शाही क़ैदियों का 'सोने का पिंजड़ा'

वीडियो कैप्शन, सऊदी अरब के उस होटल पहुँचा बीबीसी, जहाँ शहज़ादों को बनाया गया है बंदी
    • Author, लीस डूसेट
    • पदनाम, मुख्य अंतर्राष्ट्रीय संवाददाता

सऊदी अरब की राजधानी रियाद का आलीशान रिट्ज़-कार्लटन होटल चार नवंबर से एक सुनहरी जेल बना हुआ है.

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने शाही फ़रमान के आधार पर भ्रष्टाचार रोकने के लिए एक समिति बनाई थी जिसके अध्यक्ष वो खुद हैं. समिति के गठन के बाद 32 साल के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कुछ लोगों की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे.

इसमें सऊदी के तकरीबन 11 शहज़ादे और कुछ बड़े अरबपतियों समेत 200 लोग शामिल हैं. इन पर ताकत का दुरुपयोग करने और भ्रष्टाचार करने के आरोप हैं.

तीन हफ्ते निकल चुके हैं लेकिन रियाद का सबसे प्रतिष्ठित होटल रिट्ज़-कार्लटन अभी भी चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि गिरफ़्तार किए गए लोगों को इसी होटल में रखा गया है. रियाद के चारों तरफ इस होटल को लेकर ख़ासी चर्चाएं हैं और लोग जानना चाहते हैं कि आख़िर इस 'जेल' में हो क्या रहा है.

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इमेज कैप्शन, बीबीसी की लीस डूसेट और फ़िलिप गुडविन ऐसे पहले संवाददाता जिन्हें होटल में जाने का मौका मिला

अधिकारिक इज़ाजत के बिना इस होटल में न कोई आ सकता है और न ही कोई बाहर जा सकता है.

बीबीसी को पिछले हफ्ते की मध्यरात्रि में पुलिस निगरानी के साथ सुनहरी रोशनी में लिपटे इस विशाल होटल में दाख़िल होने का मौका मिला.

जैसे ही हम होटल पहुंचे हमें होटल का स्टाफ अपनी सर्विस देते दिखाई दिया लेकिन वहां सऊदी अधिकारियों का भी रिसेप्शन था जो कड़ी नज़र रख रहा था. इस दौरे के दौरान हमारे क्रू द्वारा किसी की तस्वीर नहीं ली गई और न ही कोई बातचीत रिकॉर्ड की गई.

अधिकारियों से घिरे हुए कुछ घंटे बिताने के साथ पूरी जानकारी नहीं प्राप्त की जा सकती थी लेकिन इस दौरान होटल के अंदर बिताई जा रही ज़िंदगी की एक झलक ज़रूर पेश की.

गहरी रात में भी पारंपरिक कपड़े यानि सफेद जामा और लाल एवं सफेद रंग का सिर पर साफ़ा बांधे लोगों का समूह धीमी आवाज़ में बातें करते देखा जा सकता था जो होटल की लॉबी के अंधेरे वाले हिस्से में बातें कर रहा था. मुश्किल से ही कोई अपनी आंखें उठाकर देखता था. इस दौरान केवल चाय के कपों या गिलासों से चम्मच टकराने की आवाज़ ही भयंकर सन्नाटे को तोड़ती थी.

विशेष अतिथि कौन हैं?

4 नवंबर की मध्य रात्रि में हालात ज़रूर अलग रहे होंगे जब सऊदी अरब के कई जाने-माने लोगों को ज़बरदस्ती इस होटल में भेजा गया था.

एंटी-करप्शन ऑपरेशन की 'विशेष समिति' का ख़ुद को अधिकारी बताने वाले एक शख़्स ने कहा कि, "वे ख़ुद ही विश्वास नहीं हो कर रहे था कि उनके साथ हो क्या रहा है. उन्हें लगा यह केवल दिखावे के लिए है, जो ज़्यादा समय तक नहीं रहेगा."

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अधिकारी ने कहा कि होटल लाए गए लोग गुस्से में थे.

वह कहते हैं, "अगर आप किसी को यह बताते हैं कि 'आप एक चोर हैं', तो उसे गुस्सा आयेगा और कल्पना कीजिए की अगर वह वीआईपी है तो उसे कितना आएगा."

हम सरकारी वकील के दफ़्तर के एक अधिकारी के साथ लॉबी में रखे आलीशान सोफे और कुर्सियों पर बैठे. हमें किसी का नाम न छापने की शर्त पर जानकारियां दी गईं.

उन्हें यहां क्यों लाया गया? तो इस घटना का जवाब दिया गया कि "हमें डर था कि कुछ लोग भाग जाएंगे इसलिए हमने उन्हें अंदर रखा है." यह अजीब है लकिन आश्चर्यजनक नहीं क्योंकि इन लोगों को 'विशेष अतिथि' बताया गया है.

सऊदी अरब की इस ख़ास सूची की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई लेकिन हाई प्रोफाइल नाम अपने आप सामने आ गये. इनमें प्रसिद्ध अरबपति राजकुमार अलवलीद बिन तलाल का नाम भी शामिल है. जिनके पास ट्विटर और एप्पल से लेकर फॉर सीज़न होटल और लंदन के सेवॉय तक में शेयर्स हैं.

