गृहमंत्री अमित शाह ने रतन लाल की पत्नी को ख़त में क्या लिखा?: प्रेस रिव्यू

इमेज स्रोत, Twitter/Amit Shah

पढ़ने का समय: 4 मिनट

दिल्ली में नागरिकता संशोधन क़ानून के समर्थकों और विरोधियों के बीच हिंसा में अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेल रतन लाल भी हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रतन अपने अधिकारियों को बचाते हुए गंभीर रूप घायल हो गए, जिसके बाद उनकी मौत हो गई.

द इंडियन एक्सप्रेस ने समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से लिखा है कि गृहमंत्री अमित शाह ने रतन लाल की पत्नी को ख़त लिखकर उन्हें सांत्वना दी है.

रिपोर्ट के मुताबिक़ शाह ने ख़त में लिखा, "आपके बहादुर पति एक ज़िम्मेदार पुलिसकर्मी थे, जिन्होंने गंभीर चुनौतियों का सामना किया. उन्होंने अपने देश की सेवा करते हुए सबसे बड़ा बलिदान दिया है. मैं ईश्वर से आपको इस कष्ट को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना करता हूं."

मंगलवार को दिल्ली पुलिस चीफ़ अमूल्य पटनायक, दिल्ली के एलजी अनिल बैजल, गृह मंत्रालय के राज्यमंत्री नित्यानंद राय और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने रतन लाल को श्रद्धांजलि दी.

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व चीफ़ जस्टिस प्रदीप नंदराजोग ने भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन की बात कही है

"क़ानून छिपाकर लागू करने से नीयत भी संदेहास्पद लगती है"

बॉम्बे हाईकोर्ट के रिटायर्ड चीफ जस्टिस प्रदीप नंदराजोग ने कहा है कि सीएए और एनआरसी के प्रति लोगों का गुस्सा असम के लोगों का अनुभव देखते हुए उपजा है, जहां इसे ग़लत तरीक़े से लागू किया गया.

द इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व जज जस्टिस प्रदीप नंदराजोग ने कहा, "हमें समझना चाहिए कि जिस तरह असम में एनआरसी लागू हुआ, वह बहुत बुरा था. सरकार ने आधारभूत नियम ही नहीं बताए थे. बड़ी संख्या में लोग अचानक से देश से बाहर हो गए. उन्हें नहीं पता था कि कटऑफ़ से पहले की तारीख का कौन सा दस्तावेज़ उनके लिए जन्म प्रमाण पत्र का काम करेगा."

उन्होंने कहा, "सबसे पहले सरकार को नियम बताने की ज़रूरत है कि लोगों को अपनी नागरिकता सिद्ध करने के लिए कौन से प्रमाण पत्र चाहिए होंगे. जब आप कोई काम छिपा-बचाकर करते हैं, तो आपकी अच्छी से अच्छी नीयत भी संदेहास्पद लगने लगती है."

सीएए को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर उन्होंने कहा, "हर किसी को सरकार की किसी नीति के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन करने का हक़ है. लोगों को इसका समर्थन करने का भी हक़ है. दोनों ही पक्ष अपना मत ज़ाहिर करने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन यह सब शांति से होना चाहिए."

इमेज स्रोत, Twitter/Nitish Kumar

इमेज कैप्शन, बिहार विधानसभा में साथी नेताओं के साथ नीतीश कुमार

बिहार विधानसभा में एनआरसी के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पास

एनआरसी के ख़िलाफ़ विधानसभा में प्रस्ताव पास करने वाला बिहार ऐसा पहला राज्य बन गया है जहां बीजेपी की गठबंधन वाली एनडीए सरकार सत्ता में है. ख़ास बात यह है कि बिहार में जेडीयू और बीजेपी की सरकार है. इस लिहाज़ से यह एनआरसी के ख़िलाफ़ खड़ा होने वाला पहला एनडीए राज्य है.

