अमूल के 1 लाख से ज़्यादा मुसलमानों को नौकरी से निकालने के दावे का सच- फ़ैक्ट चेक

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    • Author, कीर्ति दुबे
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
  • पढ़ने का समय: 3 मिनट

ट्विटर, फेसबुक और वॉट्सऐप पर इन दिनों एक मैसेज खूब फैलाया जा रहा है. ये मैसेज डेयरी कंपनी अमूल से जुड़ा हुआ है.

वायरल हो रहे मैसेज में दावा किया जा रहा है, ''एक कदम हिन्दू एकता की ओर... अमूल दूध के मालिक आनंद सेठ ने अपनी फैक्ट्री से 1 लाख 38 हज़ार मुस्लिम लोगों को निकाला. कहा- देश में थूक वाला जिहाद देख कर हम लोगों को गंदा दूध दही-घी नहीं पिला, खिला सकते. सीईओ आनंद सेठ ने कहा- गाय हमें दूध देती है उसी से हमारा व्यापार चलता है. और कुछ दूसरे समुदाय के लोग उसी को खाते है ये हमारे लिए शर्म की बात है. हम ऐसे हत्यारों को अपने कंपनी मे नहीं रख सकते. अमूल दूध को दिल से आभार. ऐसा कदम उठाने के लिए..."

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फ़ैक्ट चेक

गुजरात के आनंद स्थित अमूल कंपनी को देश भर में इसके डेयरी से बनी चीज़ों के लिए जाना जाता है.

ये मैसेज वॉट्सऐप से लेकर ट्विटर और फेसबुक सभी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर साझा किया जा रहा है. बीबीसी को वॉट्सऐप के ज़रिए कई यूजर्स ने इस दावे की सच्चाई पता लगाने के लिए कहा.

क्या इस तरह का कोई फैसला अमूल कंपनी ने लिया है, इसका पता लगाने के लिए हमने सबसे पहले अमूल के ट्विटर अकाउंट और वेबसाइट को खंगालना शुरू किया.

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ना तो कंपनी की वेबसाइट और ना ही इसके ट्विटर अकाउंट पर इस तरह की कोई जानकारी दी गई थी.

इसके बाद हमने सीधे कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर आरएस सोधी से संपर्क किया.

जब आरएस सोधी से हमने इस दावे के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, "हमें नहीं पता इस तरह की ख़बर कैसे उड़ाई जा रही है. हमने बीते दो सालों में अपने एक भी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला है, क्योंकि हमारा व्यापार बढ़ ही रहा है. अगर हम निकालेंगे तो भी इसका आधार धर्म कभी नहीं हो सकता.''

आरएस सोधी के मुताबिक़, अमूल की देश भर में स्थित फैक्ट्रियों में 16,000 से 17,000 कर्मचारी काम करते हैं और इनका चयन मैरिट के आधार पर होता है ना कि उनके समाजिक-धार्मिक पृष्ठभूमि के आधार पर.

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इमेज कैप्शन, अमूल के मैनेजिंग डायरेक्टर आर. एस सोधी

आनंद सेठ कौन हैं

वायरल किए जा रहे मैसेज में आनंद सेठ नाम के शख़्स को अमूल का सीईओ बताया जा रहा है. आखिर ये आनंद सेठ कौन हैं?

इस सवाल पर सोधी बताते हैं कि अमूल के मालिक का ये नाम नहीं हैं. ना ही अमूल के किसी कर्मचारी का ये नाम है.

अमूल के साथ काम करने वाले 36,000 किसान हैं, जो हर मज़हब और समुदाय से ताल्लुक रखते हैं. आनंद सेठ नाम का कोई भी शख्‍स कंपनी के मैनजमेंट का हिस्सा नहीं है.

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हमारी पड़ताल में सामने आया कि अमूल के सीईओ आनंद सेठ के नाम से जो मैसेज वायरल किया जा रहा है, दरअसलउस नाम का कोई शख्स कंपनी का सीईओ है ही नहीं.

अमूल एक को-ऑपरटिव कंपनी है जिसे साल 1950 में डॉ. वर्गीज़ कुरियन ने स्थापित किया और इसे डेयरी कंपनी का रूप दिया. आज कंपनी काटर्नओवर 52 हज़ार करोड़ रुपये है.

कंपनी ने फैक्ट्री में काम करने वाले कुल कर्मचारियों की संख्या 17,000 तक बताई है और बीते दो साल से कंपनी ने किसी को भी नौकरी से नहीं निकाला है.

उपरोक्त वायरल मैसेज में किए जा रहे सभी दावे झूठे हैं.

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