ईरान युद्ध: भारत ने बताया दो दिनों में कितने भारतीय जहाज़ों ने होर्मुज़ स्ट्रेट को पार किया

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भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ़ पोर्ट्स, शिपिंग एंड वाटरवेज़ के एडिशनल सेक्रेटरी मुकेश मंगल ने खाड़ी क्षेत्र में भारतीय जहाज़ों और नाविकों के बारे में ताज़ा जानकारी दी है.
सोमवार को एक प्रेस कॉनफ़्रेंस में मुकेश मंगल ने बताया, “इस क्षेत्र में सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं. पिछले चौबीस घंटे में भारतीय झंडे वाले किसी जहाज़ से जुड़ी कोई घटना रिपोर्ट नहीं हुई है.”
उन्होंने जानकारी दी कि पिछले दो दिनों में भारतीय झंडे के साथ दो जहाज़ ‘ग्रीन सांग्वी’ और ‘ग्रीन आशा’ एलपीजी लेकर सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ पार कर चुके हैं.
प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बताया गया है कि ग्रीन सांग्वी पर क़रीब 46.5 हज़ार मेट्रिक टन एलपीजी कार्गो और 25 भारतीय नाविक हैं, जबकि ग्रीन आशा पर 15.5 हज़ार टन एलपीजी कार्गो और 26 नाविक हैं.
अभी पश्चिमी फ़ारस खाड़ी क्षेत्र में भारतीय झंडे के साथ 16 जहाज़ मौजूद हैं, जिन पर 433 भारतीय नाविक हैं.
डीजी शिपिंग ने अब तक समुद्री जहाज़ों पर काम करने वाले क़रीब 1600 लोगों की वापसी कराई है.
28 फ़रवरी को इसराइल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हवाई हमले किए थे, उसके बाद से इस क्षेत्र में संघर्ष लगातार जारी है.
ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के अहम समुद्री मार्ग होर्मुज़ स्ट्रेट की नाकेबंदी कर रखी है और इलाक़े में समुद्री जहाज़ भी हमले का निशाना बने हैं.
ईरान युद्ध के बाद से दुनिया के कई देशों में तेल और गैस की कमी हो गई है और इनकी कीमतों में उछाल भी आया है.














