कोरोना वायरस: इमरान ख़ान ने क्यों कहा, भारत में लोग भूख से मर रहे हैं - उर्दू प्रेस रिव्यू

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    • Author, इक़बाल अहमद
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
  • पढ़ने का समय: 6 मिनट

पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते एक अमरीकी महिला के ज़रिए पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और गृहमंत्री पर लगाए गए गंभीर आरोप से जुड़ी ख़बरें सबसे ज़्यादा सुर्ख़ियों में रहीं. इसके साथ ही कोरोना वायरस संक्रमण से जुड़ी ख़बरें अब भी सुर्ख़ियों में हैं.

सबसे पहले बात कोरोना वायरस संक्रमण की.

कोरोना वायरस से अब तक दुनिया भर में क़रीब 68 लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं और तीन लाख 98 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

पाकिस्तान में अब तक 93 हज़ार से ज़्यादा लोग इस वायरस से बीमार हुए हैं और अब तक क़रीब दो हज़ार लोग मारे जा चुके हैं.

सबसे ज़्यादा 683 लोग पंजाब में मारे गए हैं. संक्रमण के मामले में पंजाब में सबसे ज़्यादा 37090, सिंध में 36364, ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह में 13001, बलूचिस्तान में 6221, गिलगित बाल्टिस्तान में 927 और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में 361 कोरोना पॉज़िटिव पाए गए हैं.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने एक बार फिर लॉकडाउन के ख़िलाफ़ बयान दिया है. जब से कोरोना की महामारी फैली है वो पूरी तरह लॉकडाउन का विरोध करते रहे हैं.

अख़बार दुनिया के अनुसार इमरान ख़ान ने कहा कि मुल्क अब और लॉकडाउन बर्दाश्त नहीं कर सकता.

इमरान ख़ान ने कहा कि लॉकडाउन की वजह से पाकिस्तान के राजस्व में 800 अरब रुपये का घाटा हुआ है.

उन्होंने कहा, "कोरोना को फैलने से नहीं रोक सकते, न लॉकडाउन की तरफ़ वापस जा सकते हैं और न मुल्क अब और लॉकडाउन बर्दाश्त कर सकता है. ग़रीब मुल्कों में लॉकडाउन से तबाही मच गई."

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इमरान ख़ान का कहना था, "हमें पता था कि लॉकडाउन से ग़रीबी बढ़ेगी. ये पाबंदी लोगों पर मुश्किल है. अब दुनिया स्मार्ट लॉकडाउन की तरफ़ जा रही है."

इमरान ख़ान ने आगे कहा कि भारत में लोग भूख से मर रहे हैं, अमरीका जैसे अमीर देश में लाइनों में खड़े लोगों को खाना दिया जा रहा है, लेकिन पाकिस्तान में उतना नुक़सान नहीं हुआ.

अख़बार जंग के अनुसार पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने कहा है कि कोरोना के कारण 30 लाख लोगों के बेरोज़गार होने और ग़रीबी के 33.5 फ़ीसदी होने का अंदेशा है.

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पूर्व गृहमंत्री पर बलात्कार और पूर्व प्रधानमंत्री पर यौन हिंसा का आरोप

पाकिस्तान के एक पूर्व प्रधानमंत्री और एक पूर्व गृहमंत्री पर एक अमरीकी महिला ने बहुत ही गंभीर आरोप लगाए हैं.

ये ख़बर पाकिस्तान के सारे अख़बारों में सुर्ख़ियां बटोर रही है.

अख़बार जंग के मुताबिक़ पाकिस्तान में पिछले 10 साल से भी ज़्यादा समय से रह रहीं एक अमरीकी महिला सिंथिया रिची ने पीपीपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी पर यौन हिंसा का आरोप लगाया है.

लेकिन इससे भी ज़्यादा गंभीर आरोप पीपीपी के ही एक और नेता और पूर्व गृहमंत्री रहमान मलिक पर लगा है. ख़ुद को पेशे से पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और ब्लॉगर बताने वाली सिंथिया ने रहमान मलिक पर बलात्कार का आरोप लगाया है.

अख़बार जंग के अनुसार पाकिस्तान की जाँच एजेंसी एफ़आईए को दिए लिखित शिकायत में सिंथिया ने कहा कि वो ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह सरकार के पुरातत्व विभाग में काम करती हैं और इसके अलावा वो कई ग़ैर-सरकारी संस्थानों से भी जुड़ी हैं.

एक और जगह उन्होंने बताया कि वो पत्रकार भी हैं और एक डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म बना रही हैं.

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सिंथिया ने फ़ेसबुक पर एक वीडियो जारी कर ये बातें कहीं. उसके बाद उन्होंने ट्विटर पर भी इस बारे में कई बातें कहीं.

सिंथिया ने कहा कि ये घटना 2011 की है जब पाकिस्तान में पीपीपी की सरकार थी और रहमान मलिक उस समय गृहमंत्री थे.

उन्होंने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मख़्दूम शहाबुद्दीन पर भी यौन हिंसा का आरोप लगाया है.

अख़बार जंग के अनुसार यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा कि पार्टी सिंथिया रिची के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई करेगी.

अख़बार दुनिया के अनुसार यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा कि पूरा मामला दरअसल ये है कि कुछ दिनों पहले सिंथिया रिची ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक बातें कहीं थीं.

