लंदन: बांग्लादेश के सपोर्ट में खालिस्तान समर्थकों का प्रदर्शन
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लंदन में बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर कुछ खालिस्तानी समर्थक बांग्लादेश के समर्थन में दिखाई दिए.
न्यूज़ एजेंसी एएनआई की ओर से जारी वीडियो के मुताबिक़, कुछ लोग हाथों में खालिस्तानी झंडा लेकर प्रदर्शन करते दिख रहे हैं.
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया, जब ब्रिटेन में बंगाली हिंदू आदर्श संघ (बीएचएएस) यूके के सदस्यों ने शनिवार को लंदन स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर 'जस्टिस फ़ॉर हिंदूज़' नाम से प्रदर्शन किया.
बीते हफ़्ते बांग्लादेश के मैमनसिंह ज़िले के भालुका में धर्म का 'अपमान' करने के आरोप में भीड़ ने एक हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या कर दी.
स्थानीय पुलिस के मुताबिक़, युवक को पीट-पीटकर मार डालने के बाद उसके शव को एक पेड़ से बांधकर आग लगा दी गई.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, 'कांग्रेस जोड़ती है, बीजेपी तोड़ती है'
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इमेज कैप्शन, कांग्रेस आज आपना 140वां स्थापना दिवस मना रही है
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कांग्रेस के 140वें स्थापना दिवस के अवसर पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है.
उन्होंने मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा, "जो कहते हैं कांग्रेस ख़त्म हो गई है, उन्हें मैं बताना चाहता हूं कि हमारे पास सत्ता कम हो सकती है, लेकिन हमारी रीढ़ अभी भी सीधी है."
उन्होंने कहा, "हमने न संविधान से समझौता किया, न धर्मनिरपेक्षता से और न ही ग़रीबों के हकों से. हम सत्ता में न हों, लेकिन सौदेबाज़ी नहीं करेंगे."
मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि कांग्रेस ने कभी धर्म के नाम पर वोट नहीं मांगा और न ही मंदिर-मस्जिद के नाम पर नफरत फैलाई.
उन्होंने कहा, "कांग्रेस जोड़ती है, बीजेपी तोड़ती है. कांग्रेस ने धर्म को आस्था तक ही रखा, लेकिन कुछ लोगों ने धर्म को राजनीति बना दिया. आज बीजेपी के पास सत्ता है, लेकिन उनके पास सच्चाई नहीं है."
स्थापना दिवस के अवसर पर कांग्रेस का ध्वज फहराने के लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेता दिल्ली के इंदिरा भवन पहुंचे.
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बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या पर अमेरिकी सांसद ने क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, कैलिफ़ोर्निया के 17वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व करने वाले रो खन्ना डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद हैं
अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने बांग्लादेश में एक हिंदू युवक की हत्या की निंदा की है. उन्होंने ऐसी 'कट्टरता से भरी घटनाओं' के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने की अपील की है.
27 वर्षीय दीपू चंद्र दास की बीते हफ़्ते बांग्लादेश के मैमनसिंह ज़िले के बालुका इलाके़ में धर्म का 'अपमान' करने के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी और बाद में उनके शव को जला दिया गया था.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, इस मामले में अब तक क़रीब 12 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में रो खन्ना ने इस हत्या को 'भयानक' बताया.
उन्होंने कहा, "मेरी संवेदनाएं उनके दोस्तों और परिवार के साथ हैं. हमें ऐसी घृणा और कट्टरता से भरी घिनौनी घटनाओं की निंदा करनी चाहिए और इनके ख़िलाफ़ आवाज़ उठानी चाहिए."
म्यांमार में पांच साल के गृहयुद्ध के बाद आज हो रहा है चुनाव, यूएन ने की आलोचना
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इमेज कैप्शन, म्यांमार की सेना अगले एक महीने में चरणबद्ध तरीके़ से चुनाव करा रही है
म्यांमार में रविवार को कड़े प्रतिबंधों के बीच मतदान शुरू हुआ, लेकिन मतदान केंद्रों तक पहुंचने वाले मतदाताओं की संख्या बेहद कम रही.