वीडियो कैप्शन, सऊदी अरब में सियासी उथल पुथ

नेशनल गार्ड चीफ़ के प्रमुख रहे और क्राउन प्रिंस के चचेर भाई मितेब बिन अब्दुल्लाह भी इसमें शामिल थे. लेकिन उन्हें मंगलवार को रिहा कर दिया गया था.

हमने फ़िर अधिकारी से सवाल किया कि ऐसा कदम इन्हीं लोगों के ख़िलाफ़ क्यों उठाया गया दूसरे लोगों के ख़िलाफ़ क्यों नहीं, क्या ये उन दावों पर भी शक़ नहीं गहराता कि यह कठोर कार्रवाई शाही ख़ानदान के प्रतिद्वंद्वियों और आलोचकों के ख़िलाफ़ है?

उदासी भरे अंदाज़ में अधिकारी ने कहा, "यहां हर किसी की एक फाइल है और सभी के दस्तावेज़ हैं."

बीते दो सालों से क्राउन प्रिंस के निर्देश में एक टीम बेहद गोपनीय तरीके से दशकों पुराने कथित सबूत इकट्ठा कर रही थी.

जिसके बाद शाही आदेश द्वारा एक नई भ्रष्टाचार विरोधी समिति की घोषणा की गई और फिर यह कदम उठाया गया.

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इमेज कैप्शन, साऊदी लोग अपने पारम्परिक पोशाक में

इसकी कार्रवाई की कानून वैधता पर सवाल किया गया तो न्यायिक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह अभी भी 'एक शुरुआती जांच' है. वह कहते हैं, "हम उन लोगों से कह रहे हैं कि उन्होंने जो पैसा कमाया है, उसे वापस कर दें."

भ्रष्टाचार निरोधी एक अधिकारी बताते हैं कि, "यह एक दोस्ताना तरीक़ा है".

वह आगे कहते हैं कि सभी का बताया गया है, "हम आपको सबूत दिखाएंगे और समस्या को सुलझा देंगे."

चिकित्सा संकट और दुर्व्यवहार की अफवाह

होटल के बंद दरवाज़ों के पीछे 201 लोगों से पूछताछ किए जाने का अलग-अलग अनुमान लगाया जा रहा है लेकिन उन्हें होटल में अपना अधिक से अधिक समय बिताने के लिए कहा गया है. हालांकि, इनमें से अधिकतर यहां से निकलने का तरीका ढ़ूंढ रहे हैं.

एक अधिकारी ने रिट्स-कार्लटन का नया रजिस्टर निकाला, जिसमें सरकारी मंत्रालयों से लेकर शेयर बाजार, एक्स-बैंकर्स, मनी लॉन्ड्रिंग के विशेषज्ञ, जस्टिस तक शामिल थे. उन्हें 24 घंटे और हफ़्ते के सातों दिन इन केस को सुलझाने में मदद करने के लिए कहा गया है.

इसके लिए कुछ लोग यहीं होटल में रुकते हैं और कुछ अपना काम अपने दफ़्तरों से ही करते हैं. चिकित्सकों और सुरक्षा कर्मियों समेत 500 से अधिक लोग शाही सरकार के ख़र्च पर रिट्ज़-कार्लटन में रहने के लिए पंजीकृत किए गए हैं.

आधिकारिक सूत्रों बताते हैं कि 4 फ़ीसदी लोगों का कहना है कि वह इस मामले को अदालत में लेकर जाएंगें लेकिन 95 फ़ीसदी लोग कथित तौर पर एक मोटी रकम देकर यहां से आज़ाद होने को तैयार हैं.

मैंने जब अधिकारियों से होटल में बंदी किये गए लोगों की कुल संपत्ति करीब 800 अरब डॉलर के बारे में पूछा तो विशेष समिति के एक अधिकारी ने जवाब दिया कि, "अगर हमें 100 अरब डॉलर भी वापस मिल जाते हैं तो यह अच्छा ही है. "

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इमेज कैप्शन, सऊदी अरब की राजधानी रियाद का आलीशान रिट्ज़-कार्लटन होटल

वह समझाने के लिए एक सोने का कप का उठाते हैं, "आपने यह देखा है, इसकी कीमत दस डॉलर होनी चाहिए. लेकिन भ्रष्टाचार के साथ इसकी कीमत सौ डॉलर है." फिर वह शहर के स्कूलों और अस्पतालों का उदाहरण देते हैं और बताते हैं कि उनकी लागत 10 करोड़ डॉलर है लेकिन उनकी कीमत एक तिहाई से भी कम होनी चाहिए.

इस होटल के बाहर वहां रह रहे लोगों के साथ दुर्व्यवहार और उनके स्वास्थ संकट के बारे में अफवाहों की बात होती है.

मानवाधिकार के अधिकारी ने ब्रीफिंग में बताया, "यहां कुछ मेहमान बूढ़े हैं और कुछ मधुमेह, दिल से जुड़ी समस्याओं या अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं."

