ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट को खोलने के लिए रखी ये शर्त, ट्रंप के बयान को बताया 'गुस्से से भरा'
ईरान के राष्ट्रपति कार्यालय से जुड़े अधिकारी मेहदी तबातबाई ने कहा है कि होर्मुज़ स्ट्रेट को तब दोबारा खोला जाएगा, जब 'ट्रांजिट टोल का एक हिस्सा युद्ध में हुए नुक़सान की भरपाई के लिए इस्तेमाल किया जाएगा'.
ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट को खोलने के लिए रखी ये शर्त, ट्रंप के बयान को बताया 'गुस्से से भरा'
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इमेज कैप्शन, 22 मार्च को होर्मुज़ स्ट्रेट में एक जहाज़ की तस्वीर (फ़ाइल फ़ोटो)
ईरान के राष्ट्रपति कार्यालय से जुड़े अधिकारी मेहदी तबातबाई ने कहा है कि होर्मुज़ स्ट्रेट को तब दोबारा खोला जाएगा, जब 'ट्रांजिट टोल का एक हिस्सा युद्ध में हुए नुक़सान की भरपाई के लिए इस्तेमाल किया जाएगा'.
ईरानी अधिकारियों और सांसदों की ओर से पहले भी इस अहम समुद्री रास्ते से गुज़रने वाले जहाज़ों पर शुल्क लगाने की संभावना जताई जा चुकी है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए तबातबाई ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने 'पूरे क्षेत्र में युद्ध भड़काया है और अब भी धमकियां दे रहे हैं'.
उन्होंने ट्रंप के बयानों को 'हताशा और गुस्से' से भरा बताया और कहा कि उनकी 'बातें अपमानजनक और बेबुनियाद' हैं.
ट्रंप का दावा- 'ईरान से डील होने की अच्छी संभावना'
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर से कड़ा बयान दिया है और साथ ही समझौते की संभावना भी जताई है.
फॉक्स न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अगर जल्द कोई समझौता नहीं हुआ, तो वह 'सब कुछ तबाह करने और तेल पर क़ब्ज़ा करने' पर विचार कर रहे हैं.
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि समझौते की संभावना अभी ख़त्म नहीं हुई है. उनके मुताबिक, डील होने की अच्छी संभावना है और बातचीत अभी जारी है.
इससे पहले ट्रंप ने ईरान को फिर से धमकी दी है कि अगर वह 6 अप्रैल तक होर्मुज़ स्ट्रेट नहीं खोलता है तो उसे परिणाम भुगतने होंगे.
ईरान युद्ध के बीच नेपाल ने सरकारी दफ़्तरों और शिक्षा संस्थानों के लिए किया अहम फ़ैसला
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इमेज कैप्शन, नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह
नेपाल ने मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण पैदा हुए ईंधन संकट के बीच बड़ा फै़सला लिया है.
सरकार ने एलान किया है कि अब सरकारी दफ़्तरों और शैक्षणिक संस्थानों में हफ़्ते में दो दिन की छुट्टी रहेगी.
कैबिनेट की बैठक में तय किया गया कि शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश दिया जाएगा. यह व्यवस्था सोमवार, 6 अप्रैल से लागू होगी.
सरकारी प्रवक्ता सस्मित पोखरेल के मुताबिक़, सभी सरकारी दफ़्तर और शैक्षणिक संस्थान अब सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक काम करेंगे.
सरकार का यह क़दम ईंधन की बचत करने और बढ़ते संकट से निपटने के लिए उठाया गया है.
बीबीसी नेपाली के मुताबिक़, सरकार ने डीज़ल और पेट्रोल से चलने वाले वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने के लिए ज़रूरी क़ानूनी व्यवस्था करने का भी निर्णय लिया है.
अमेरिकी एयरमैन के रेस्क्यू ऑपरेशन पर इसराइली पीएम नेतन्याहू ने क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, नेतन्याहू ने कहा है कि जब स्वतंत्र समाज हिम्मत और संकल्प के साथ खड़े होते हैं, तो वे मुश्किल से मुश्किल हालात का सामना कर सकते हैं
इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने ईरान में अमेरिकी एयरमैन के रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बधाई दी है.
