इसराइल ने किया ईरान के अहम पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हमला, बड़े नुक़सान का दावा

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इसराइल ने कहा है कि उसने ईरान के एक अहम पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हमला किया है.
इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल कात्ज़ ने एक बयान जारी कर कहा है कि उन्होंने ईरान में एक पेट्रोकेमिकल फ़ैसिलिटी पर हमला किया है.
उन्होंने कहा कि आईडीएफ़ को निर्देश दिया गया है कि वह ईरान के इंफ़्रास्ट्रक्चर पर 'पूरी ताक़त से' हमले जारी रखे.
उन्होंने कहा, "आईडीएफ़ ने अब ईरान की सबसे बड़ी पेट्रोकेमिकल फ़ैसिलिटी पर ज़ोरदार हमला किया है, जो असालुयेह में स्थित है. यह फ़ैसिलिटी देश के लगभग आधे पेट्रोकेमिकल्स का उत्पादन करती थी.''
कात्ज़ ने बताया कि यह नया हमला 'पिछले हफ़्ते' एक अन्य फ़ैसिलिटी पर हुए हमले के बाद हुआ है.
बयान में कहा गया है, "अब ये दोनों फ़ैसिलिटीज़, जिनसे ईरान क़रीब 85% पेट्रोकेमिकल निर्यात करता था, वो अब काम नहीं कर रही हैं."
उन्होंने कहा, "यह ईरानी शासन के लिए अरबों डॉलर का एक बड़ा आर्थिक झटका है. पेट्रोकेमिकल उद्योग, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की गतिविधियों को फ़ंड देने और ईरान की सैन्य ताक़त को बढ़ाने में एक अहम भूमिका निभाता है."

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ईरान की मीडिया ने क्या बताया
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने भी पुष्टि की है कि देश में दो पेट्रोकेमिकल कंपनियों पर हमला किया गया है.
ईरान का साउथ पार्स गैस फ़ील्ड दुनिया के सबसे बड़े नेचुरल गैस फ़ील्ड में आता है.
ईरान की कई न्यूज़ एजेंसियों ने रिपोर्ट दी है कि मर्वदश्त पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को 'दुश्मन के हमले' में निशाना बनाया गया है.
फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी का कहना है कि इस हमले की वजह से आग लग गई थी, जिसे 'शुरुआती कुछ ही मिनटों में बुझा दिया गया.'
मर्वदश्त के गवर्नर के कार्यालय का हवाला देते हुए, न्यूज़ एजेंसी तस्नीम ने आगे बताया कि हमले से औद्योगिक इकाई को 'कोई ख़ास नुक़सान नहीं पहुँचा है.'


















