रेस्लिंग से अभी रिटायर नहीं हुआ: खली

डब्लूडब्लूई में भारत का नाम चमकाने वाले दलीप सिंह राणा उर्फ़ 'द ग्रेट खली' आज रेस्लिंग की दुनिया में जाना-माना नाम हैं.
लेकिन वहां तक वो पहुँचे कैसे? ये दिलचस्प कहानी उन्होंने बीबीसी को बीबीसी के दिल्ली दफ़्तर में ही सुनाई.
फ़ेसबुक चैट के लिए दिल्ली स्थित बीबीसी दफ़्तर पहुँचे खलीने बताया कि डील-डॉल की वजह से वो हमेशा से ही प्रोफ़ेश्नल रेस्लिंग करना चाहते थे.
लेकिन उन्हें ये नहीं पता था कि प्रोफ़ेशनल स्तर पर कैसे पहुंचा जाए.
उन्होंने बताया, ''1998 में मैंने छोटा वाला ब्लैक एंड वाइट टीवी लिया था. वो सेकेंड हैंड था, क्योंकि नई चीज़ मैं लेता नहीं हूं. उसी पर पहली बार मैंने प्रोफ़ेश्नल रेस्लिंग देखी.''
वो आगे कहते हैं, ''पहली बार जब मैंने टीवी पर ये देखा तो मुझे लगा कि कोई फिल्म चल रही है. क्योंकि वो पूरा प्रोग्राम अंग्रेजी में था और अंग्रेज़ी मुझे आती नहीं थी. फिर जब मैंने अपने दोस्तों से पूछा तो उन्होंने इसके बारे बताया.''
उन्होंने बताया कि जब उन्होंने एक बार ये करने का ठान लिया, तो फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा.
उनका मानना है कि मकसद पाना हो तो, पहले ये जानना ज़रूरी है कि 'क्या करना चाहते हैं, फिर ये कि संदेह की गुंजाइश न हो और किसी बात से डरने का सवाल ही नहीं' होना चाहिए.
'अभी रिटायर नहीं हुआ'

खली रेस्लिंग से रिटायरमेंट की ख़बरों पर कहते हैं, ''मैं रेस्लिंग से रिटायर नहीं हुआ हूं फिलहाल मैंने रेस्लिंग छोड़ रखी है. मैं भारत इसलिए वापस आया हूं क्योंकि मैं भारत में अपने जैसे और भी कई रेस्लर तैयार करना चाहता हूं.''
वो बताते हैं, ''मैंने जलंधर में अपनी एकेडमी शुरू की है. रेस्लिंग में जाने की चाह रखने वालों को यहां ट्रेनिंग दी जाती है.''
रेस्लर न होता तो..

खली का कहना है कि अगर वो रेस्लर नहीं होते तो शायद पंजाब पुलिस में होते.
खली कहते हैं, ''पंजाब पुलिस में होता और किसी चौराहे पर खड़ा होकर डंडा हांक रहा होता.''
उन्होंने बताया, ''पंजाब पुलिस में मेरे जैसे और भी कई लोग होते हैं, तो शायद मेरे लिए यहीं काम सबसे ज़्यादा मुफीद रहता.''
'किसी से नहीं डरा'

रेस्लिंग रिंग में खली कई बार पिटे भी हैं और कई सूरमाओं को धूल भी चटाई है. लेकिन क्या कोई ऐसा रेस्लर था जिससे खली डरते थे.
इस बारे में खली कहते हैं, ''देखिए डरता तो मैं किसी से नहीं था. अंडरटेकर, बिग शो, जॉन सीना जैसे रेस्लरों की इज़्ज़त ज़रूर करता था. वो भी मेरी इज़्ज़त करते थे.''
उन्होंने कहा, ''अगर मैं तमाम रेस्लरों से पिटा हूं तो उनको पीटा भी है. आप इंटरनेट पर देख ले, शायद ही कोई प्रोफ़ेश्नल रेस्लर हो जिसे मैंने नहीं पीटा हो.'
'निराश नहीं होना चाहिए'

खली कहते हैं कि अगर जीवन में आगे बढ़ना है तो कभी भी निराश नहीं होना चाहिए. आगे बढ़ते रहने की कोशिश हमेशा करनी चाहिए.
बीबीसी के पत्रकारों के सवालों के जवाब में उन्होंने कहा, ''मैं किसी भी चीज़ को लेकर टेंशन नहीं लेता. जीवन में मुश्किलें तो आती रहेंगी अगर परेशान हो जाएंगे तो कभी भी आगे नहीं बढ़ पाएंगे. इसलिए हंसते-मुस्कुराते आगे बढ़ते रहिए.''
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