नेतन्याहू ने इसे 'अमेरिका के निडर सैनिकों की ओर से एक बहादुर पायलट को बचाने का अविश्वसनीय अभियान' बताया है.
उन्होंने कहा कि यह घटना दिखाती है कि जब स्वतंत्र समाज हिम्मत और संकल्प के साथ खड़े होते हैं, तो वे मुश्किल से मुश्किल हालात का सामना कर सकते हैं और उन्हें पार कर सकते हैं.
नेतन्याहू ने कहा कि यह ऑपरेशन 'नो वन इज़ लेफ्ट बिहाइंड' यानी किसी को पीछे न छोड़ने के सिद्धांत को मज़बूत करता है, जो दोनों देशों की साझा सोच है.
उन्होंने अपने अनुभव का ज़िक्र करते हुए कहा कि इसराइल ने भी कई साहसी रेस्क्यू ऑपरेशन किए हैं.
ओमान ने होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर ईरान से क्या बातचीत की?
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इमेज कैप्शन, ईरान ने युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज़ स्ट्रेट की नाकेबंदी कर रखी है (फ़ाइल फ़ोटो)
ईरान की ओर से होर्मुज़ स्ट्रेट की नाकेबंदी से दुनियाभर में ऊर्जा क़ीमतों में तेज़ उछाल आया है और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है.
ओमान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक़, ईरान और ओमान के उप विदेश मंत्रियों के बीच इस अहम समुद्री रास्ते को सुचारु रूप से खोलने के विकल्पों पर बातचीत हुई है.
शनिवार को हुई इस बैठक में दोनों देशों के विशेषज्ञ भी शामिल थे, जहां कई प्रस्तावों और संभावित समाधान पर चर्चा की गई.
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान सोमवार तक इस समुद्री रास्ते को नहीं खोलता है, तो उसे गंभीर नतीजों का सामना करना पड़ेगा.
ईरान में 37वें दिन भी इंटरनेट बंद, मॉनिटरिंग ग्रुप ने बताया 'दुनिया का सबसे लंबा शटडाउन', ग़ोंचेह हबीबीआज़ाद, बीबीसी फ़ारसी
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इमेज कैप्शन, ईरान में ज़्यादातर लोग 864 घंटे से अधिक समय से इंटरनेट से कटे हुए हैं
इंटरनेट मॉनिटरिंग ग्रुप नेटब्लॉक्स के मुताबिक़, ईरान में इंटरनेट बंदी अब 37वें दिन में पहुंच गई है.
रिपोर्ट के अनुसार, देश में बाहरी दुनिया से कनेक्टिविटी सामान्य स्तर के सिर्फ़ 1 फ़ीसदी पर रह गई है, यानी ज़्यादातर लोग 864 घंटे से अधिक समय से इंटरनेट से कटे हुए हैं.
नेटब्लॉक्स ने इसे दुनिया में अब तक का 'सबसे लंबा और व्यापक राष्ट्रीय स्तर का इंटरनेट शटडाउन' बताया है.
बीबीसी के मुताबिक़, कुछ सरकारी अधिकारी, सरकार समर्थक यूज़र और पत्रकार अब भी बिना रोक-टोक इंटरनेट इस्तेमाल कर पा रहे हैं, जबकि आम लोग ऑनलाइन होने के लिए भारी रक़म चुका रहे हैं.
कुछ लोग सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं जैसे स्टारलिंक के ज़रिए कनेक्ट हो पा रहे हैं, लेकिन यह काफ़ी महंगा पड़ रहा है.
ईरान में स्टारलिंक का इस्तेमाल या उसे रखना गै़र-क़ानूनी है और इसके लिए दो साल तक की सज़ा हो सकती है. अधिकारियों ने ऐसे डिवाइस पर सख़्ती बढ़ा दी है और रिपोर्ट्स के मुताबिक़ युद्ध शुरू होने के बाद सैकड़ों स्टारलिंक डिवाइस ज़ब्त किए जा चुके हैं.