सत्तारूढ़ सैन्य शासन इस चुनाव को सत्ता पर कब्ज़े के पांच साल बाद लोकतंत्र की वापसी बता रहा है. इस तख्तापलट के बाद देश गृहयुद्ध की चपेट में चला गया था.
म्यांमार में प्रमुख राजनीतिक दलों को भंग कर दिया गया है, उनके कई नेता जेल में हैं और देश में जारी गृहयुद्ध के कारण देश के क़रीब आधे इलाक़े में मतदान होने की संभावना नहीं है.
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, पश्चिमी देशों के राजनयिकों और संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख ने एक महीने तक चलने वाले इस चुनाव की कड़ी आलोचना की है.
उनका कहना है कि यह चुनाव सैन्य समर्थकों के पक्ष में तैयार किया गया है और असहमति पर सख़्त कार्रवाई की जा रही है.
न्यूज़ एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, सेना समर्थक यूनियन सॉलिडैरिटी एंड डेवलपमेंट पार्टी की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने की संभावना जताई जा रही है. आलोचकों का कहना है कि यह सैन्य शासन को नए नाम के साथ पेश करने की कोशिश है.
क़रीब पांच करोड़ आबादी वाला दक्षिण-पूर्व एशिया का यह देश लंबे समय से गृहयुद्ध से जूझ रहा है, जहाँ विद्रोहियों के नियंत्रण वाले इलाक़ों में मतदान नहीं हो रहा है.
सैन्य शासन के नियंत्रण वाले इलाक़ों में तीन चरणों में होने वाले मतदान का पहला दौर स्थानीय समयानुसार सुबह छह बजे शुरू हुआ.
म्यांमार में आम चुनाव के लिए मतदान का दूसरा चरण 11 जनवरी को और तीसरा चरण 25 जनवरी को होगा.
न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, वोटों की गिनती और चुनाव नतीजों के एलान की तारीख़ अभी नहीं बताई गई है.
बांग्लादेश के लिए तारिक़ रहमान ने बताई अपनी 'योजना'
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इमेज कैप्शन, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक़ रहमान 17 सालों बाद बांग्लादेश वापस लौटे हैं
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक़ रहमान ने अपने स्वागत के लिए बांग्लादेश के लोगों का शुक्रिया किया है. तारिक़ रहमान 17 साल बाद 25 दिसंबर को ढाका लौटे हैं.
उन्होंने बांग्लादेश के लिए अपनी योजना के बारे में भी बात की.
तारिक़ रहमान ने शनिवार रात अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "पिछला गुरुवार मेरे दिल में हमेशा के लिए बस गया है. वह दिन, जब मैं 17 लंबे वर्षों के बाद अपनी मातृभूमि की धरती पर लौटा."
उन्होंने कहा कि ढाका की सड़कों पर लोगों की भीड़, स्नेह भरा स्वागत और लाखों लोगों की दुआएं ऐसे पल हैं, जिन्हें वह कभी नहीं भूल पाएंगे.
बीएनपी के कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा, "मैं आप सभी का दिल से धन्यवाद करता हूं. कोई भी शब्द उस सम्मान और प्रेम को पूरी तरह बयां नहीं कर सकते, जो मेरी और मेरे परिवार की इस घर वापसी से जुड़ी भावनाओं से जुड़े हैं. जिन समर्थकों ने हर मुश्किल में हमारा साथ दिया और कभी उम्मीद नहीं छोड़ी, उनका साहस मुझे लगातार ताकत देता रहा है."