गिलानी के अनुसार उनके बेटे (जो कि पंजाब एसेम्बली के सदस्य हैं) ने इस मामले में सिंथिया के ख़िलाफ़ मानहानि का नोटिस दिया था. गिलानी के अनुसार सिंथिया ने इसी कारण उनके और पीपीपी के दूसरे नेताओं के ख़िलाफ़ इस तरह के आरोप लगाए हैं.

यूसुफ़ रज़ा गिलानी के बेटे अली हैदर गिलानी ने अपने पिता पर लगे इन आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा है कि जब तक इस मामले की पूरी जाँच नहीं हो जाती उनका नाम एक्ज़िट कंट्रोल लिस्ट में डाला जाए. इसका मतलब है कि उन्हें पाकिस्तान छोड़ने की इजाज़त नहीं दी जाए.

अली हैदर ने कहा कि इन आरोपों का एक ही मक़सद है कि राजनीतिक नेतृत्व की साख़ ख़त्म कर दी जाए और इसका उन्हें टास्क दिया गया है.

उन्होंने पूछा कि सिंथिया रिची नौ सालों तक क्यों ख़ामोश रहीं और अब उनकी बात पर क्यों विश्वास किया जाए.

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लेकिन इसके जवाब में सिंथिया कहती हैं कि 2011 में पीपीपी की सरकार थी और उन्हीं के गृहमंत्री के ख़िलाफ़ उनकी शिकायत कौन सुनता.

सिंथिया ने कहा कि उन्होंने अमरीकी दूतावास को भी इसकी जानकारी दी थी लेकिन उन दिनों पाकिस्तान और अमरीका के रिश्ते अच्छे नहीं थे इसलिए उनको कोई ख़ास मदद नहीं मिली.

अख़बार जंग के मुताबिक़ पाकिस्तान स्थित अमरीकी दूतावास ने एक बयान जारी कर कहा है कि दूतावास पाकिस्तान में रहने वाले सभी अमरीकियों की मदद करता है लेकिन वो निजी हैसियत में पाकिस्तान में रहने वाले किसी अमरीकी नागरिक के बारे में सार्वजनिक बयान नहीं दे सकता.

अख़बार के मुताबिक़, एक चौंकाने वाली बात ये है कि वो पीपीपी के मौजूदा प्रमुख बिलावल भुट्टो को भविष्य में एक ताक़तवर नेता के तौर पर देखती हैं और अपनी डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म के लिए उनका इंटरव्यू भी करना चाहती हैं.

सिंथिया आगे कहती हैं कि उनके मंगेतर ने उन्हें ये बातें सार्वजनिक करने की हिम्मत दिलाई है.

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जब जज साहब को नींद नहीं आएगी

पंजाब के मुर्गीपालन फ़ार्म एसोसिएशन ने लाहौर हाईकोर्ट में एक केस कर कहा है कि सरकार व्हाटसऐप के ज़रिए चिकन की क़ीमत तय कर रही है और सरकार जो क़ीमत तय कर रही है उस पर चिकन बेचना संभव नहीं है.

मुर्गीपालन फ़ार्म के वकील ने कहा कि सरकार ने इस बारे में कोई नोटिफ़िकेशन नहीं जारी किया है और वो व्हाट्सऐप के ज़रिए फ़रमान जारी कर रही है. वकील के मुताबिक़, उन दुकानदारों को परेशान कर रही है जो सरकार के फ़रमान को नहीं मान रहे हैं.

अख़बार दुनिया के अनुसार अदालत में सुनवाई के दौरान जस्टिस जव्वाद-उल-हसन ने सरकारी वकील से पूछा कि क्या सरकार व्हाट्सऐप के ज़रिए चल रही है.

लेकिन मुर्गीपालन फ़ार्म एसोसिएशन को चेतावनी देते हुए जज साहब ने कहा कि वो किसी सूरत में चिकन को आम आदमी की पहुंच से दूर नहीं होने देंगे.

जज साहब का कहना था, "चिकन महंगा होकर ग़रीब के हाथ से निकल गया तो मुझे नींद नहीं आएगी." लाहौर हाईकोर्ट ने अगली तारीख़ पर सरकार से इस पर जवाब माँगा है.

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आठवां भारतीय जासूस ड्रोन मारने का दावा किया

पाकिस्तान का दावा है कि उसने एक और भारतीय जासूस ड्रोन को मार गिराया है.

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तानी वायु सीमा का उल्लंघन करने वाले एक और भारतीय जासूस ड्रोन को मार गिराया है.

अख़बार ने पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता के हवाले से लिखा है कि भारतीय जासूस ड्रोन एलओसी के ख़ंजर सेक्टर में 500 मीटर तक पाकिस्तानी सीमा में दाख़िल हो गया था जिसे पाकिस्तानी सेना ने मार दिया.

अख़बार के अनुसार पिछले 10 दिनों में तीसरा और इस साल में ये आठवां भारतीय जासूस ड्रोन है जिसे पाकिस्तानी सेना ने मार गिराया है. पाकिस्तान का दावा है कि उसने 27 मई और 29 मई को भी पाकिस्तानी सीमा में घुसने वाले भारतीय जासूसी ड्रोन को मार गिराया था.

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