ब्रेकिंग न्यूज़, ट्रंप ने बताया ईरान से अमेरिकी वायु सैनिक को कैसे निकाला गया
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इमेज कैप्शन, ट्रंप ने बताया है कि यह अधिकारी एक सम्मानित कर्नल हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के अंदर पहाड़ी इलाके़ से एक घायल एफ़-15 क्रू सदस्य को सुरक्षित निकाल लिया गया है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, "यह अधिकारी एक सम्मानित कर्नल हैं और उन्हें ऐसे समय में बचाया गया जब ईरानी सेना बड़ी संख्या में उनकी तलाश कर रही थी और क़रीब पहुंच रही थी."
ट्रंप के मुताबिक़, इस तरह के अभियान काफ़ी जोखिम भरे होते हैं और आमतौर पर कम ही किए जाते हैं.
उन्होंने कहा, "दूसरा रेस्क्यू मिशन पहले के बाद चलाया गया, जिसमें पायलट को दिन के उजाले में बचाया गया और इसके लिए सात घंटे तक ईरान के ऊपर ऑपरेशन चला."
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस रेस्क्यू मिशन को 'बहादुरी और कौशल का अद्भुत प्रदर्शन' बताया.
ट्रंप ने कहा कि वह इस मामले पर सोमवार को ओवल ऑफ़िस में सेना के साथ प्रेस कॉन्फ़्रेंस करेंगे.
ऊर्जा सुविधाओं पर ड्रोन हमलों से कुवैत को 'काफ़ी नुक़सान'
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इमेज कैप्शन, कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (केपीसी) के मुख्यालय पर हुए हमले के बाद की तस्वीर
कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने कहा है कि उसके कुछ ठिकानों को ईरान के ड्रोन हमलों में निशाना बनाया गया है, जिससे आग लग गई और 'भारी नुक़सान' हुआ है.
सरकारी बयान के मुताबिक़, राहत टीमें आग पर काबू पाने और उसे फैलने से रोकने में जुटी हैं. हालांकि, हमले की सटीक जगह का खुलासा नहीं किया गया है.
इन हमलों में किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं है.
यह घटना खाड़ी क्षेत्र के अन्य हिस्सों, जैसे बहरीन में पेट्रोकेमिकल और ऊर्जा ठिकानों पर हुए हमलों के बाद सामने आई है.
इसराइल ने लेबनान के इन इलाक़ों पर की बमबारी
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इमेज कैप्शन, लेबनान के घोबेरी में धुएं का ग़ुबार उठता हुआ
इसराइली सेना का कहना है कि उसने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी इलाक़ों में हिज़बुल्लाह के ठिकानों पर नए हमले किए हैं.
इससे पहले वहां के लोगों को तुरंत इलाक़ा खाली करने की चेतावनी दी गई थी.
वहीं, ईरान समर्थित संगठन हिज़बुल्लाह ने दावा किया है कि उसने उत्तरी इसराइल की ओर मिसाइलें दाग़ी हैं.
हालांकि इसराइली मीडिया के मुताबिक़, आईडीएफ़ ने दाग़ी गईं मिसाइलों को रोक लिया है.
यह ताज़ा तनाव उस घटना के कुछ घंटों बाद बढ़ा है, जब हिज़बुल्लाह ने कहा था कि उसने रात में लेबनान के तट के पास एक इसराइली युद्धपोत पर मिसाइल से हमला किया.
हालांकि, इसराइली मीडिया के मुताबिक़ आईडीएफ़ ने कहा है कि उसे ऐसे किसी हमले की जानकारी नहीं है.
अमेरिकी रेस्क्यू मिशन को ईरान ने बताया 'नाकाम', ट्रंप को लेकर कही ये बात, ग़ोंचेह हबीबीआज़ाद, बीबीसी फ़ारसी
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इमेज कैप्शन, 5 अप्रैल को ईरान में क्रैश हुए एफ़-15 लड़ाकू विमान के मलबे और अवशेषों का नज़ारा
ईरान के अधिकारी और सरकारी मीडिया अमेरिकी रेस्क्यू मिशन को अलग अंदाज़ में पेश कर रहे हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर दावा किया है कि अमेरिका ने 'इतिहास के सबसे साहसी सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशनों में से एक' को अंजाम दिया है.
