अन्ना ने चलाए केजरीवाल पर 'व्यंग्य बाण'

संसद में लोकपाल विधेयक पास हो जाने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए अन्ना हज़ारे ने आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल को चंदे के मामले पर घेरने की कोशिश की.
अन्ना ने तंज कसते हुए कहा है कि उन्हें आंदोलन चलाने के लिए विदेश से चंदा नहीं मिल रहा है और उनका आंदोलन गांव के लोगों से मिलने वाले पांच या दस रुपए के योगदान पर आधारित है.
अरविंद केजरीवाल को पहले आंदोलन और फिर राजनीतिक दल चलाने के लिए विदेश से बड़ी धनराशि दान में मिलती रही है.
लोकसभा में <link type="page"><caption> लोकपाल विधेयक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/12/131216_lokpal_and_lokayukt_rd.shtml" platform="highweb"/></link> पर मुहर लगने के बाद अन्ना हज़ारे ने कहा, "हमें विदेश से पैसा नहीं मिल रहा है. इस आंदोलन में हमें कोई बड़ा दान नहीं मिला है. ये रालेगण सिद्धि के परिवार के लोगों की हिम्मत है कि आने वाले लोगों को भोजन दिया जा रहा है."
उन्होंने कहा, "यहां आने वाले कई लोगों ने छोटी रकम दी है. कल दोपहर तक ढेड़ लाख रुपए दिए गए थे. उसका भी हम हिसाब बना रहे हैं."
शेर-चूहे की लड़ाई
इससे पहले लोकपाल विधेयक पर अरविंद केजरीवाल के बयान के बारे में अन्ना ने कहा था, "आप चूहे की बात कर रहे हैं. मुझे लगता है कि इस विधेयक में शेर को भी फंसाने का प्रावधान है."
<link type="page"><caption> अरविंद केजरीवाल</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/12/131210_anna_hazare_aandolan_pk.shtml" platform="highweb"/></link> ने लोकपाल विधेयक की आलोचना करते हुए कहा था कि इससे एक चूहे को भी नहीं पकड़ा जा सकता है.
अन्ना हज़ारे इस विधेयक को पारित कराने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे थे और बुधवार को लोकसभा में इस विधेयक के पारित होने के बाद उन्होंने अपना अनशन तोड़ दिया.
अन्ना हज़ारे और अरविंद केजरीवाल ने एक साथ लोकपाल विधेयक के लिए आंदोलन शुरू किया था, लेकिन राजनीति में प्रवेश के मसले पर दोनों के बीच मतभेद पहली बार खुलकर सामने आए. इसके बाद दोनों ने अपने रास्ते अलग कर लिए.
बढ़ती गई दूरियां
आंदोलन में सहयोगी रही किरण बेदी ने राजनीतिक पार्टी से दूर रहने का फैसला किया और वो अन्ना के साथ बनी रहीं.

दिल्ली विधानसभा के दौरान उस समय अन्ना हज़ारे और अरविंद केजरीवाल के बीच तल्ख़ी बढ़ती हुई दिखाई दी जब अन्ना ने पत्र लिख कर कहा कि आम आदमी पार्टी उनके नाम का गलत ढंग से इस्तेमाल कर रही है.
अन्ना ने ये भी कहा कि लोकपाल आंदोलन के दौरान मिले चंदे का इस्तेमाल भी राजनीतिक मक़सद के लिए किया जा रहा है.
बीते दिनों जब अन्ना ने <link type="page"><caption> आम आदमी पार्टी</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/12/131214_aap_lokpal_anna_hazare_aa.shtml" platform="highweb"/></link> के नेता गोपाल राय को अपने गांव से बाहर जाने के लिए कह दिया, तो इसे भी दोनों के बीच खराब होते रिश्तों का सबूत माना गया.
अन्ना सरकार के लोकपाल विधेयक से पूरी तरह सहमत हैं जबकि अरविंद केजरीवाल और उनके साथी यह मानते हैं कि जन लोकपाल विधेयक ही पारित होना चाहिए, और कोई बिल उन्हें मंजूर नहीं.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>
































