत हैं. हम शांति, विकास और दूसरे क्षेत्रों में भी इसराइल के लिए बड़े अवसरों को देख रहे हैं.

    इसराइली मीडिया के मुताबिक़, "नेतन्यहू ने रविवार को सरकारी बोर्ड की सप्ताहिक बैठक की शुरुआत में ही यह भी माना कि जिस ऑपरेशन में हसन नसरल्लाह की मौत हुई और पेजर धमाके, दोनों ही उनके आग्रह पर सुरक्षा अधिकारियों के विरोध के बावजूद किया गया."

    हमलों के विरोध पर उन्होंने पूर्व इसराइली रक्षा मंत्री योव गैलेंट का स्पष्ट रूप से ज़िक्र किया. नेतन्याहू और योव गैलेंट के बीच पिछले कुछ समय से से विरोध की स्थिति देखी जा रही थी. इसराइली रक्षा मंत्री को बीते पांच नवंबर को उनके पद से हटा भी दिया गया था.

  3. डोनाल्ड ट्रंप और जर्मन चांसलर ने फोन पर की बातचीत

    जर्मन सरकार के प्रवक्ता का कहना है कि रविवार को अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जर्मनी के चांसलर ओलाफ़ शोल्त्ज़ से फ़ोन पर बातचीत की है.

    जर्मन सरकार के प्रवक्ता स्टीफ़न हेबेस्ट्रेट के अनुसार, "शोल्त्ज़ और अमेरिका के भावी राष्ट्रपति यूरोप में शांति की वापसी की दिशा में मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं."

    स्टीफ़न हेबेस्ट्रेट ने बताया, "दोनों नेताओं ने जर्मनी और अमेरिका के संबंधों और मौजूदा भू-राजनीतिक चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए."

    जर्मन चांसलर ने पिछले हफ़्ते बुधवार को एक बयान में ट्रंप को बधाई दी थी. बधाई संदेश में उन्होंने नेटो और जर्मन-अमेरिकी मित्रता को और मज़बूत करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता ज़ाहिर की थी.

    पिछले हफ़्ते गुरुवार को डोनाल्ड ट्रंप ने एनबीसी न्यूज़ को बताया था कि उन्होंने अपनी चुनावी जीत के बाद से 70 से अधिक वैश्विक नेताओं से बात की है.

  4. लेबनान ने कहा- ताज़ा इसराइली हमले में गई सात बच्चों की जान

    रविवार को लेबनान की राजधानी बेरूत के उत्तरी हिस्से बायब्लोस के पास अलमत में किए गए इसराइली हमले में सात बच्चों सहित कम से कम 23 लोग मारे गए हैं.

    लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसराइली हमले को लेकर मृत लोगों के संख्या की जानकारी दी है.

    उत्तरी लेबनान और ग़ज़ा क्षेत्र के बचावकर्मियों और अधिकारियों का कहना है कि इस क्षेत्र में हुए ताज़ा इसराइली हमलों में अभी तक मरने वालों की संख्या दर्ज़नों में हो सकती है.

    ग़ज़ा की नागरिक सुरक्षा एजेंसी का कहना है कि दो घरों पर किए गए इसराइली हमले में कम से कम 30 लोगों की जान गई है.

    एजेंसी के मुताबिक़, "रविवार को सुबह पहला हमला जबालिया में एक घर पर हुआ, जिसमें 13 बच्चों सहित "कम से कम 25" लोग मारे गए और 30 से अधिक घायल हो गए."

    इसराइली रक्षा बलों (आईडीएफ़) का इन हमलों पर कहना है कि लेबनान में जिस जगह को निशाना बनाया गया, वह हिज़्बुल्लाह की थी. वहां पर हथियार जमा थे और हिज़्बुल्लाह के लड़ाके वहीं से काम कर रहे थे.

    आईडीएफ़ के मुताबिक़, "आम लोगों को होने वाले नुकसान के जोखिम को कम करने के लिए कई कदम उठाए गए, जिसमें हवाई निगरानी और सटीक ख़ुफ़िया जानकारी का इस्तेमाल शामिल है."

    आईडीएफ ने कहा हमने, “जबालिया में एक जगह पर हमला किया, जहां आतंकवादी सक्रिय थे. हमले में आम लोगों को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए कदम उठाए गए थे."

    इसराइली हमले पर लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि बचावकर्मी अलमत में हमले के बाद भी मलबे की तलाश कर रहे थे.

    पिछले कुछ समय में इसराइल ने ईरान समर्थित लेबनानी सशस्त्र समूह हिज़्बुल्लाह के ख़िलाफ़ अपने अभियान को तेज़ कर दिया है.

    लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को एक बयान में कहा कि शनिवार को हुए इसराइली हमलों में 53 लोग मारे गए, जिनमें दक्षिण में 28 और बालबेक में 17 लोगों की मौत शामिल हैं.

  5. रूस और यूक्रेन ने एक दूसरे के ख़िलाफ़ किए अब तक के घातक ड्रोन हमले

    युद्ध की शुरुआत के बाद से रूस और यूक्रेन ने एक दूसरे के ख़िलाफ़ अभी तक के सबसे घातक ड्रोन हमले किए हैं.

    रविवार को रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा, "हमने छह इलाक़ों में यूक्रेनी ड्रोनों को रोका है. इनमें से कुछ राजधानी मॉस्को की तरफ़ जा रहे थे. इस वजह से मॉस्को के तीन प्रमुख हवाई अड्डों से उड़ानों को डायवर्ट भी करना पड़ा."

    रविवार को यूक्रेन की वायु सेना ने कहा कि रूस ने शनिवार रात देश के हर हिस्से को निशाना बनाते हुए 145 ड्रोन हमले किए. इनमें से ज़्यादातर को मार गिराया गया.

    रूस और यूक्रेन के बीच यह घातक ड्रोन हमले ऐसे समय पर शुरू हुए हैं, जब यह उम्मीद लगाई जा रही है कि अमेरिका के नए चुने गए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में दोनों ही पक्षों पर दबाव बना सकते हैं.

    रविवार को मॉस्को पर किया गया यूक्रेनी हमला युद्ध की शुरुआत के बाद से रूस की राजधानी पर किया गया सबसे बड़ा हमला था. मॉस्को के गवर्नर ने भी इन हमलों को "बहुत बड़ा" बताया.

    अधिकारियों ने बताया कि ज़्यादातर ड्रोन रामेनस्कोए, कोलोम्ना और डोमोडेडोवो में गिराए गए.

    रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि मॉस्को के दक्षिण-पश्चिम में रामेनस्कोए में गिरे मलबे के कारण पाँच लोग घायल हो गए और चार घरों में आग लग गई. उनके मुताबिक़ शहर के ऊपर 34 ड्रोनों को गिराया गया.

  6. नमस्कार

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