राजस्थान की सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए
बुधवार को वोटिंग के
दौरान मचे बवाल पर अब आक्रोश बढ़ गया है.
यह बवाल तब बढ़ा जब बुधवार को वोटिंग के दौरान निर्दलीय
प्रत्याशी नरेश मीणा ने ड्यूटी कर रहे एसडीएम अधिकारी को थप्पड़ मार दिया.
नरेश मीणा का आरोप है कि एसडीएम अधिकारी अमित चौधरी
ने तीन सरकारी कर्मचारियों से फर्ज़ी वोटिंग करवाई.
निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा ने कलेक्टर को मौके पर
बुलाने की मांग की इस दौरान आक्रोश बढ़ता गया.
घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला लगातार तूल
पकड़ रहा है. नरेश मीणा की गिरफ़्तारी की मांग को लेकर प्रदेश भर में अधिकारी
हड़ताल पर हैं.
आरएएस एसोसिएशन (राजस्थान एडमिनिस्ट्रेटिव एसोसिएशन) अध्यक्ष महावीर खराड़ी ने निर्वाचन
विभाग के आयुक्त, मुख्य सचिव से मुलाकात कर नरेश मीणा की गिरफ़्तारी नहीं
होने पर हड़ताल की चेतावनी दी थी. आईएएस एसोसिएशन समेत प्रदेश के सभी अधिकारी
संगठन भी घटना के विरोध में उतर आए हैं.
वोटिंग समय पूरा होने के बाद बुधवार शाम पुलिस नरेश
मीणा को गिरफ़्तार करने पहुंची. इस दौरान मीणा समर्थक और पुलिस आमने-सामने आ गए.
पथराव, आगजनी और फ़ायरिंग भी की गई. पुलिस
की ओर से भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे गए.
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान नरेश मीणा पुलिस हिरासत से
फ़रार हो गए और गुरुवार सुबह वह ख़ुद सरेंडर करने समरावता गांव पहुंचे. जयपुर
से पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी भी घटना स्थल पर पहुंचे.
राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा
भी देवली उनियारा के लिए जयपुर से रवाना हुए हैं.
गुरुवार की सुबह अजमेर रेंज आईजी ने मीडिया को घटना
की जानकारी देते हुए बताया, "इस मामले में चार एफ़आईआर दर्ज हुई
हैं. सरकारी काम में रुकावट डालने, पुलिस हिरासत से भागने और
सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं में एफ़आईआर दर्ज की गई है."
पूरे मामले में नरेश मीणा समेत 60 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
पुलिस का कहना है कि लोगों की शिनाख़्त की जा रही है और लोगों के गिरफ़्तारी हो सकती है.
राजस्थान के आईजी ओम प्रकाश ने कहा है, "इस घटनाक्रम में दस पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं. नरेश मीणा के समर्थकों ने
अंधेरे में पथराव किया है इसमें कई ग्रामीण भी घायल हुए हैं."
आईजी के मुताबिक़, "दो सरकारी वाहनों समेत कई
वाहनों में आगजनी की गई. नरेश मीणा के ख़िलाफ़ आरएएस अधिकारी अमित चौधरी ने भी
एफ़आईआर दर्ज करवाई है. नरेश मीणा के ख़िलाफ़ कई मामले दर्ज हैं जहां इनकी
गिरफ़्तारी होनी है. हम उन सभी मामलों में भी गिरफ़्तारी करेंगे."
नरेश मीणा सुबह समरावता गांव पहुंचे और मीडिया से
बातचीत में उन्होंने कहा कि, "पुलिस वालों ने मेरे साथियों और
गांव वालों को पीटा है. आंसू गैस के गोले छोड़े और मिर्ची बम फेंके."
नरेश ने कहा, "मैं बेहोश हो गया था, मेरे साथी मुझे पांच किलोमीटर दूर खेतों में लेकर गए. यहां पुलिसवालों ने
लोगों के घरों को तोड़ा और घर में घुसकर महिलाओं को मारा. बच्चे भी मिर्ची बम से
बेहोश हुए, रातभर पुलिस ने गांव में ऐसा हुड़दंग मचाया."