ओवैसी के भड़काऊ बयान की होगी जांच

हैदराबाद की एक स्थानीय अदालत ने पुलिस को मज़लिस ए इत्तेहादुल (एमआईएम) मुस्लमीन के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ जांच करने का निर्देश दिया है.
ओवैसी के खिलाफ शहर के एक उद्योगपति वेंकटेश गौड़ ने भड़काऊ भाषण देने की शिकायत दर्ज की थी.
कोर्ट की तरफ से उस्मानिया विश्वविद्यालय पुलिस को मामले की जांच करने का निर्देश दिया गया है.
पुलिस सीआरपीसी सेक्शन 156(3) के तहत मामले की जांच करेगी और 28 जनवरी के पहले रिपोर्ट सौंपेगी.
मोदी पर साधा निशाना
उन पर आरोप है कि आदिलाबाद जिले के निर्मल टाउन में एक आम सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने काफी भड़काऊ बयान दिए. ये बयान यू ट्यूब पर भी मौजूद हैं.
इसके तहत ओवैसी कहते हैं, “इस देश में अभी अफरातफरी का आलम है, किसी को मुल्क की चिंता नहीं है. 25 करोड़ मुसलमानों को पहले तो रिझाया जाता है, झूठे वादे किए जाते हैं और उन्हें बस वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया जाता है.”
इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा है कि जिस देश में मुसलमानों ने हज़ारों साल तक राज किया वहां उन्हें दूसरे लोगों के दरवाजे पर खड़ा होना पड़ रहा है. ओवैसी के मुताबिक इस देश में केरल और आंध्र प्रदेश को छोड़कर कहीं भी मुसलमानों की आवाज़ को कोई तरजीह नहीं मिलती.
ओवैसी ने अपने बयान में ये भी कहा है कि मुंबई में 1993 में धमाके इसलिए हुए क्योंकि पहले बाबरी मस्जिद गिराई गई.
उन्होंने अपने विवादास्पद भाषण में ये भी कहा है, “पाकिस्तान से आकर मासूमों की हत्या करने वाले अजमल कसाब को तो फ़ांसी पर लटका दिया जाता है लेकिन भारत के अंदर सैकड़ों मुसलमानों की हत्या करने वाले के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई तक नहीं होती.”
अकबरुद्दीन ओवैसी इस बहाने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहते हैं, “गुजरात दंगों के जिम्मेदार नरेंद्र मोदी पर एक मुकदमा तक दर्ज नहीं होता. इतना ही नहीं दंगों के गुनहगार होने के बावजूद वे वज़ीरे आज़म बनने का सपना देख रहे हैं.”
धमकी
ओवैसी के खिलाफ एक अन्य शिकायत दर्ज कराने वाले करुणा सागर ने कहा है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं.
दूसरी तरफ आंध्र प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी इकाई ने ओवैसी पर आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है.
वहीं सामाजिक कार्यकर्ता शबनम हाशमी ने दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस थाने में ओवैसी के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कराया है.
हाशमी ने पुलिस का ध्यान इस ओर भी दिलाया है कि ओवैसी का भाषण सोशल नेटवर्किंग साइटों के जरिए तेजी से फैलाया जा रहा है.
