वह कहते है कि डॉक्टर और नर्सों का एक स्वास्थ्य केंद्र 24 घंटे काम करता है. वे सभी कमरों में जांच करते हैं और इसके अलावा उनकी ख़ास दवाइयों को उनके घर से भी मंगवाया जाता है.

होटल में चारों तरफ गुस्से और तनाव को देखा जा सकता था. क्योंकि जो लोग सत्ता संभाल रहे थे आज उन्हें उनकी मर्ज़ी के ख़िलाफ कैद किया गया है.

भ्रष्टाचार विरोधी अधिकारी बताते हैं कि, "अगर सर्जरी करोगे तो दर्द तो होगा ही और वैसे भी बाहर कुछ लोग इसलिए नाराज़ है क्योंकि उनके मालिक या उनके परिवार के सदस्य यहां हैं."

लेकिन वह साथ में कहते हैं, "जब फ़ीसदी की बात की जाए तो सऊदी के 99 फ़ीसदी लोग खुश हैं."

'मैं अपने कमरे में रहता हूं'

जनता के हर सवाल का जवाब देना थोड़ा मुश्किल है. एक युवा रीयल एस्टेट डेवलपर मुझसे कहते हैं, "यह आपकी घड़ी के खोने के बाद उसे फिर से वापस पाने जैसा है."

"यह आपकी घड़ी है इसलिए आप इसे वापस पाना चाहते हो."

एक प्रमुख कारोबारी कार्यकारी बताते हैं कि अब घूस मांगने से कोई डरता नहीं हैं. लेकिन "हमारी छानबीन सरकारी कार्यालयों की मदद से तेज़ी से हो रही है."

लेकिन इसके साथ ही यह चिंता का विषय भी है. एक सऊदी डॉक्टर ने कहा, "यह एक बुरे सपने की तरह है. मेरे बेटे का मालिक अंदर है और हम सब चिंतित है."

हमारी रिट्ज की ब्रीफिंग में, हमने केवल 'जीवन शैली समस्याओं' के बारे में ही सुना.

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इमेज कैप्शन, यहां केवल आज़ादी के अलावा ज़िंदगी की सभी सहूलियतें मौजूद

एक अधिकारी ने कहा, "उन्हें इस पांच सितारा प्लस होटल में जो चाहे वो मिल सकता है."

वह आगे बताते हैं, "लेकिन हम किसी ख़ास देश से ख़ास तरह का खाना नहीं ला सकते."

जब मैंने विस्तृत जानकारी के लिए कहा, तो उन्होंने बताया कि उनमें से कुछ अपने नाई और मालिश करने वाले की मांग करते हैं.

उनके मोबाइल फोन ले लिये गए हैं. वह केवल होटल के कमरों में लगे हॉटफोन का इस्तेमाल कर सकते हैं. इन पर उनके वकील और परिवार के लोगों से ही बात होती है.

इसके अलावा वह अपने व्यवसाय से जुड़े लोगों से मिल सकते हैं व फोन पर बात कर सकते हैं ताकि उनके व्यवसाय में किसी तरह की बाधा न आए. विज़िटर्स अपनी गोपनीयता की सुरक्षा के लिए पीछे के दरवाज़े से आते हैं. वह ई-मेल भी कर सकते हैं, यहां इसकी सुविधा भी उपलब्ध है.

तड़के सुबह कुछ लोग जिम में कसरत कर रहे थे. झिलमिलाता स्विमिंग पूल एकदम खाली था. और एक गोल सकरी गली में म्युज़िक बज रहा था.

मुझे हमारे एस्कॉर्ट्स द्वारा चुने गए संदिग्ध के साथ एक मीटिंग करने करने के लिए कहा गया.

क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान

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इमेज कैप्शन, क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान

भूरे रंग की दाढ़ी में एक सऊदी व्यक्ति कहता है, "मैं अपने वकील के साथ अधिकतर समय अपने कमरे में हमारे केस पर बात करते हैं. और मैं अपने परिवार वालों से फोन पर बात कर लेता हूं, वे लोग मुझसे यहां मिलने आये ये मुझे पसंद नहीं."

मेरे एस्कॉर्ट्स ने मुझसे उसके केस के बारे पूछने से मना कर दिया. हम चारों तरफ़ अधिकारियों से घिरे हुये थे. ऐसी स्थिति में मैंने कई सवाल नहीं पूछे.

जैसे ही हम जाने के लिए खड़े हुए, वह जल्दी से बोल पड़ा.

उसने माफ़ी की मुस्कान के साथ कहा, "मैं माफ़ी चाहूंगा. मैं अपने रीति-रीवाज भूल गया था. मुझे आपको कुछ खाने-पीने के लिए पूछना चाहिए था. "

अधिकारियों का कहना है कि वे उम्मीद करते हैं कि इस साल के अंत तक या जनवरी की शुरुआत में सभी लोग इस होटल को छोड़ देंगे.

एक प्रमुख सऊदी निवेशक ने धीरे से मुझे बताया, "क्राउन प्रिंस को जल्द ही इस अध्याय को बंद करना होगा, यदि यह आगे बढ़ा तो लगातार सवाल पूछे जायेंगे."

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