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहले भी एनआरसी के कुछ प्रावधानों के ख़िलाफ़ आपत्ति जताई थी. उन्होंने केंद्र सरकार को एनपीआर को उसके पिछले स्वरूप में लागू करने की मांग की है.

साथ ही, नीतीश ने कहा कि बिहार में राष्ट्रीय नागरिकता सूची की कोई ज़रूरत नहीं है. हालांकि, विधानसभा में यह प्रस्ताव लाए जाने के बाद बीजेपी के 54 विधायकों ने इसके ख़िलाफ़ वोट किया.

उधर आरजेडी से विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इसे अपनी जीत बताया और कहा कि इसी तरह सीएए को भी बिहार में लागू नहीं होने दिया जाएगा.

1 जून से खुली मिठाई पर भी 'बेस्ट बिफोर' की तारीख

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, ऐसे ही ट्रे में बिकने वाली मिठाइयों को लेकर एक्सपायरी डेट का नियम आया है.

फूड सेफ्टी ऐंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने 1 जून से मिठाई बेचने वाले सभी दुकानदारों के लिए अपने उत्पादों पर एक्सपायरी डेट लिखना अनिवार्य कर दिया है.

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक FSSAI ने यह आदेश लोगों से तमाम शिकायतें मिलने के बाद दिया है.

लोगों की शिकायत है कि खुली मिठाई बिना किसी एक्सपायरी डेट के बेची जाती है, जिससे तबीयत ख़राब होने का ख़तरा रहता है.

अपने आदेश में FSSAI ने कहा, "लोगों का हित ध्यान में रखते हुए यह फै़सला लिया गया है कि दुकानों में बिना पैकिंग वाली खुली मिठाई बेचने वाले कंटेनर या ट्रे में उस मिठाई की 'बेस्ट बिफोर' की तारीख ज़रूर लिखी होनी चाहिए."

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, IQAir की नई स्टडी में दिल्ली को दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी बताया गया है

दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी

दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में से दो-तिहाई भारत में हैं और दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी है.

IQAir की नई स्टडी के हवाले से हिंदुस्तान टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट में लिखा है कि, "दुनिया के 30 सबसे प्रदूषित शहरों में से 21 भारत के शहर हैं. ये सभी 30 शहर ग्रेटर एशिया के दायरे में आते हैं."

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वायु प्रदूषण के मामले में चीन ने भारत से बेहतर प्रगति की है. यह रिपोर्ट हवा में PM2.5 की मात्रा के आधार पर तैयार की गई है.

इस रिपोर्ट में गाज़ियाबाद को दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर और दिल्ली की सबसे प्रदूषित राजधानी बताया गया है.

अख़बार के अनुसार भारतीय अधिकारियों ने बिना रिपोर्ट देखे कोई भी बयान देने से इनकार कर दिया.

छोड़िए X पोस्ट
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त

चीनी कोर्ट ने लेखक को सुनाई 10 साल की सज़ा

चीन की एक अदालत ने चीन में पैदा हुए और स्वीडन की नागरिकता वाले लेखक गुई मिन्हाई को खुफ़िया जानकारी विदेशों तक पहुंचाने के जुर्म में 10 साल कैद की सज़ा सुनाई है.

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक गुई एक बेस्टसेलर लेखक हैं. वह पहले हॉन्गकॉन्ग में रहते थे और उनकी चीनी हुकूमत की आलोचना करने वाली किताबें खूब बिकीं.

साल 2018 में गुई को मेनलैंड पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया था. गिरफ़्तारी के दौरान वह स्वीडन के डिप्लोमैट के साथ बीजिंग जा रही ट्रेन में बैठे थे.

इस फैसले से चीन और स्वीडन के रिश्तों में खटास आई है. मंगलवार को स्वीडन ने अपने यहां चीन के राजदूत को तलब करके गुई की रिहाई की मांग करने को कहा.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)