शहबाज़ शरीफ़ ने अमेरिकी चैनल से ऐसा क्या कहा कि देश में घिर गए
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ख़ास बातें
- पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने अमेरिकी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में देश के लिए मदद मांगी
- देश में भारी बाढ़ के कारण अब तक 30 अरब डॉलर का नुक़सान का अनुमान और 1500 से अधिक लोगों की जानें गईं
- शहबाज़ शरीफ़ का इंटरव्यू प्रकाशित होने के बाद पाकिस्तान के बॉन्ड में ऐतिहासिक रूप से गिरावट आई
- पाकिस्तान के पास 8.3 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार मौजूद जिससे सिर्फ़ दो महीने का आयात बिल भरा जा सकता है
- एशियन डिवेलपमेंट बैंक ने पाकिस्तान की 2023 में वृद्धि दर को 4.5 फ़ीसदी से घटाकर 3.5 फ़ीसदी कर दिया
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के अमेरिकी टेलीविज़न नेटवर्क ब्लूमबर्ग को दिए गए इंटरव्यू की पाकिस्तान में काफ़ी आलोचना हो रही है.
संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने अमेरिका गए शहबाज़ शरीफ़ का इंटरव्यू ब्लूमबर्ग ने शुक्रवार को ब्रॉडकास्ट किया था जिसमें वो दुनिया के अमीर देशों से अपील कर रहे हैं कि वो उनकी मदद करें.
पाकिस्तान में भारी बाढ़ के कारण लाखों लोगों को विस्थापित होना पड़ा है. इसके अलावा पाकिस्तान के ऊपर पहले से भारी क़र्ज़ है. इन सबके बीच इंटरव्यू के दौरान शहबाज़ शरीफ़ ने राहत के लिए अमीर देशों से मदद मांगी.
इस दौरान उन्होंने कहा कि अगले दो महीनों में पाकिस्तान पर क़र्ज़ की बहुत सी बाध्यताएं होंगी क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ 'बेहद कठिन शर्तों' पर समझौता हुआ है, जिसमें पेट्रोल और बिजली पर टैक्स लगाना भी शामिल है.
उन्होंने बताया कि पेरिस क्लब में उन्होंने यूरोपीय नेताओं और दूसरे नेताओं से क़र्ज़ में मदद के लिए बात की थी.
"जब तक हमें पर्याप्त राहत नहीं मिलती है तब तक हमसे कैसे दुनिया यह उम्मीद करती है कि हम अपने पैरों पर खड़े हो सकते हैं? यह सिर्फ़ असंभव है."
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इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जो कह रहा है और जो विकल्प उपलब्ध हैं, उस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि उनका राष्ट्र बाढ़ की आपदा के बाद महामारी और दूसरे ख़तरों से गुज़र रहा है.
शरीफ़ ने कहा कि अल्लाह न करे ऐसा हो, वरना यह बेहद भयानक होने वाला है.
पाकिस्तान के सिंध और बलूचिस्तान प्रांत में आई बाढ़ के कारण अब तक 1,500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेश ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान को आर्थिक मदद देने को कहा है.
ऐसा अनुमान है कि बाढ़ से पाकिस्तान को 30 अरब डॉलर से अधिक का नुक़सान हुआ है.
शहबाज़ शरीफ़ के इंटरव्यू का असर
ऐसा कहा जा रहा है कि शुक्रवार को शहबाज़ शरीफ़ का इंटरव्यू प्रसारित होने के बाद पाकिस्तान का बॉन्ड अपनी कुल क़ीमत का तक़रीबन आधा हो गया.
वहीं उसकी मुद्रा इस महीने अमेरिकी डॉलर के मुक़ाबले बुरी तरह से गिरी थी और उसका व्यापार रिकॉर्ड दामों पर बंद हुआ था.
देश की ख़राब होती आर्थिक हालत और ऊपर से विनाशकारी बाढ़ के बाद माना जा रहा है कि पाकिस्तान आर्थिक रूप से पूरी तरह तबाह हो सकता है लेकिन दूसरी ओर पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ़्ताह इस्माइल ने उम्मीद जताई है कि ऐसा नहीं होगा.
उन्होंने बीते रविवार को कहा था कि विनाशकारी बाढ़ के बावजूद उनका देश क़र्ज़ की ज़िम्मेदारियों के कारण दिवालिया नहीं होगा.
दरअसल, ऐसा माना जा रहा है कि कई महीनों की देरी के बाद आईएमएफ़ के साथ बातचीत को पाकिस्तान वापस ट्रैक पर ले आया है, जिसमें उसने कड़े फ़ैसले लेने पर सहमति जताई है.
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वहीं फ़ाइनैंशियल टाइम्स अख़बार के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ने पाकिस्तान सरकार के साथ इस सप्ताह एक समझौता किया है, जिसमें कहा गया है कि बाढ़ को देखते हुए उसके क़र्ज़दाताओं को राहत देने का सोचना चाहिए.