वहीं, ख़ातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने इस मिशन को 'नाकाम' बताया है.
उन्होंने कहा, "दुश्मन की अपने गिराए गए पायलट को बचाने की कोशिश अल्लाह की मदद और ईरानी बलों की कार्रवाई की वजह से विफल रही."
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि इस ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी और ईरानी सैनिकों के बीच मुठभेड़ हुई.
आईआरजीसी ने आरोप लगाया कि ट्रंप 'भारी हार छिपाने' के लिए इस ऑपरेशन को सफलता बता रहे हैं.
ईरानी सरकारी टीवी ने भी इसी तरह का रुख़ अपनाया और इस घटना की तुलना ऑपरेशन ईगल क्लॉ से की, जो 1980 में ईरान के तबास में हुआ एक असफल अमेरिकी रेस्क्यू मिशन था.
ईरान के इस इलाके़ में हमले से कई लोगों की मौत की ख़बर, ग़ोंचेह हबीबीआज़ाद, बीबीसी फ़ारसी
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इमेज कैप्शन, 28 मार्च की रात शहर में विस्फोटों की ख़बर के बाद तेहरान के ऊपर धुएं का एक बड़ा ग़ुबार उठता हुआ दिखा (फ़ाइल फ़ोटो)
ईरान के दक्षिणी कोहगिलुयेह और बोयरअहमद प्रांत में हमलों के बाद कई आम नागरिकों के मारे जाने की ख़बर है.
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक़, बोयरअहमद काउंटी के गवर्नर अब्बास बेहेश्ती ने बताया कि कुह सियाह इलाके़ पर हुए हमलों में पांच लोगों की मौत हुई है और आठ लोग घायल हुए हैं.
बेहेश्ती ने सरकारी समाचार एजेंसी इरना से कहा कि इसी प्रांत के काकान और वेज़ग इलाक़ों पर भी रात में ड्रोन के ज़रिए हमला किया गया.
उनके अनुसार, काकान में दो लोगों की और वेज़ग में तीन लोगों की जान गई.
एफ़-15 के दूसरे अफ़सर का पता कैसे लगाया गया होगा? अमेरिकी सेना के पूर्व अधिकारी ने बताया
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इमेज कैप्शन, 8 मार्च को ली गई ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर की तस्वीर
अमेरिकी सेना के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी विलियम फ़ालन ने बताया है कि अमेरिका को दूसरे बचाए गए एयरमैन का पता कैसे चला होगा.
बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के वीकेंड कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आमतौर पर दो सीट वाले लड़ाकू विमान में दोनों पायलट ज़मीन पर गिरने के बाद एक-दूसरे से ज़्यादा दूर नहीं होते.
उनके मुताबिक़, इसी वजह से अमेरिकी बलों को एयरमैन की लोकेशन का 'काफ़ी अच्छा अंदाज़ा' रहा होगा.
फ़ालन ने यह भी कहा कि रेस्क्यू मिशन में 'रात का समय' फ़ायदेमंद रहा होगा, क्योंकि अमेरिकी बल रात में ऑपरेशन करने के आदी होते हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि दुश्मन इलाके़ में उड़ान भरते समय हर पायलट को इस बात के लिए तैयार रहना पड़ता है कि वही निशाना बन सकता है.
राहुल गांधी ने हिमंत बिस्वा सरमा को 'सबसे भ्रष्ट और नफ़रत फैलाने वाला मुख्यमंत्री' बताया
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इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने असम की रैली में हिमंत बिस्वा सरमा पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को 'सबसे भ्रष्ट और नफ़रत फैलाने वाला सीएम' बताया है.
राहुल गांधी ने यह टिप्पणी असम में
एक चुनावी रैली के दौरान की.
कांग्रेस नेता ने कहा, "हिंदुस्तान का सबसे भ्रष्ट, सबसे ज़्यादा नफ़रत फैलाने वाला, सबसे ज़्यादा उल्टी-सीधी बात करने वाला चीफ़
मिनिस्टर असम का है."
