कोरोना वायरस तो जान ले ही रहा इससे बचने के उपाय से भी 304 मौतें
इमेज स्रोत, BBC/Gopal Shoonya
- Author, शादाब नाज़मी
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
देश में जब से लॉकडाउन शुरू हुआ है यानी 25 मार्च 2020 से लेकर अब तक 304 लोगों की मौत हो चुकी है.
कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देशव्यापी लॉकडाउन का ऐलान किए लगभग दो महीने हो चुके हैं. लॉकडाउन के अचानक हुए इस ऐलान के बाद देश में हज़ारों प्रवासी मज़दूरों को अपने घरों के लिए पैदल ही चलना पड़ा क्यों अंतरराज्यीय बस और रेल सेवाएं बंद की जा चुकी थीं.
24 मार्च से लेकर अब तक देश भर में हुए कई सड़क हादसों में भी बड़ी संख्या में प्रवासी मज़दूरों की जान गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार लॉकडाउन के बाद सड़क हादसों और सेहत बिगड़ जाने से अब तक कुल 304 मज़दूरों की मौत हो चुकी है.
लॉकडाउन की घोषणा इसलिए की गई थी ताकि कोरोना वायरस के कम्युनिटी ट्रांसमिशन को रोका जा सके.
पीएम मोदी ने लोगों से घरों में रहने और फ़िज़िकल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील की थी. लेकिन अचानक हुई घोषणा के बाद भागमभाम सी मच गई और हज़ारों मज़दूर पैदल, साइकिल रिक्शा से और ट्रकों में लदकर जाने लगे.
इमेज स्रोत, BBC/Gopal Shoonya
लॉकडाउन के बाद गई जानें
मीडिया रिपोर्ट्स पर बीबीसी के एक विश्लेषण से पता चला है कि लॉकडाउन के बाद से 45 सड़क हादसे, 32 मेडिकल इमर्जेंसी और पांच ट्रेन हादसे हुए हैं जिनमें सैकड़ों मज़दूरों की जान गई.
इस विश्लेषण के अनुसार, मज़दूरों की सबसे ज़्यादा मौतें सड़क हादसों में हुईं.
सड़क हादसों के बाद हज़ारों किलोमीटर के रास्तों पर पैदल चलते-चलते सबसे ज़्यादा मज़दूरों की मौत हुई है. विश्लेषण से पता चला है कि पैदल चलते-चलते ज़्यादा थकान की वजह से मरने वालों में हर उम्र के लोग शामिल हैं: युवा और बुज़ुर्ग दोनों.
65 साल के रामकृपाल ने मुंबई से उत्तर प्रदेश स्थित अपने घर पैदल ही जाने का फ़ैसला किया था. उन्होंने पैदल चलकर और लिफ़्ट लेकर 1,500 किलोमीटर की दूरी तय भी कर ली थी लेकिन अपने गाँव पहुंचकर वो इस कदर थक चुके थे कि उनकी मौत हो गई.
एक अन्य घटना में, 12 साल की एक बच्ची तेलंगाना के मुलुग ज़िले से छत्तीसगढ़ के बीजापुर के लिए पैदल ही निकली थी. वो तीन दिनों तक लगातार सैकड़ों किलोमीटर तक चली, घने जंगलों का रास्ता तय किया लेकिन फिर रास्ते में ही उसकी मौत हो गई.
बच्ची लॉकडाउन से पहले अपने चाचा समेत 13 अन्य प्रवासी मज़दूरों के साथ मिर्च के खेतों में काम करने गई थी.
इमेज स्रोत, BBC/Gopal Shoonya
ट्रेन दुर्घटना
मई की शुरुआत में महाराष्ट्र में औरंगाबाद के पास हुई रेल दुर्घटना में 16 मज़दूर मारे गए थे.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार ये मज़दूर 40 किलोमीटर तक पैदल चलने के बाद थककर सतना के पास रेलवे ट्रैक पर ही सो गए थे. उन्हें लगा था कि वहां से कोई ट्रेन नहीं गुजरेगी लेकिन वो एक मालगाड़ी की चपेट में आ गए. इस दुर्घटना में 20 में से 16 मज़दूरों की मौत हो गई थी.
इस हादसे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया था कि वो बेहद दुखी हैं. उन्होंने कहा कि लोगों को हर ज़रूरी मदद मुहैया कराई जाएगी.
एक अन्य घटना में, पैदल अपने घर को जाते हुए दो प्रवासी मज़दूर छत्तीसगढ़ के कोरिया ज़िले में एक मालगाड़ी की चपेट में आकर मारे गए थे.
ये दुर्घटना अप्रैल महीने में हुई थी. इससे पहले मार्च में, गुजरात के वापी ज़िले में भी पैदल चलती हुई दो महिला मज़दूरों की मालगाड़ी की चपेट में आकर मौत हो गी थी.
(हर दुर्घटना की कम से कम दो मीडिया रिपोर्ट्स से पुष्टि की गई है.)
- कोरोना वायरस के क्या हैं लक्षण और कैसे कर सकते हैं बचाव
- कोरोना वायरस से बचने के लिए मास्क पहनना क्यों ज़रूरी है?
- अंडे, चिकन खाने से फैलेगा कोरोना वायरस?
- कोरोना वायरस: बच्चों को कोविड-19 के बारे में कैसे बताएं?
- कोरोना वायरस: संक्रमण के बाद बचने की कितनी संभावना है
- कोरोना वायरस: क्या करेंसी नोट और सिक्कों से भी फैल सकता है?
- ‘फ़्लू’ जो कोरोना वायरस से भी ज़्यादा जानलेवा था
- कोरोना वायरस कैसे आपका धंधा-पानी मंदा कर रहा है?
- कोरोना वायरस: क्या मास्क आपको संक्रमण से बचा सकता है?
- क्या लहसुन खाने से ख़त्म हो जाता है कोरोना वायरस?
- कोरोना वायरस अभी की दुनिया को पूरी तरह से यूं बदल देगा
- कोरोना वायरस: बच्चों को कोविड-19 के बारे में कैसे बताएं?
- कोरोना वायरस: क्या गर्भ में ही मां से बच्चे को हो सकता है?
- कोरोना के बाद की दुनिया में राष्ट्रवाद, निगरानी और तानाशाही बढ़ेगी
- कोरोना काल में कैसे बनाए रखें अपनी रोमांटिक लाइफ़
- कोरोना वायरस: वो महिला जिन्होंने घरेलू मास्क घर-घर पहुंचाया
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
टॉप स्टोरी
ज़रूर पढ़ें
सबसे अधिक लोकप्रिय
सामग्री् उपलब्ध नहीं है