हालांकि इस समझौते पर अब तक सरकार ने सार्वजनिक तौर से कोई टिपप्णी नहीं की है.
वहीं देश पर और क़र्ज़ बढ़ने और देश के डिफॉल्ट होने की अफ़वाहों के बीच वित्त मंत्री मिफ़्ताह इस्माइल ने सफ़ाई दी है कि उनका देश द्विपक्षीय कर्ज़दाताओं से राहत राशि की अपील कर रहा है न कि कमर्शियल कर्ज़दाताओं से.
उन्होंने ट्वीट किया है जिसमें उन्होंने बताया है कि पाकिस्तान ने जलवायु से प्रेरित आपदा के लिए पेरिस क्लब के द्विपक्षीय कर्ज़दाताओं से मदद मांगी है.
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"हमने किसी कमर्शियल बैंक या यूरोबॉन्ड क़र्ज़दाता से न ही मदद मांगी है और न ही हमें मदद चाहिए."
इसके साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि देश को दिसंबर तक एक अरब डॉलर की अदायगी करनी है जो कि समय पर की जाएगी.
शहबाज़ के इंटरव्यू की आलोचना
अमेरिकी टीवी चैनल के इंटरव्यू में देश के हालात पर इस तरह की अपील करने के लेकर सोशल मीडिया पर कई लोग बिल्कुल ख़ुश नहीं हैं.
पाकिस्तान के चर्चित पत्रकार कामरान ख़ान ने इंटरव्यू का एक वीडियो ट्वीट करते हुए कहा है कि 'शहबाज़ शरीफ़ दुनिया को एक कंगाल और ग़रीब पाकिस्तान का पता दे रहे हैं जबकि दुनिया जानती है कि हम ग़रीब हैं.'
कामरान ख़ान ने लिखा है, ''23 सितंबर को शहबाज़ शरीफ़ ने दुनिया के सामने अपना हाथ फैला दिया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पटरी से उतर रहा है और अपने दोनों पैरों पर खड़ा नहीं हो सकता है.''
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वहीं फ़र्रुख़ जावेद अब्बासी ने ट्वीट किया है कि उन्होंने शहबाज़ शरीफ़ का इंटरव्यू देखा जिसमें वो बेहद विश्वास से भरे हुए हैं जो उनके पहले के बहुत से प्रधानमंत्रियों में नहीं था, उन्होंने बाढ़ की स्थिति को अच्छे तरीक़े से पेश किया है.
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शाहरुख़ नाम के यूज़र ने ट्वीट किया कि प्रधानमंत्री के इंटरव्यू के बाद पाकिस्तान का इंटरनेशनल बॉन्ड बुरी तरह से टूट गया.
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पाकिस्तान को कितना क़र्ज़ अब तक मिला
राजनीतिक उथल-पुथल और देश में ख़तरनाक बाढ़ की स्थिति के बीच पाकिस्तान अगस्त में आईएमएफ़ से 1.1 अरब डॉलर का क़र्ज़ लेने में सफल रहा था. आईएमएफ़ ने पाकिस्तान का बेलआउट पैकेज भी 6.5 अरब डॉलर बढ़ा दिया था.
शरीफ़ ने इंटरव्यू के दौरान बताया था कि उन्होंने आईएमएफ़ और वर्ल्ड बैंक से तत्काल क़र्ज़ राहत के लिए बात की है और पेरिस क्लब के बाद चीन के साथ बातचीत शुरू होगी.
पाकिस्तान पर चीन का 30 अरब डॉलर का क़र्ज़ है जो कि उसके कुल विदेशी क़र्ज़ का एक तिहाई है.
पाकिस्तान में कई दशकों में सबसे अधिक महंगाई दर है और उसका विदेशी मुद्रा भंडार तेज़ी से खाली हो रहा है.
शरीफ़ ने बताया है कि पाकिस्तान गैस सप्लाई और गेहूं के आयात के लिए रूस के साथ बातचीत कर रहा है.
वहीं मध्य पूर्व के देशों ने भी पाकिस्तान को अरबों डॉलर की मदद देने का वादा किया है. इस समय देश का विदेशी मुद्रा भंडार 8.3 अरब डॉलर है और उसके पास दो महीने से भी कम की आयात की रक़म है जबकि कम से कम किसी देश के पास तीन महीने की रक़म होनी चाहिए.
एशियन डिवेलपमेंट बैंक (एडीबी) ने भारी बाढ़, कड़ी नीतियों और राजकोषीय असंतुलन से निपटने की कोशिशों के कारण पाकिस्तान का वृद्धि अनुमान घटा दिया है.
इस सप्ताह एडीबी ने पाकिस्तान की 2023 में वृद्धि दर को 4.5 फ़ीसदी से घटाकर 3.5 फ़ीसदी कर दिया था.
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