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि
हिमंत बिस्वा सरमा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
ने 'कंट्रोल' कर रखा है.
उन्होंने कहा, "नरेंद्र मोदी को डोनाल्ड ट्रंप ने कंट्रोल कर रखा
है और आपके (असम के) मुख्यमंत्री को नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने कंट्रोल कर रखा
है. इनके (हिमंत बिस्वा सरमा) भ्रष्टाचार की पूरी जानकारी नरेंद्र मोदी और अमित
शाह के पास है."
राहुल गांधी ने दावा किया,
"असम को दिल्ली से चलाया जाता है. जो
नरेंद्र मोदी और अमित शाह कहते हैं वही ये (हिमंत बिस्वा सरमा) करते हैं."
असम में नौ अप्रैल को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होने हैं. इसके नतीजे चार मई को जारी किए जाएंगे.
नमस्कार!
अब तक बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह
आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे.
अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
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राघव चड्ढा ने नया वीडियो जारी करते हुए आम आदमी पार्टी के नेताओं पर अब क्या कहा
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इमेज कैप्शन, राघव चड्ढा इससे पहले भी दो अलग-अलग वीडियो जारी कर चुके हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
पंजाब से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा
सांसद राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर एक नया वीडियो शेयर किया है. इसमें उनकी ओर से
राज्यसभा में उठाए गए पंजाब से जुड़े मुद्दों का ज़िक्र है.
दरअसल, आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के डिप्टी लीडर
के पद से हटा दिया है.
इसके साथ ही आम आदमी पार्टी के कई
नेताओं ने वीडियो जारी कर राघव चड्ढा पर आरोप लगाया कि वह राज्यसभा में पंजाब से
जुड़े मुद्दे नहीं उठाते.
उन पर ये आरोप भी लगाए गए हैं कि वह प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी और बीजेपी सरकार से कोई भी सवाल नहीं करते.
इस पर राघव चड्ढा ने रविवार को एक वीडियो जारी करते हुए कहा, "(यह
वीडियो) मेरे उन सहयोगियों के नाम, जिन्हें
यह कहते हुए वीडियो जारी करने के लिए मजबूर किया गया कि 'राघव चड्ढा पंजाब के मुद्दे संसद में उठाने में नाकाम रहे'."
उन्होंने लिखा, "यह एक छोटा सा ट्रेलर है… पिक्चर अभी बाकी
है."
इससे पहले भी राघव चड्ढा दो अलग-अलग
वीडियो जारी कर अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई दे चुके हैं.
ईरानी ड्रोन ने कुवैत और बहरीन के ऊर्जा ठिकानों को बनाया निशाना
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इमेज कैप्शन, बीते दिनों कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फ़्यूल टैंक पर भी ईरानी ड्रोन से हमला हुआ था (1 अप्रैल, 2026 की तस्वीर)
बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़,
बहरीन की बीएपीसीओ एनर्जी ने रविवार को कहा कि ईरानी
हमले के बाद उसके स्टोरेज के एक टैंक में आग लग गई.
कंपनी के अनुसार, हमले में किसी के हताहत होने की कोई ख़बर नहीं
है. कंपनी ने कहा कि आग पर काबू पा लिया गया है और नुक़सान का आकलन किया जा रहा
है.
बीएपीसीओएनर्जी बहरीन की सबसे बड़ी तेल
कंपनियों में से एक है.
इससे पहले बीबीसी फ़ारसी ने रिपोर्ट
किया था कि कुवैत की सरकार ने कहा है कि ईरानी ड्रोन हमले में उसके दो बिजली
संयंत्र और एक डिसैलिनेशन प्लांट (पानी साफ़ करने वाला प्लांट) क्षतिग्रस्त हो गया
है.
बयान में यह भी कहा गया है कि ये
संयंत्र अब बंद हैं.
इससे पहले हुए हमलों में कुवैत के एक
सरकारी दफ़्तर के परिसर को काफ़ी नुक़सान पहुंचा था और कुवैत के पेट्रोलियम
मंत्रालय में आग लग गई थी.