उन्होंने अपनी योजना के बारे में कहा, "कल जब मैंने बात की, तो वह सिर्फ़ एक सपना नहीं था, बल्कि बांग्लादेश के भविष्य के लिए एक योजना थी. एक ऐसा देश, जहां शांति और गरिमा हो, जहां हर समुदाय खुद को सुरक्षित और सम्मानित महसूस करे, और जहां हर बच्चा उम्मीद के साथ आगे बढ़ सके. यह योजना सभी बांग्लादेशियों के लिए है, एकजुट और समावेशी बांग्लादेश के लिए, ऐसा बांग्लादेश जो मिलकर आगे बढ़े."
तारिक़ रहमान का विमान गुरुवार दिन में 11:41 बजे ढाका के हज़रत शाहजलाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा था.
तारिक़ रहमान के स्वागत में बीएनपी के हज़ारों कार्यकर्ता और समर्थक सड़कों पर उतरे.
लंदन में बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर हिंदू संगठनों का प्रदर्शन
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ब्रिटेन में बंगाली हिंदू आदर्श संघ (बीएचएएस) यूके के सदस्यों ने शनिवार को लंदन स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर 'जस्टिस फ़ॉर हिंदूज़' नाम से प्रदर्शन किया.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, इस प्रदर्शन में बांग्लादेश में 'अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न की ख़बरों' के ख़िलाफ़ अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग की गई.
इस प्रदर्शन को भारतीय मूल के दूसरे लोगों के संगठनों का भी समर्थन मिला. प्रदर्शनकारियों ने 'हिंदू लाइव्स मैटर' जैसे नारे लगाए और 'हनुमान चालीसा' का पाठ भी किया.
पीटीआई के मुताबिक़, बीएचएएस यूके ने एक बयान में कहा, "हमारे उत्साही और शांतिपूर्ण प्रदर्शन में छात्र, पेशेवर लोग, बच्चों के साथ माता-पिता, बुज़ुर्ग सामाजिक कार्यकर्ता और अलग-अलग धर्मों के नेता शामिल थे. सभी लोग अल्पसंख्यक अधिकारों की रक्षा और मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेही की मांग को लेकर एकजुट थे.".
बीते हफ़्ते बांग्लादेश के मैमनसिंह ज़िले के भालुका में धर्म का 'अपमान' करने के आरोप में भीड़ ने एक हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या कर दी.
स्थानीय पुलिस के मुताबिक़, युवक को पीट-पीटकर मार डालने के बाद उसके शव को एक पेड़ से बांधकर आग लगा दी गई.
यूक्रेन पर हुए हमले के बाद ज़ेलेंस्की ने कहा, 'रूस शांति नहीं चाहता'
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इमेज कैप्शन, यूक्रेन ने रूस पर आम नागरिकों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि राजधानी कीएव पर रूस का हमला दिखाता है कि मॉस्को शांति नहीं चाहता.
शनिवार को दिए गए बयान में ज़ेलेंस्की ने यह बात उस समय कही जब वे शांति वार्ता के नए दौर से पहले अमेरिका जा रहे थे.
ज़ेलेंस्की रविवार को फ़्लोरिडा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाक़ात करेंगे. इस बैठक में अमेरिका और यूक्रेन के अधिकारियों की ओर से तैयार किए गए 20 सूत्रीय वाले शांति प्रस्ताव पर चर्चा होने की उम्मीद है.
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक़, कीएव पर क़रीब 10 घंटे तक चले मिसाइल और ड्रोन हमलों में दो लोगों की मौत हो गई और 32 लोग घायल हुए हैं.
यूक्रेन के विकास मंत्री ओलेक्सी कुलेबा ने बताया कि ऊर्जा ढांचे को नुक़सान पहुंचने के कारण कीएव और आसपास के इलाक़ों में लगभग 40 फ़ीसदी रिहायशी इमारतों में हीटिंग की सुविधा ठप हो गई है.
टेलीग्राम पर ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूस ने कीएव की ओर लगभग 500 ड्रोन और 40 मिसाइलें दागीं. उनका कहना है कि इन हमलों में ऊर्जा ढांचे और आम नागरिकों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया.
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