जिस इलाक़े में लापता अमेरिकी एयरमैन के होने की थी आशंका, वहाँ हमलों में चार की मौत- ईरानी मीडिया
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इमेज कैप्शन, अमेरिकी एफ़-15ई लड़ाकू विमान को शुक्रवार को ईरान ने मार गिराया था (सांकेतिक तस्वीर)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने
एफ़-15ई लड़ाकू विमान के लापता क्रू सदस्य को बचाए जाने की आधिकारिक पुष्टि कर दी
है.
इससे पहले ईरानी सरकारी मीडिया ने
रिपोर्ट किया कि जिस इलाक़े में अमेरिकियों के होने की आशंका थी, वहाँ कम से कम चार लोगों की मौत हुई है.
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर
(आईआरजीसी) से जुड़ी तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने पहले एक स्थानीय गवर्नर के हवाले से
कहा था कि दक्षिण-पश्चिम ईरान के कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांत के एक पहाड़ी
इलाक़े में हुए हमलों में कम से कम तीन लोग मारे गए.
गवर्नर ने इन हमलों के लिए अमेरिका
और इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया.
इसके बाद प्रांत के उप-गवर्नर फत्ताह
मोहम्मदी ने स्थानीय ईरानी मीडिया से कहा कि मरने वालों की संख्या बढ़कर चार हो गई
है.
यह स्पष्ट नहीं है कि ये हमले लापता
अमेरिकी एयरमैन के रेस्क्यू अभियान से जुड़े थे या नहीं.
ईरान का दावा, लापता एयरमैन की तलाश के दौरान अमेरिकी ड्रोन मार गिराया गया
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इमेज कैप्शन, ईरान ने शुक्रवार को अमेरिकी एफ़-15ई लड़ाकू विमान को मार गिराया था (सांकेतिक तस्वीर)
अमेरिका ने दावा किया है उसने ईरान
में गिराए गए अमेरिकी एफ़-15ई लड़ाकू विमान के दूसरे क्रू सदस्य को खोज निकाला
है.
सबसे पहले अमेरिकी मीडिया ने यह दावा
किया. इसके बाद थोड़ी देर बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ऐसा ही दावा किया.
इस बीच ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स में
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के प्रवक्ता के हवाले से कहा गया है
कि ईरान की सेना ने लापता एयरमैन की तलाश कर रहे एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया है.
आईआरजीसी के जनसंपर्क कार्यालय के
हवाले से सरकारी न्यूज़ एजेंसी फ़ार्स और आईआरजीसी से जुड़े तस्नीम न्यूज़ एजेंसी
ने कहा कि यह अमेरिकी ड्रोन ईरान के दक्षिणी इस्फ़हान प्रांत में गिरा.
ईरान के इन दावों पर अब तक अमेरिका
की तरफ़ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
ईरान में एफ़-15 के क्रू सदस्य को निकालने के दौरान अमेरिकी और ईरानी सेना के बीच हुई 'झड़प', बर्न्ड डेबुसमैन जूनियर, व्हाइस हाउस संवाददाता
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इमेज कैप्शन, (सांकेतिक तस्वीर)
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के
मुताबिक़, ईरान में मार गिराए गए अमेरिकी
एफ़-15 लड़ाकू विमान के दूसरे क्रू सदस्य को भी बचा लिया गया है.
इसके थोड़ी देर बाद अमेरिकी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी एलान किया कि अमेरिकी एफ़-15 लड़ाकू विमान के
लापता क्रू सदस्य को रेस्क्यू कर लिया गया है.
यह रेस्क्यू ऑपरेशन किन परिस्थितियों
में हुआ, अभी यह स्पष्ट नहीं है. मगर अभियान
से जुड़े एक व्यक्ति ने इसे दक्षिणी ईरान में 'बहुत बड़ा' कॉम्बैट सर्च एंड रेस्क्यू मिशन
बताया.
बीबीसी को मिली जानकारी के मुताबिक़,
रेस्क्यू के दौरान अमेरिकी और ईरानी सेना के बीच
झड़प हुई थी और यह भी संभावना है कि पायलट विमान से बाहर निकलते समय ही घायल हो
गया हो.